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जांच कराने के बाद 15दिन तक नहीं मिल रही रिपोर्ट
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प्रतापगढ़। कोरोना जांच कराने के बाद पखवारे भर बाद तक रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है। इससे लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। कोरोना के लक्षण होने पर मरीज डाक्टरों के परामर्श से इलाज शुरू कर दे रहे हैं, लेकिन जिनमें लक्षण नहीं हैं, वह घूम रहे हैं। इससे संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है।
इन दिनों जुुकाम और बुखार की शिकायत होने पर लोग तत्काल अस्पताल पहुंचकर जांच करा रहे हैं। जिले में वर्तमान समय में एंटीजन किट की भारी किल्लत है। इससे एंटीजन जांच न के बराबर हो रही है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी आरटीपीसीआर जांच कराने के लिए सैंपल तो ले लेते हैं, मगर पखवारे भर बाद भी रिपोर्ट मुहैया नहीं कराई जा रही है। इससे सैंपल देने के बाद लोग परेशान हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी सैंपल लेते समय मरीजों का मोबाइल नंबर तक सही से फीड नहीं कर पा रहे हैं। कई मरीजों को दो-तीन बार जांच करानी पड़ रही है। राजगढ़ निवासी अरुण श्रीवास्तव कोरोना संक्रमित हो गए थे। उन्होंने अपने दो भाइयों को सुखपालनगर पीएचसी में भेजकर आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल दिया। पखवारे भर बाद भी उनकी रिपोर्ट नहीं आ सकी है।
इसी तरह राजगढ़ क्षेत्र के खुशी का भाई कोरोना संक्रमित हो गया था। कई बार शिकायत करने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची। परिवार के लोगों का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा, लेकिन सप्ताह भर बाद भी रिपोर्ट नहीं मिली। रानीगंज सीएचसी में तैनात एक एएनएम कोरोना संक्रमित हो गई थी। इसकी जानकारी सीएचसी अधीक्षक से लेकर सीएमओ तक को है, मगर किसी ने एएनएम से फोन पर भी हालचाल लेना उचित नहीं समझा। यहां तक कि उसके परिवार के लोगों का सैंपल नहीं लिया गया।
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हो सकता है कि फोन नंबर गलत दर्ज हो गया हो, इसलिए रिपोर्ट के बारे में जानकारी नहीं हो पा रही है। वैसे आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल देने के बाद तीसरे दिन तक रिपोर्ट आ जाती है। कुछ लोग अपना मोबाइल नंबर गलत दे देते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को भी परेशान होना पड़ता है। -डॉक्टर एसके सिंह, डिप्टी सीएमओ
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इन दिनों जुुकाम और बुखार की शिकायत होने पर लोग तत्काल अस्पताल पहुंचकर जांच करा रहे हैं। जिले में वर्तमान समय में एंटीजन किट की भारी किल्लत है। इससे एंटीजन जांच न के बराबर हो रही है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी आरटीपीसीआर जांच कराने के लिए सैंपल तो ले लेते हैं, मगर पखवारे भर बाद भी रिपोर्ट मुहैया नहीं कराई जा रही है। इससे सैंपल देने के बाद लोग परेशान हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी सैंपल लेते समय मरीजों का मोबाइल नंबर तक सही से फीड नहीं कर पा रहे हैं। कई मरीजों को दो-तीन बार जांच करानी पड़ रही है। राजगढ़ निवासी अरुण श्रीवास्तव कोरोना संक्रमित हो गए थे। उन्होंने अपने दो भाइयों को सुखपालनगर पीएचसी में भेजकर आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल दिया। पखवारे भर बाद भी उनकी रिपोर्ट नहीं आ सकी है।
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इसी तरह राजगढ़ क्षेत्र के खुशी का भाई कोरोना संक्रमित हो गया था। कई बार शिकायत करने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची। परिवार के लोगों का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा, लेकिन सप्ताह भर बाद भी रिपोर्ट नहीं मिली। रानीगंज सीएचसी में तैनात एक एएनएम कोरोना संक्रमित हो गई थी। इसकी जानकारी सीएचसी अधीक्षक से लेकर सीएमओ तक को है, मगर किसी ने एएनएम से फोन पर भी हालचाल लेना उचित नहीं समझा। यहां तक कि उसके परिवार के लोगों का सैंपल नहीं लिया गया।
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हो सकता है कि फोन नंबर गलत दर्ज हो गया हो, इसलिए रिपोर्ट के बारे में जानकारी नहीं हो पा रही है। वैसे आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल देने के बाद तीसरे दिन तक रिपोर्ट आ जाती है। कुछ लोग अपना मोबाइल नंबर गलत दे देते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को भी परेशान होना पड़ता है। -डॉक्टर एसके सिंह, डिप्टी सीएमओ