{"_id":"5fa302188ebc3e9bac5effa1","slug":"revenue-villages-will-not-be-limited-pratapgarh-news-ald2907645180","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजस्व गांवों का नहीं होगा परिसीमन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजस्व गांवों का नहीं होगा परिसीमन
विज्ञापन
Revenue villages will not be limited
जिले में पंचायत चुनाव से पहले गाम पंचायतों के राजस्व गांवों का परिसीमन इस बार नहीं होगा। पंचायती राज विभाग को परिसीमन न कराने का आदेश मिल गया है। इस बार परिसीमन नहीं होगी, आगामी जनगणना के बाद परिसीमन हो सकता है। नगर पालिका व नगर पंचायतों में 48 गांव शामिल किए गए हैं लेकिन वे पूरा राजस्व गांव ही शामिल किए गए हैं।
जिले में 17 विकासखंड के 1207 ग्राम पंचायत है। अब पंचायत चुनाव की सरगर्मियां तेज होती जा रही है। राजस्व गांवों में कुछ गांव ऐसे हैं, जिनकी आबादी एक हजार से अधिक हो चुकी है। इन्हें पूर्ण ग्राम पंचायत का दर्जा मिलना है।
चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे प्रत्याशी अब कुछ राजस्व गांव एवं मजरों को पूर्ण रूप से ग्राम पंचायत का दर्जा दिलाने की मांग करने लगे थे। जोगापुर के कीना का पुरवा को शहरी क्षेत्र से अलग करने की मांग की जा रही थी। सोनावां के कुछ अंश को भी दूसरे गांव में शामिल करने की मांग उठी थी।
विज्ञापन
जिसके चलते पूर्व में पंचायती राज विभाग ने शासन से पत्राचार किया था लेकिन शासन से साफ निर्देश मिला है कि इस बार पंचायत चुनाव से पहले जनपद में परिसीमन नहीं होगा। 2015 के पंचायत चुनाव में परिसीमन के दौरान 50 गांव बढ़े थे। 1255 ग्राम पंचायतों में से कुल 48 ग्राम पंचायतें एक नगर पालिका व पांच नगर पंचायतों में शामिल कर लिए गए।
जिसके चलते ग्राम पंचायतों की संख्या मौजूदा समय में 1107 है। पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूची पुनरीक्षण का अभियान चल रहा है।
नगर पंचायत अंतू के सीमा विस्तार में कुछ गांवों को शामिल किया गया है। अंतू देहात का आधा गांव नगर पंचायत में शामिल किया गया है। आधे हिस्से को भवानीगढ़ ग्राम पंचायत में शामिल करने की तैयारी है। इसके लिए विकासखंड संडवाचंद्रिका से पत्र भी पंचायती राज विभाग को भेजा चुका है।
इस बार पंचायत चुनाव से पहले जनपद में राजस्व गांवों का परिसीमन नहीं होगा। परिसीमन न कराने का शासन से कोई आदेश नहीं आया है। नई जनगणना के बाद राजस्व गांवों की आबादी के बारे में पता चल सकेगा। उसी के आधार पर बाद में परिसीमन हो सकता है।
रविशंकर, डीपीआरओ
विज्ञापन
जिले में 17 विकासखंड के 1207 ग्राम पंचायत है। अब पंचायत चुनाव की सरगर्मियां तेज होती जा रही है। राजस्व गांवों में कुछ गांव ऐसे हैं, जिनकी आबादी एक हजार से अधिक हो चुकी है। इन्हें पूर्ण ग्राम पंचायत का दर्जा मिलना है।
विज्ञापन
चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे प्रत्याशी अब कुछ राजस्व गांव एवं मजरों को पूर्ण रूप से ग्राम पंचायत का दर्जा दिलाने की मांग करने लगे थे। जोगापुर के कीना का पुरवा को शहरी क्षेत्र से अलग करने की मांग की जा रही थी। सोनावां के कुछ अंश को भी दूसरे गांव में शामिल करने की मांग उठी थी।
विज्ञापन
जिसके चलते पूर्व में पंचायती राज विभाग ने शासन से पत्राचार किया था लेकिन शासन से साफ निर्देश मिला है कि इस बार पंचायत चुनाव से पहले जनपद में परिसीमन नहीं होगा। 2015 के पंचायत चुनाव में परिसीमन के दौरान 50 गांव बढ़े थे। 1255 ग्राम पंचायतों में से कुल 48 ग्राम पंचायतें एक नगर पालिका व पांच नगर पंचायतों में शामिल कर लिए गए।
जिसके चलते ग्राम पंचायतों की संख्या मौजूदा समय में 1107 है। पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूची पुनरीक्षण का अभियान चल रहा है।
नगर पंचायत अंतू के सीमा विस्तार में कुछ गांवों को शामिल किया गया है। अंतू देहात का आधा गांव नगर पंचायत में शामिल किया गया है। आधे हिस्से को भवानीगढ़ ग्राम पंचायत में शामिल करने की तैयारी है। इसके लिए विकासखंड संडवाचंद्रिका से पत्र भी पंचायती राज विभाग को भेजा चुका है।
इस बार पंचायत चुनाव से पहले जनपद में राजस्व गांवों का परिसीमन नहीं होगा। परिसीमन न कराने का शासन से कोई आदेश नहीं आया है। नई जनगणना के बाद राजस्व गांवों की आबादी के बारे में पता चल सकेगा। उसी के आधार पर बाद में परिसीमन हो सकता है।
रविशंकर, डीपीआरओ