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सीता को एकटक निहारते रहे राम
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़।
Updated Tue, 04 Oct 2016 11:39 PM IST
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मंगलवार को श्रीरामलीला समिति की तरफ से निकाली गई सीता फुलवारी और धनुष यज्ञ की झांकी को देखने के लिए शहर के लोग घरों से निकल आए। झांकी में सीता को सखियों संग फुलवारी में फूल चुनने और वहां पर राम और लक्ष्मण की मौजूदगी को झांकी के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।
धनुष यज्ञ में शामिल होने के लिए गुरु विश्वामित्र के साथ श्रीराम और लक्ष्मण जनकपुर पहुंचे। रात्रि विश्राम के बाद दोनों भाई सुबह गुरु पूजन के लिए फुलवारी में पुष्प लेने पहुंच गए। यहां पर सीता संग आई सहेलियों की नजर जब दोनों भाइयाें पर पड़ी तो वे बस देखती ही रह गईं। सीता के साथ पूजा करके लौटते समय सखियों ने वाटिका में दो सुंदर किशोरों की बात सीता को बताई। उनका बखान सुनकर सीता राम और लक्ष्मण से मिलने के लिए व्याकुल हो जाती हैं। वह फुलवारी की ओर अपने कदम बढ़ाती है।
उनकी करधनी और पायल की मधुर आवाज जब श्रीराम के कानों में पड़ती है तो भाई लक्ष्मण से पूछते हैं ये ध्वनि कहां से आ रही है। श्रीराम की नजर सीता पर पड़ी तो वे बस निहारते ही रह गए। ऐसी मनोहारी लीला का सचल मंचन देखकर शहर के लोग मंत्रमुग्ध हो गए। शोभायात्रा में सियाराम उमरवैश्य, मंत्री सुनील सिंह, श्रीकिशोर अग्रवाल, रोशनलाल ऊमरवैश्य, विनय सिंह, शीतला सुजान, रविंद्र अग्रहरि, पंकज कौशल आदि रहे।
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धनुष यज्ञ में शामिल होने के लिए गुरु विश्वामित्र के साथ श्रीराम और लक्ष्मण जनकपुर पहुंचे। रात्रि विश्राम के बाद दोनों भाई सुबह गुरु पूजन के लिए फुलवारी में पुष्प लेने पहुंच गए। यहां पर सीता संग आई सहेलियों की नजर जब दोनों भाइयाें पर पड़ी तो वे बस देखती ही रह गईं। सीता के साथ पूजा करके लौटते समय सखियों ने वाटिका में दो सुंदर किशोरों की बात सीता को बताई। उनका बखान सुनकर सीता राम और लक्ष्मण से मिलने के लिए व्याकुल हो जाती हैं। वह फुलवारी की ओर अपने कदम बढ़ाती है।
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उनकी करधनी और पायल की मधुर आवाज जब श्रीराम के कानों में पड़ती है तो भाई लक्ष्मण से पूछते हैं ये ध्वनि कहां से आ रही है। श्रीराम की नजर सीता पर पड़ी तो वे बस निहारते ही रह गए। ऐसी मनोहारी लीला का सचल मंचन देखकर शहर के लोग मंत्रमुग्ध हो गए। शोभायात्रा में सियाराम उमरवैश्य, मंत्री सुनील सिंह, श्रीकिशोर अग्रवाल, रोशनलाल ऊमरवैश्य, विनय सिंह, शीतला सुजान, रविंद्र अग्रहरि, पंकज कौशल आदि रहे।
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