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ट्रांसफार्मर ब्लैक में बेचने व बिल संशोधन कर लाखों के हेरफेर में फंसे एसडीओ पट्टीइअबइबइ
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ट्रांसफार्मर ब्लैक में बेचने व बिल संशोधन में लाखों रुपये के हेरफेर के मामले में फंसे एसडीओ पट्टी के खिलाफ जांच शुरू हो गई है। भाजपा जिलाध्यक्ष हरिओम मिश्र की शिकायत के बाद घपलेबाजी की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। इससे पहले भी एसडीओ के खिलाफ कई बार शिकायतें हो चुकी हैं। इधर, जांच शुरू होने से उपखंड कार्यालय में हड़कंप मचा है।
एसडीओ श्याम बिहारी प्रसाद की पट्टी उपखंड में करीब पांच साल से तैनात हैं। बीते मई माह में भाजपा जिलाध्यक्ष हरिओम मिश्र ने उन पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रबंध निदेशक से शिकायत की थी। उन पर ट्रांसफार्मर ब्लैक में बेचने व बिल संशोधन के नाम पर लाखों रुपये की हेराफेरी का आरोप लगाते हुए प्रबंधक निदेशक वाराणसी से शिकायत की गई थी। आरोप लगाया था कि पट्टी एसडीओ द्वारा बिल संशोधन के नाम पर लाखों का हेरफेर किया जा रहा है।
उनके खिलाफ कई शिकायतें आ रही हैं। तीन लाख रुपये के बिल को संशोधित कर 10 हजार रुपये कर दिया गया है। इससे विभाग की छवि धूमिल हो रही है। जिस पर अधीक्षण अभियंता सतपाल की ओर से दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई। जांच कमेटी में लालगंज के अधिशासी अभियंता आशीष कुमार सेठ व लेखाकार राकेश कुमार गुप्ता को सदस्य बनाया गया है।
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आरोपी एसडीओ पट्टी के खिलाफ दो सदस्यीय कमेटी ने जांच शुरू कर दी है। इधर, जांच शुरू होने से पट्टी उपखंड कार्यालय में तैनात कर्मचारियों की बेचैनी बढ़ गई है। दरअसल, इस मामले में कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा सकती है। इसके अलावा पुराने अभिलेख भी खंगाले जाएंगे। उनकी भी गहनता से जांच होगी। अधीक्षण अभियंता सतपाल ने बताया कि एसडीओ पट्टी के मामले में दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है। टीम पूरे मामले की जांच करेगी। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी हो चुकी हैं कई शिकायतें
पट्टी एसडीओ एसबी प्रसाद पर बिल में हेरफेर व ट्रांसफार्मर ब्लैक में बेचने का आरोप लगा है। इस मामले में जांच की जा रही है। सूत्रों के अनुसार इसके पहले भी उनके खिलाफ कई बार शिकायतें की गई हैं।
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एसडीओ श्याम बिहारी प्रसाद की पट्टी उपखंड में करीब पांच साल से तैनात हैं। बीते मई माह में भाजपा जिलाध्यक्ष हरिओम मिश्र ने उन पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रबंध निदेशक से शिकायत की थी। उन पर ट्रांसफार्मर ब्लैक में बेचने व बिल संशोधन के नाम पर लाखों रुपये की हेराफेरी का आरोप लगाते हुए प्रबंधक निदेशक वाराणसी से शिकायत की गई थी। आरोप लगाया था कि पट्टी एसडीओ द्वारा बिल संशोधन के नाम पर लाखों का हेरफेर किया जा रहा है।
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उनके खिलाफ कई शिकायतें आ रही हैं। तीन लाख रुपये के बिल को संशोधित कर 10 हजार रुपये कर दिया गया है। इससे विभाग की छवि धूमिल हो रही है। जिस पर अधीक्षण अभियंता सतपाल की ओर से दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई। जांच कमेटी में लालगंज के अधिशासी अभियंता आशीष कुमार सेठ व लेखाकार राकेश कुमार गुप्ता को सदस्य बनाया गया है।
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आरोपी एसडीओ पट्टी के खिलाफ दो सदस्यीय कमेटी ने जांच शुरू कर दी है। इधर, जांच शुरू होने से पट्टी उपखंड कार्यालय में तैनात कर्मचारियों की बेचैनी बढ़ गई है। दरअसल, इस मामले में कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा सकती है। इसके अलावा पुराने अभिलेख भी खंगाले जाएंगे। उनकी भी गहनता से जांच होगी। अधीक्षण अभियंता सतपाल ने बताया कि एसडीओ पट्टी के मामले में दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है। टीम पूरे मामले की जांच करेगी। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी हो चुकी हैं कई शिकायतें
पट्टी एसडीओ एसबी प्रसाद पर बिल में हेरफेर व ट्रांसफार्मर ब्लैक में बेचने का आरोप लगा है। इस मामले में जांच की जा रही है। सूत्रों के अनुसार इसके पहले भी उनके खिलाफ कई बार शिकायतें की गई हैं।