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सई का उफान थमा, अब एक घंटे में एक सेंटीमीटर
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बेल्हा देवी धाम स्थित शिव मंदिर तक पहुंचा सई नदी के बाढ़ पानी।
- फोटो : PRATAPGARH
सई नदी का उफान अब थमने लगा है। अभी तक नदी का पानी एक घंटे में दो से लेकर तीन सेंटीमीटर बढ़ रहा था। वह अब एक घंटे में एक सेंटीमीटर तक बढ़ रहा है। पानी अभी भी खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है।
बस्तियों की ओर सई नदी का पानी लगातार बढ़ रहा है। मकान डूबने के साथ ही लोगों की फसल भी पूरी तरह से जलमग्न हो चुकी हैं। फिलहाल नदी का उफान कम होने से जिला प्रशासन राहत की सांस ले रहा है।
जिले में चार दिनों तक हुई बरसात के चलते सई नदी उफान पर आ गई। नदी खतरे के निशान से महज कुछ सेंटीमीटर दूर है। हालांकि जिले के लोगों के लिए राहत की बात यह है कि सई नदी जिस वेग से बढ़ रही थी, वह रफ्तार अब कम हो गई है। अब सई नदी एक घंटे में एक सेंटीमीटर ही बढ़ रही है।
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सोमवार की शाम तक सई नदी का पानी 84.230 सेंटीमीटर तक पहुंचा था। उफनाई सई नदी का पानी बेल्हा देवी मंदिर की सीढ़ियों के ऊपर पहुंच गया। पानी केंद्रीय जल आयोग कार्यालय के भीतर भी प्रवेश कर गया। पटखौली में भी सई नदी का पानी घुस गया है।
जिससे कुछ घरों के लोगों का निकलना बंद हो गया है। सदर विकासखंड के कादीपुर, महुआर के तटीय इलाके से नदी का पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया है। यहां मकान पानी में डूबे हुए हैं और फसलें भी पूरी तरह से जलमग्न नजर आ रहे हैं।
सई नदी के तटीय इलाकों में लगातार पानी बढ़ रहा है। बेल्हा देवी घाट के करीब बने मकान में रहने वाले लोग पहले ही सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। उफनाई नदी के पानी से दहिलामऊ के पश्चिमी छोर पर बसी बस्ती टापू बन चुकी है। हालांकि खतरे की आशंका को देखते हुए लोग सुरक्षित स्थान पर चले गए हैं।
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बस्तियों की ओर सई नदी का पानी लगातार बढ़ रहा है। मकान डूबने के साथ ही लोगों की फसल भी पूरी तरह से जलमग्न हो चुकी हैं। फिलहाल नदी का उफान कम होने से जिला प्रशासन राहत की सांस ले रहा है।
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जिले में चार दिनों तक हुई बरसात के चलते सई नदी उफान पर आ गई। नदी खतरे के निशान से महज कुछ सेंटीमीटर दूर है। हालांकि जिले के लोगों के लिए राहत की बात यह है कि सई नदी जिस वेग से बढ़ रही थी, वह रफ्तार अब कम हो गई है। अब सई नदी एक घंटे में एक सेंटीमीटर ही बढ़ रही है।
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सोमवार की शाम तक सई नदी का पानी 84.230 सेंटीमीटर तक पहुंचा था। उफनाई सई नदी का पानी बेल्हा देवी मंदिर की सीढ़ियों के ऊपर पहुंच गया। पानी केंद्रीय जल आयोग कार्यालय के भीतर भी प्रवेश कर गया। पटखौली में भी सई नदी का पानी घुस गया है।
जिससे कुछ घरों के लोगों का निकलना बंद हो गया है। सदर विकासखंड के कादीपुर, महुआर के तटीय इलाके से नदी का पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया है। यहां मकान पानी में डूबे हुए हैं और फसलें भी पूरी तरह से जलमग्न नजर आ रहे हैं।
सई नदी के तटीय इलाकों में लगातार पानी बढ़ रहा है। बेल्हा देवी घाट के करीब बने मकान में रहने वाले लोग पहले ही सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। उफनाई नदी के पानी से दहिलामऊ के पश्चिमी छोर पर बसी बस्ती टापू बन चुकी है। हालांकि खतरे की आशंका को देखते हुए लोग सुरक्षित स्थान पर चले गए हैं।

घुइसरनाथ धाम में पैदल पुल के ऊपर से बहता सई नदी के बाढ़ का पानी।- फोटो : PRATAPGARH

घुइसरनाथ धाम में पैदल पुल के ऊपर से बहता सई नदी के बाढ़ का पानी।- फोटो : PRATAPGARH

घुइसरानाथ धाम में सई के बाढ़ के पानी में डूबी सडक।- फोटो : PRATAPGARH

कुंडा के गयासुपर रेलवे अंडर पास में भरा बारिश का पानी।- फोटो : PRATAPGARH