{"_id":"57c07ef74f1c1bb47ed4f31d","slug":"road-jaam-in-in-janamastmhi","type":"story","status":"publish","title_hn":"यातायात नौ घंटे रहा बाधित जन्माष्टमी पर भीषण जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यातायात नौ घंटे रहा बाधित जन्माष्टमी पर भीषण जाम
प्रतापगढ़ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 26 Aug 2016 11:32 PM IST
विज्ञापन
न्यूज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुरुवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर भक्तिधाम मनगढ़ में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। वाहनों का रेला और भीड़ इस कदर उमड़ी कि कुंडा से मनगढ़ के बीच करीब छह किमी लंबा जाम लग गया। हजारों लोग गाड़ियों के रेले में फंस गए। शाम सात बजे से लगा जाम सुबह करीब चार बजे तक रहा। पुलिस दौड़ती रही, लाठियां फटकारती रही, लेकिन पब्लिक संभाले नहीं संभली।
कृष्ण की भक्ति में लीन हर कोई बस भक्तिधाम पहुंचने के लिए बेचैन था। भीषण जाम के चलते सैकड़ों लोगों ने जाम में फंसी गाड़ियों में ही राधे-राधे कह कान्हा का जन्मोत्सव मना लिया, वहीं बड़ी संख्या में लोग भीषण जाम देखकर लौट गए।
भक्तिधाम मनगढ़ में पहुंचने के लिए शाम छह बजे से ही श्रद्धालुओं का रेला निकल पड़ा। दोनों तरफ से भारी संख्या में लोग वाहनों से मनगढ़ में दर्शन के लिए पहुंचने लगे।
विज्ञापन
एक ही घंटे में दोनों तरफ जाम लग गया। वाहनों में रस्साकशी शुरू हुई तो लोगों को खेतों की तरफ से निकलना पड़ा। बावजूद इसके उन्हें रास्ता नहीं मिल रहा था। हालत यह थी कि पुलिस के होने के बाद भी डीएम, एसडीएम को भी जाम से जूझना पड़ा। हालांकि पुलिस लाठी पटकती रही लेकिन लोग मान नहीं रहे थे। शाम सात बजे से शुरू हुआ जाम सुबह चार बजे तक लगा रहा।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर लगी झांकियों को देखने और जन्मोत्सव कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भीड़ मंदिर के लिए चली तो शाम सात बजे से ऊगापुर और मंदिर के बीच जाम लग गया। पुलिस मेहनत कर रही थी लेकिन वाहनों का रेला थमने का नाम ही नहीं ले रहा था। करीब साढ़े आठ बजे डीएम की गाड़ी और उनके पीछे कुंडा एसडीएम, सदर एसडीएम की गाड़ी भी पहुंच गई। कुंडा की तरफ से आ रही इन तीनों अधिकारियों की गाड़ी जाम में फंस गई। इसके बाद पुलिस को सूचना हुई तो पुलिस ने फिर से लाठियां पटकनी शुरू की। करीब एक घंटे में अधिकारियों की गाड़ी मंदिर तक पहुंच सकी।
इसके बाद फिर से जाम की स्थिति बन गई। शाम को करीब 10 बजे मंदिर से निकलने वाले लोग 12 बजे घर पहुंचे तो जो लोग और देर से निकले वह रात के चार बजे जाम से निकल पाए। उधर तमाम कवायदों के बाद भी शहर में जिला महिला अस्पताल के पास अवैध्ा पार्किंग की वजह से लगने वाले जाम की समस्या खत्म नहीं कराई जा सकी। नतीजतन रोज की तरह शुक्रवार को भी यहंा घंटों जाम से राहगीर जुझते रहे।
विज्ञापन
कृष्ण की भक्ति में लीन हर कोई बस भक्तिधाम पहुंचने के लिए बेचैन था। भीषण जाम के चलते सैकड़ों लोगों ने जाम में फंसी गाड़ियों में ही राधे-राधे कह कान्हा का जन्मोत्सव मना लिया, वहीं बड़ी संख्या में लोग भीषण जाम देखकर लौट गए।
विज्ञापन
भक्तिधाम मनगढ़ में पहुंचने के लिए शाम छह बजे से ही श्रद्धालुओं का रेला निकल पड़ा। दोनों तरफ से भारी संख्या में लोग वाहनों से मनगढ़ में दर्शन के लिए पहुंचने लगे।
विज्ञापन
एक ही घंटे में दोनों तरफ जाम लग गया। वाहनों में रस्साकशी शुरू हुई तो लोगों को खेतों की तरफ से निकलना पड़ा। बावजूद इसके उन्हें रास्ता नहीं मिल रहा था। हालत यह थी कि पुलिस के होने के बाद भी डीएम, एसडीएम को भी जाम से जूझना पड़ा। हालांकि पुलिस लाठी पटकती रही लेकिन लोग मान नहीं रहे थे। शाम सात बजे से शुरू हुआ जाम सुबह चार बजे तक लगा रहा।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर लगी झांकियों को देखने और जन्मोत्सव कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भीड़ मंदिर के लिए चली तो शाम सात बजे से ऊगापुर और मंदिर के बीच जाम लग गया। पुलिस मेहनत कर रही थी लेकिन वाहनों का रेला थमने का नाम ही नहीं ले रहा था। करीब साढ़े आठ बजे डीएम की गाड़ी और उनके पीछे कुंडा एसडीएम, सदर एसडीएम की गाड़ी भी पहुंच गई। कुंडा की तरफ से आ रही इन तीनों अधिकारियों की गाड़ी जाम में फंस गई। इसके बाद पुलिस को सूचना हुई तो पुलिस ने फिर से लाठियां पटकनी शुरू की। करीब एक घंटे में अधिकारियों की गाड़ी मंदिर तक पहुंच सकी।
इसके बाद फिर से जाम की स्थिति बन गई। शाम को करीब 10 बजे मंदिर से निकलने वाले लोग 12 बजे घर पहुंचे तो जो लोग और देर से निकले वह रात के चार बजे जाम से निकल पाए। उधर तमाम कवायदों के बाद भी शहर में जिला महिला अस्पताल के पास अवैध्ा पार्किंग की वजह से लगने वाले जाम की समस्या खत्म नहीं कराई जा सकी। नतीजतन रोज की तरह शुक्रवार को भी यहंा घंटों जाम से राहगीर जुझते रहे।