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नदियों में भी विसर्जित की गईं प्रतिमाएं

Thu, 13 Oct 2016 12:09 AM IST
प्रतापगढ़ ब्यूरो
प्रतापगढ़ ब्यूरो Updated Thu, 13 Oct 2016 12:09 AM IST
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हाईकोर्ट के नदियों में मूर्ति विसर्जन रोकने के आदेश की जिले में खुलेआम धज्जियां उड़ाई गईं। बदइंतजामी के कारण जामताली के पास सई नदी में चार दर्जन से अधिक मूर्तियों का विसर्जन किया गया। पुलिसकर्मी भी असहाय नजर आए। इसके अलावा बकुलाही नदी में भी दुर्गा और अन्य प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।
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सई नदी तट पर ही जिले में बाबा घुइसरनाथ धाम, देवघाट, मां बेल्हादेवी, बाबा बेलखरनाथ धाम, मां चौहरजनदेवी धाम स्थित होने के कारण इसे लोग बेल्हा की गंगा कहते हैं। जामताली बाजार के करीब सई नदी के तट पर रानीगंज, फतनपुर, पट्टी, कंधई थाना क्षेत्र के सैकड़ों गांवों के लोग हमेशा से मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जित करते रहे हैं। वर्ष 2014 में हाईकोर्ट द्वारा नदियों में दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन रोकने के आदेश के बाद जिला प्रशासन भी गंभीर हो गया था।
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सभी देवस्थान के घाटों के पास ही प्रशासन ने तालाब भी बनवाया। इस बार जामताली के करीब सई तट पर उसी साल प्रशासन ने व्यवस्था कराई थी। इस बार प्रशासन की ओर से गड्ढे में न तो पानी भराया  गया और न ही उसकी साफ-सफाई कराई गई। कुछ लोगों ने उस गड्ढे में मूर्ति का विसर्जन किया। लोगों ने पहले की तरह चार दर्जन से अधिक मूर्तियों को नदी में विसर्जन किया। पुलिसकर्मियों ने कुछ लोगों को रोकने का प्रयास किया लेकिन श्रद्धालुओं के सामने पुलिसकर्मी बेबस नजर आए। इसके अलावा नदी के किनारे के गांवों में स्थापित दुर्गा प्रतिमाएं लोगों ने सीधे सई, बकुलाही, चमरौधा आदि नदियों में प्रवाहित किया। वहींलालगंज तहसील क्षेत्र के विभिन्न कस्बों व गांवों में लगभग 300 पांडालाें में दुर्गा पूजा प्रतिमाएं स्थापित की गई थी। विजयदशमी के दिन आयोजक श्रद्धालुआें के साथ प्रतिमाएं विसर्जित करने के लिए निकल पड़े। डीजे की धुनाें पर नाचते गाते, अबीर गुलाल उड़ाते तालाबों व नहरों में दुर्गा प्रतिमाआें को विसर्जित किया। विजयदशमी पर लालगंज, सांगीपुर व उदयपुर थाना क्षेत्रों में क्रमश: 135, 56 व 44 प्रतिमाआें का विसर्जन हुआ। बुधवार को लालगंज की 12, सांगीपुर की 13 व उदयपुर की 9 प्रतिमाएं विसर्जित की गई। सांगीपुर में अधिकतर प्रतिमाएं देऊम पूरब के रमसगरा तालाब, मुरैनी के बंधवा तालाब और भुड़हा के तालाबाें में विसर्जित हुई।
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कुंडा क्षेत्र में नवरात्र में सजाई गई मूर्तियों का विसर्जन दशहरे के दिन से शुरू हो गया। सुबह से ही  लोगों ने ढोल तासे के साथ रंग गुलाल उड़ाते हुए जलाशयों में ले गए। इस दौरान कुंडा थाने की 38, महेशगंज थाने से 56, संग्रामगढ़ 71, हथिगवां 14, मानिकपुर में 80, नवाबगंज में 31, बाघराय में 60 जगह की मूर्तियों का विसर्जन हुआ। इन सभी जगहों पर पुलिस ने सिपाहियों को तैनात कर रखा था। लोगों के जुलूस जलाशयों के पास पहुंचे और अगले वर्ष आने का अह्वान करते हुए मूर्तियों का विसर्जन कर दिया।नवाबगंज क्षेत्र में स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं का बुधवार को विसर्जित किया गया। डीजे पर नाचते गाते भक्त कालाकांकर गंगाघाट पहुंचे। जहां मां दुर्गा की आरती के बाद प्रतिमा का विसर्जन किया गया।
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