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दहेज हत्या व उत्पीड़न के दोषी को सात साल की कैद, 15 हजार का लगाया अर्थदंड
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अपर सत्र न्यायाधीश /एफटीसी प्रथम नीरज कुमार बरनवाल ने दहेज हत्या व दहेज उत्पीड़न के आरोप में दोषी पाते हुए अयोध्या के इनायतनगर परसंवा गांव के निर्मल सिंह निवासी परसवां को सात वर्ष का कारावास 15 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
एडीजीसी काशीनाथ तिवारी के अनुसार लालगंज के तुलापुर गांव की वादी मुकदमा ललिता देवी ने पुलिस अधीक्षक अयोध्या को तहरीर देकर बताया था कि उसने अपनी पुत्री लक्ष्मी की शादी निर्मल सिंह निवासी परसवां थाना इनायतनगर जिला अयोध्या के साथ नौ मई 2003 को हिंदू रीति रिवाज से की थी। शादी के बाद से ही ससुराल वाले उसकी लड़की को कम दहेज लाने के लिए परेशान किया करते थे।
31 अक्तूबर 2003 को काफी समझाने पर लक्ष्मी के घर वालों ने आश्वासन देकर विदाई कराकर ले गया। बताया गया कि निर्मल सिंह का गांव के किसी अन्य लड़की के साथ संबंध था, इसका पुत्री लक्ष्मी ने काफी विरोध किया था।
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आरोप है कि निर्मल सिंह ने अपनी मां के सहयोग से लक्ष्मी को 25 मार्च 2004 को उसे जलाकर मार डाला। 26 मार्च 2004 को वादी को घटना की जानकारी हुई। कोर्ट ने आरोपी लीलावती को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। इस मामले में राज्य की ओर से पैरवी एडीजीसी काशीनाथ तिवारी ने की।
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एडीजीसी काशीनाथ तिवारी के अनुसार लालगंज के तुलापुर गांव की वादी मुकदमा ललिता देवी ने पुलिस अधीक्षक अयोध्या को तहरीर देकर बताया था कि उसने अपनी पुत्री लक्ष्मी की शादी निर्मल सिंह निवासी परसवां थाना इनायतनगर जिला अयोध्या के साथ नौ मई 2003 को हिंदू रीति रिवाज से की थी। शादी के बाद से ही ससुराल वाले उसकी लड़की को कम दहेज लाने के लिए परेशान किया करते थे।
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31 अक्तूबर 2003 को काफी समझाने पर लक्ष्मी के घर वालों ने आश्वासन देकर विदाई कराकर ले गया। बताया गया कि निर्मल सिंह का गांव के किसी अन्य लड़की के साथ संबंध था, इसका पुत्री लक्ष्मी ने काफी विरोध किया था।
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आरोप है कि निर्मल सिंह ने अपनी मां के सहयोग से लक्ष्मी को 25 मार्च 2004 को उसे जलाकर मार डाला। 26 मार्च 2004 को वादी को घटना की जानकारी हुई। कोर्ट ने आरोपी लीलावती को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। इस मामले में राज्य की ओर से पैरवी एडीजीसी काशीनाथ तिवारी ने की।