{"_id":"64a58fac4b6bee9d3c0ce415","slug":"received-30-rupees-and-spent-130-how-to-raise-cattle-pratapgarh-news-c-3-ald1006-169620-2023-07-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pratapgarh News: मिले 30 रुपये और खर्च हो 130...कैसे पलें गोवंश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pratapgarh News: मिले 30 रुपये और खर्च हो 130...कैसे पलें गोवंश
Wed, 05 Jul 2023 09:13 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Wed, 05 Jul 2023 09:13 PM IST
विज्ञापन
गोशाला संचालन में समस्या, डेढ़ किग्रा भूसे में नहीं भरता पेट
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। गो संरक्षण केंद्रों में प्रत्येक गोवंश के लिए प्रतिदिन प्रतिदिन 30 रुपये मिलते हैं। राशन और हरा चारा देने पर लगभग 130 रुपये का खर्च आ रहा है। ऐसे में न तो गोवंश का पेट भर पा रहा है, न संरक्षण केंद्रों का ठीक से संचालन।
जिले के 64 गो संरक्षण केंद्रों में 5,647 गो वंश रखे गए हैं। जानवरों को हरा चारा, खली, पशु आहार, गुड़, नमक देने के लिए कहा जाता है। इन दिनों भूसा 17 से 20 रुपये प्रति किग्रा की दर से बिक रहा है। तीस रुपये में खरीदा जाए तो सिर्फ डेढ़ किग्रा भूसा आएगा। विभागीय अफसरों को जानकारी होने के बाद भी धनराशि नहीं बढ़ाई जा रही है। वर्तमान में हरा चारा, पशु आहार महंगा होने से गोवंशों को खिलाना भारी पड़ रहा है।
-- -- -- -- -- -
गोवंश की मृत्यु पर नहीं मिलते रुपये
गोवंशों की मृत्यु होने पर उनके अंतिम संस्कार के लिए कोई बजट नहीं है। यह खर्च भी संचालकों को ही झेलना पड़ता है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि गो संरक्षण केंद्रों में रहने वाले गोवंशों का कितना खयाल रखा जा रहा है।
विज्ञापन
-- -- -- -- -
गोवंश को मिलने वाले आहार के मूल्य
भूसा- 1700-2000 रुपये प्रति क्विंटल
हरा चारा- 550 रुपये क्विंटल
खली- 2400 रुपये क्विंटल
गुड़- 45 रुपये किग्रा
पशु आहार- 28 रुपये किग्रा
-- --
शासन ने गोवंश के चारे-पानी के लिए 30 रुपये प्रति जानवर खर्च निर्धारित किया है। पंद्रहवें वित्त आयोग से 15 प्रतिशत धनराशि बढ़ाने को कहा गया था। अभी तक इस पर अमल नहीं किया गया है।
- डॉ. बिरजू सिंह यादव, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। गो संरक्षण केंद्रों में प्रत्येक गोवंश के लिए प्रतिदिन प्रतिदिन 30 रुपये मिलते हैं। राशन और हरा चारा देने पर लगभग 130 रुपये का खर्च आ रहा है। ऐसे में न तो गोवंश का पेट भर पा रहा है, न संरक्षण केंद्रों का ठीक से संचालन।
जिले के 64 गो संरक्षण केंद्रों में 5,647 गो वंश रखे गए हैं। जानवरों को हरा चारा, खली, पशु आहार, गुड़, नमक देने के लिए कहा जाता है। इन दिनों भूसा 17 से 20 रुपये प्रति किग्रा की दर से बिक रहा है। तीस रुपये में खरीदा जाए तो सिर्फ डेढ़ किग्रा भूसा आएगा। विभागीय अफसरों को जानकारी होने के बाद भी धनराशि नहीं बढ़ाई जा रही है। वर्तमान में हरा चारा, पशु आहार महंगा होने से गोवंशों को खिलाना भारी पड़ रहा है।
विज्ञापन
गोवंश की मृत्यु पर नहीं मिलते रुपये
गोवंशों की मृत्यु होने पर उनके अंतिम संस्कार के लिए कोई बजट नहीं है। यह खर्च भी संचालकों को ही झेलना पड़ता है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि गो संरक्षण केंद्रों में रहने वाले गोवंशों का कितना खयाल रखा जा रहा है।
विज्ञापन
गोवंश को मिलने वाले आहार के मूल्य
भूसा- 1700-2000 रुपये प्रति क्विंटल
हरा चारा- 550 रुपये क्विंटल
खली- 2400 रुपये क्विंटल
गुड़- 45 रुपये किग्रा
पशु आहार- 28 रुपये किग्रा
शासन ने गोवंश के चारे-पानी के लिए 30 रुपये प्रति जानवर खर्च निर्धारित किया है। पंद्रहवें वित्त आयोग से 15 प्रतिशत धनराशि बढ़ाने को कहा गया था। अभी तक इस पर अमल नहीं किया गया है।
- डॉ. बिरजू सिंह यादव, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी