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किसानों को राहत, अब गांव-गांव खुले गौ संरक्षण केंद्र

Mon, 08 Jul 2019 01:09 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 08 Jul 2019 01:09 AM IST
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Relief to the farmers, now the village-village open cow protection center
awara pashu
किसानों को राहत, अब गांव-गांव खुले गौ संरक्षण केंद्र
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मनरेगा और राजवित्त की धनराशि से अस्थाई गौशाला का होगा निर्माण
प्रधानों को सौंपी गई जिम्मेदारी, भरण-पोषण के लिए पशुपालन विभाग देगा धनराशि
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जिले के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। अब आवारा पशु उनकी लहलहाती फसल को नष्ट नहीं कर पाएंगे। योगी सरकार ने जिले के प्रधानों को गांव-गांव में अस्थाई गौ संरक्षण केंद्र की स्थापना को हरी झंडी दे दी है। मनरेगा और राजवित्त आयोग की धनराशि से वह गौ संरक्षण केंद्रों की स्थापना करेंगे और पशुओं के भरण -पोषण के लिए पशुपालन विभाग से धनराशि की मांग करेंगे।
योगी सरकार ने अब जिले के 1255 ग्राम पंचायतों में अस्थाई गौ संरक्षण केंद्र खोलने का फैसला लिया है। ग्राम प्रधानों और सचिवों को यह अधिकार दिया है कि ग्राम पंचायत की खाली पड़ी, ग्राम समाज और चारागाह की जमीन पर अस्थाई गौ संरक्षण केेंद्र की स्थापना कर सकते हैं। गौ संरक्षण केंद्र में आने वाले खर्च को मनरेगा और राजवित्त आयोग से मिलने वाली धनराशि से खर्च किया जा सकता है। पशुओं को भूसा और पानी के लिए आने वाले खर्च को पशुपालन विभाग से दिया जाएगा। ग्राम प्रधान बीडीओ के माध्यम से मांगपत्र भेजेंगे और प्रधान के खाते में सीधे धनराशि आएगी। शासन के इस पहल से गांव में आवारा पशुओं के घूमने और फसलों को बर्बाद करने पर पूरी तरह प्रधान की जवाबदेही होगी। अभी तक चिंहित स्थानों पर ही गौ संरक्षण केंद्रों और कांजी हाउस की स्थापना करने को कहा गया था। शासन की इस पहल से गांव के लोगों को अब अफसरों से शिकायत करने का मौका नहीं मिलेगा।
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68 लाख रुपये का किया गया है भुगतान
आवारा पशुओं को भूसा और पानी मुहैया कराने के लिए जिले के 17 गौ संरक्षण केंद्रों को 68 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। आवारा पशुओं के भरण पोषण के लिए 1.44 करोड़ रुपये जिले को मिले हुए हैं। तीन करोड़ रुपये शासन से और मांगे गए हैं।
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जिले की सभी ग्राम पंचायतों में अस्थाई गौ संरक्षण केंद्र खोलने को कहा गया है, ग्राम प्रधान और सचिव किसानों के हित में कदम उठाते हुए अविलंब अस्थाई केंद्र की स्थापना करें। भूसा और पानी के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध है। बीडीओ के माध्यम से मांगपत्र भेजने पर सीधे प्रधानों के खाते में धनराशि भेजी जाएगी।
डॉ. वीपी सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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