{"_id":"611fba438ebc3e06046cd8bf","slug":"schools-will-be-updated-digitally-every-school-will-have-a-website-children-s-email-id-will-be-made-pratapgarh-news-ald313756518","type":"story","status":"publish","title_hn":"डिजिटल अपडेट होंगे विद्यालय, हर स्कूल की होगी वेबसाइट, बच्चों की बनेगी ईमेल आईडी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डिजिटल अपडेट होंगे विद्यालय, हर स्कूल की होगी वेबसाइट, बच्चों की बनेगी ईमेल आईडी
Fri, 20 Aug 2021 11:14 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 20 Aug 2021 11:14 PM IST
सार
माध्यमिक विद्यालयों में डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए विद्यालयों की वेबसाइट तैयार की जाएगी। उस पर पाठ्यक्रम से जुड़ी सामाग्री लोड की जाएगी।
विज्ञापन
education
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
माध्यमिक विद्यालयों में डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए विद्यालयों की वेबसाइट तैयार की जाएगी। उस पर पाठ्यक्रम से जुड़ी सामाग्री लोड की जाएगी। बच्चों की ई-मेल आईडी बनाई जाएगी। डीआईओएस ने इसके लिए प्रधानाचार्यों को दो महीने का समय दिया है।
जिले में 44 राजकीय, 78 सहायता प्राप्त व 600 से अधिक वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालय हैं।
कोरोना काल में स्कूल-कालेज बंद होने के बाद ऑनलाइन शिक्षा की शुरुआत की गई। शासकीय, सहायता प्राप्त व वित्तवहीन सभी विद्यालयों में ऑनलाइन क्लास के जरिए बच्चों को शिक्षा दी गई। कोरोना संक्रमण के चलते विद्यालयों का संचालन समुचित ढंग से नहीं हो सका। इस दौरान माध्यमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राएं ऑनलाइन शिक्षा से जुड़े रहे। इसका परिणाम सकारात्मक रहा। अब 16 अगस्त से विद्यालय खुल गए हैं।
विद्यालयों में कक्षाओं के संचालन के साथ ही डिजिटल साक्षरता को भी बढ़ावा देने की तैयारी है। माध्यमिक विद्यालयों में डिजिटल साक्षरता शुरू की जाएगी। इसके लिए सभी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की ईमेल आईडी बनाई जाएगी। विद्यालय की अपनी वेबसाइट होगी। जिसमें पाठ्य सामग्रियों को अपलोड किया जाएगा।
विज्ञापन
छात्र-छात्राओं को ई-मेल करना, फाइल बनाना, इंटरनेट के जरिये सूचना प्राप्त करना, पाठ्यक्रम से जुड़ी सामग्री को इंटरनेट से डाउनलोड करना सहित अन्य कार्य सिखाए जाएंगे। सभी विद्यालयों में डिजिटल क्लासरूम व वर्चुअल लैब की व्यवस्था की जाएगी। डीआईओएस डॉ. सर्वदानंद ने बताया कि डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए यह पहल की जा रही है।
विज्ञापन
जिले में 44 राजकीय, 78 सहायता प्राप्त व 600 से अधिक वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालय हैं।
कोरोना काल में स्कूल-कालेज बंद होने के बाद ऑनलाइन शिक्षा की शुरुआत की गई। शासकीय, सहायता प्राप्त व वित्तवहीन सभी विद्यालयों में ऑनलाइन क्लास के जरिए बच्चों को शिक्षा दी गई। कोरोना संक्रमण के चलते विद्यालयों का संचालन समुचित ढंग से नहीं हो सका। इस दौरान माध्यमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राएं ऑनलाइन शिक्षा से जुड़े रहे। इसका परिणाम सकारात्मक रहा। अब 16 अगस्त से विद्यालय खुल गए हैं।
विज्ञापन
विद्यालयों में कक्षाओं के संचालन के साथ ही डिजिटल साक्षरता को भी बढ़ावा देने की तैयारी है। माध्यमिक विद्यालयों में डिजिटल साक्षरता शुरू की जाएगी। इसके लिए सभी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की ईमेल आईडी बनाई जाएगी। विद्यालय की अपनी वेबसाइट होगी। जिसमें पाठ्य सामग्रियों को अपलोड किया जाएगा।
विज्ञापन
छात्र-छात्राओं को ई-मेल करना, फाइल बनाना, इंटरनेट के जरिये सूचना प्राप्त करना, पाठ्यक्रम से जुड़ी सामग्री को इंटरनेट से डाउनलोड करना सहित अन्य कार्य सिखाए जाएंगे। सभी विद्यालयों में डिजिटल क्लासरूम व वर्चुअल लैब की व्यवस्था की जाएगी। डीआईओएस डॉ. सर्वदानंद ने बताया कि डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए यह पहल की जा रही है।