फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   sevayojan office news

नौकरी की आस में पथरा रहीं दो लाख बेरोजगारों की आंखें

Sun, 03 Jul 2016 12:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़ Updated Sun, 03 Jul 2016 12:11 AM IST
विज्ञापन
sevayojan office news
job
जिला सेवायोजन कार्यालय सिर्फ शिक्षित बेरोजगारों का पंजीकरण केन्द्र बनकर रह गया है। जिले में शिक्षित बेरोजगारों की फौज होने के बाद भी विभाग रोजगार दिलाने में नाकाम साबित हो रहा है। विभाग के आंक ड़ों पर गौर किया जाए तो एक साल में मात्र चार सौ बेरोजगारों को ही सेवायोजन कार्यालय से रोजगार मिला है। 50 रुपये खर्च करके रोजगार दफ्तार में आनलाइन पंजीयन कराने के बाद भी भी बेरोजगार की समस्या दूर नहीं हो पा रही है। उन्हें काम की तलाश में दर-दर भटकना पड़ रहा है। मौजूदा समय में इस कार्यालय में दो लाख 6 हजार 628  शिक्षितों ने पंजीकरण करा रखा है। इनमें हाईस्कूल से लेकर परास्नातक व आईटीआई जैसे तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षित बेरोजगार शामिल हैं। जनवरी से अब तक तीन कंपनियों ने सेवायोजन कार्यालय में रोजगार मेला लगाया। विभाग में पंजीकृत के साथ बगैर पंजीयन कराने वाले लोगों से साक्षत्कार लिया गया। मार्च में 271, अप्रैल में 67 व मई में 45 लोगों का चयन किया गया। इनमें महिलाओं को एक बार भी मौका नहीं मिला।
विज्ञापन


बाकी बेरोजगार आज भी रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं। सदर विकास खंड के राजगढ़ बबुरहा की रहने वाली सीमा पटेल पत्नी राम शिरोमणि ने बताया कि उसने पांच वर्ष पहले एमए की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद तत्काल जिला सेवायोजन कार्यालय में अपना पंजीयन कराया। मगर आज तक रोजगार नहीं मिला। वहीं सदर विकास खंड के दहिलामऊ निवासी राहुल मिश्र पुत्र प्रेमचन्द्र ने बताया कि वह बीएससी की पढ़ाई पूरी कर चुका है। दो वर्ष से रोजगार के लिए परेशान है। सेवायोजन कार्यालय में पंजीयन कराया है मगर, नौकरी नहीं मिल रही है। रोजगार मेला में सिक्योरिटी गार्ड के लिए आवेदन मांगा जाता है। एक बार उसने आवेदन किया था। कंपनी उसे अपने साथ नोएडा लेकर गई। यहां उससे पांच हजार रुपये की मांग शुरू कर दी गई। वह कंपनी छोड़कर चला आया। इसी तरह दहिलामऊ के आशुतोष मिश्र ने बताया कि  बीए की पढ़ाई करने के बाद ही सेवायोजन कार्यालय में रोजगार की तलाश के लिए पंजीयन करा लिया था। मगर रोजगार का इंतजार करते-करते आंखें पथरा गईं। उम्र भी ढलती जा रही है, मगर रोजगार नहीं मिल रहा है।
विज्ञापन

-
पड़ोस जनपद की प्राइवेट कंपनियां नहीं निकालती फार्म
पड़ोस जनपद जौनपुर के सतहरिया में कई प्राइवेट कंपनियां संचालित हो रही हैं। उधर इलाहाबाद के नैनी में कई कंपनियां संचालित हो रही हैं। फतेहपुर में कई प्राइवेट कंपनिया हैं, मगर किसी में बेरोजगारों को रोजगार दिलाने के लिए सेवायोजन अधिकारी प्रयास नहीं करते हैं। कारण यह है कि इन कंपनियों में काम तो तमाम लोग कर रहे हैं, मगर कंपनी के कर्मचारी कुछ ही लोग हैं। ज्यादातर लोग ठेकेदार के अंडर में काम करते हैं। ठेकेदार माह में डेढ़ से दो हजार रुपये देते हैं बाकी कंपनी से पैसा ज्यादा लेेकर उसे हजम कर जाते हैं। शासन चाहे तो संचालित हो रहीं प्राइवेट कंपनियों में ठेकेदारी हटाकर बेरोजगारों को स्थाई नौकरी दे सकती है। अगर ऐसा हो जाता है तो बेल्हा में बेरोजगारों की फौज कम हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed