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सेटिंग ने किया रोडवेज का बेड़ा चौपट
ब्यूरो/अमर उजाला प्रतापगढ़
Updated Mon, 27 Apr 2015 11:39 PM IST
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परिवहन निगम के अधिकारी प्राइवेट बस मालिकों से सेटिंग कर विभाग को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। जिस रोड पर प्राइवेट बसें हावी हैं उस मार्ग पर रोडवेज की बसें न चलें, इसके लिए अधिकारियों का मुंह बंद रखने की बोली लगाते हैं। यही वजह है कि लोकल रूट पर चलने वाली बसों का कोई समय और दिन निश्चित नहीं होता है। परिवहन निगम की बसें लंबी दूरी की सड़कों पर दौड़ती तो नजर आती हैं। मगर लोकल रूट पर अधिकारियों की इच्छा पर निर्भर करती हैं। अधिकांश मार्ग ऐसे हैं जहां रोडवेज की बसें कागज पर चल रही हैं। लोकल रूट पर चलने वाली बसों का समय तो निर्धारित है। प्रतापगढ़ से चंद्रिकन वाया अठेहा के रास्ते लखनऊ जाने के लिए रोडवेज की बस बीते कई वर्षों से चल रही थी।
नियमित बस के चलने से यात्रियों की संख्या में भी काफी इजाफा हुआ। सुबह साढ़े छह बजे डिपो से निकलने वाली बस शाम को साढे़ सात बजे वापस आती थी। मगर, यह बस इन दिनों बंद कर दी गई है। स्थानीय लोगों की मानें तो सुबह डिपो से निकलने वाली बस के स्थान पर एक प्राइवेट बस चलने लगी। यात्रियों का आरोप हैकि प्राइवेट बस संचालकों से अधिकारियों का समझौता होने के कारण यह बस बंद कर दी गई है। बादशाहपुर, रानीगंज, पट्टी और लालगंज आदि मार्गों पर बसें कागज पर चल रही हैं। एआरएम के लाल ने प्राइवेट संचालकों से किसी भी प्रकार के समझौते से इंकार करते हुए बताया कि हमारे आने के पहले जो मार्ग निर्धारित थे, उसी पर बसें चल रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी बस को बंद किया जाता है, तो उसके पीछे कम आमदनी प्रमुख कारण होता है।
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नियमित बस के चलने से यात्रियों की संख्या में भी काफी इजाफा हुआ। सुबह साढ़े छह बजे डिपो से निकलने वाली बस शाम को साढे़ सात बजे वापस आती थी। मगर, यह बस इन दिनों बंद कर दी गई है। स्थानीय लोगों की मानें तो सुबह डिपो से निकलने वाली बस के स्थान पर एक प्राइवेट बस चलने लगी। यात्रियों का आरोप हैकि प्राइवेट बस संचालकों से अधिकारियों का समझौता होने के कारण यह बस बंद कर दी गई है। बादशाहपुर, रानीगंज, पट्टी और लालगंज आदि मार्गों पर बसें कागज पर चल रही हैं। एआरएम के लाल ने प्राइवेट संचालकों से किसी भी प्रकार के समझौते से इंकार करते हुए बताया कि हमारे आने के पहले जो मार्ग निर्धारित थे, उसी पर बसें चल रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी बस को बंद किया जाता है, तो उसके पीछे कम आमदनी प्रमुख कारण होता है।
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