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राइस मिल संचालकों की हड़ताल ने धान खरीद पर लगाया ब्रेक
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Rice mill operators' strike put brake on paddy purchase
राइस मिल संचालकों की हड़ताल से धान खरीद पर ब्रेक लग गया है। राइस मिलर धान की दराई के बाद चावल का औसत घटाने की मांग कर रहे हैं। विभाग उनकी बात सुनने के लिए तैयार नहीं है।
जिले में एक नवंबर से धान खरीद हो रही है। अभी तक किसानों का जो धान खरीदा गया है, वह क्रय केंद्रों पर ही डंप है।
जिले के राइस मिलर धान लेने के लिए तैयार नहीं हैं। राइस मिल संचालकों की मांग की है कि चावल की रिकवरी बढ़ाई जाए। किसानों से जो धान खरीदा जा रहा है, उसमें 67 प्रतिशत चावल की रिकवरी नहीं हो पा रही है। इधर, विभागीय अधिकारी रिकवरी बढ़ाने के लिए तैयार नहीं हैं। क्रय केंद्रों पर पहले से धान डंप होने से प्रभारी खरीदने के बजाय अपनी समस्या बताकर किसानों को लौटा दे रहे हैं। इससे बिचौलिए किसानों का धान औने-पौने दाम पर खरीद रहे हैं।
बेलखरनाथधाम ब्लॉक के सनी गांव में दो धान क्रय केंद्र बनाए गए हैं, जहां तहसील के दर्जनों गांवों के किसान अपना धान बेचने के लिए परेेशान हैं। किसानों को रबी की फसल की बुवाई के लिए रुपये की आवश्यकता है, इसलिए वह बिचौलियों के हाथ धान बेचने के लिए मजबूर हैं। विजहरा गांव के किसान अरविंद सिंह ने बताया कि कई बार निरीक्षक से संपर्क किया गया, मगर उन्होंने खरीद करने से इनकार कर दिया।
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इसी तरह किसान अनिल और सुनील कुमार ने बताया कि क्रय केंद्र प्रभारी कहते हैं कि जब तक राइस मिलर की हड़ताल नहीं खत्म होती है, तब तक धान लेकर हम क्या करेंगे। जिला खाद्य विपणन अधिकारी अजीत कुमार त्रिपाठी ने बताया कि राइस मिलरों से कई दौर की वार्ता हुई, मगर वे अपनी जिद पर कायम हैं। शीर्ष अधिकारियों को हड़ताल से अवगत कराया गया है। जल्द ही कोई ठोस पहल होगी।
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जिले में एक नवंबर से धान खरीद हो रही है। अभी तक किसानों का जो धान खरीदा गया है, वह क्रय केंद्रों पर ही डंप है।
जिले के राइस मिलर धान लेने के लिए तैयार नहीं हैं। राइस मिल संचालकों की मांग की है कि चावल की रिकवरी बढ़ाई जाए। किसानों से जो धान खरीदा जा रहा है, उसमें 67 प्रतिशत चावल की रिकवरी नहीं हो पा रही है। इधर, विभागीय अधिकारी रिकवरी बढ़ाने के लिए तैयार नहीं हैं। क्रय केंद्रों पर पहले से धान डंप होने से प्रभारी खरीदने के बजाय अपनी समस्या बताकर किसानों को लौटा दे रहे हैं। इससे बिचौलिए किसानों का धान औने-पौने दाम पर खरीद रहे हैं।
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बेलखरनाथधाम ब्लॉक के सनी गांव में दो धान क्रय केंद्र बनाए गए हैं, जहां तहसील के दर्जनों गांवों के किसान अपना धान बेचने के लिए परेेशान हैं। किसानों को रबी की फसल की बुवाई के लिए रुपये की आवश्यकता है, इसलिए वह बिचौलियों के हाथ धान बेचने के लिए मजबूर हैं। विजहरा गांव के किसान अरविंद सिंह ने बताया कि कई बार निरीक्षक से संपर्क किया गया, मगर उन्होंने खरीद करने से इनकार कर दिया।
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इसी तरह किसान अनिल और सुनील कुमार ने बताया कि क्रय केंद्र प्रभारी कहते हैं कि जब तक राइस मिलर की हड़ताल नहीं खत्म होती है, तब तक धान लेकर हम क्या करेंगे। जिला खाद्य विपणन अधिकारी अजीत कुमार त्रिपाठी ने बताया कि राइस मिलरों से कई दौर की वार्ता हुई, मगर वे अपनी जिद पर कायम हैं। शीर्ष अधिकारियों को हड़ताल से अवगत कराया गया है। जल्द ही कोई ठोस पहल होगी।