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राजाभैया बोले : वन जाते समय भगवान राम ने सगे-संबंधी छोड़े लेकिन धनुष-तीर नहीं, द कश्मीर फाइल्स पर कही यह बात
Mon, 21 Mar 2022 09:42 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 21 Mar 2022 09:42 PM IST
सार
उन्होंने कश्मीर फाइल्स फिल्म को लेकर उठे सवालों पर कहा कि उस समय न तो किसी दल ने और न ही धर्म गुरुओं और न अन्य लोगों ने इस मुद्दे को उठाया पांच लाख कश्मीरी पंडितों का विस्थापन या सबसे अधिक हिंदुओं का वध इसे कहा जा सकता है। इन घटनाओं से हमें सबक लेने की आवश्यकता है।
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प्रतापगढ़ : कुंडा क्षेत्र में आयोजित भागवत कथा में पहुंचे विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजाभैया।
- फोटो : प्रयागराज
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विस्तार
भागवत कथा के अंतिम दिन सोमवार को कथा सुनने पहुंचे कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह ने लोगों को सनातन धर्म के बारे में समझाते हुए उसकी रक्षा के उपायों पर चर्चा की। कुंडा के किलहनापुर गांव में चल रही कथा के सातवें दिन व्यास देवव्रत महाराज ने लोगों को जीवन के मायने बताए। उन्होंने पूर्व में हुई घटनाओं की चर्चा करते हुए सनातन धर्म पर हमले को लेकर चिंता जताई।
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इस दौरान कथा श्रवण करने पहुंचे पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह राजाभैया ने ने कहा कि धर्म गुरुओं की सनातन धर्म के प्रति चिंताएं जायज हैं। उन्होंने भगवान राम का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने माता-पिता, सगे-संबंधी सभी को वनवास के दौरान छोड़ा, लेकिन धनुष-बाण साथ ले जाना नहीं भूले। इतने से ही सभी को समझना चाहिए। उन्होंने कश्मीर फाइल्स फिल्म को लेकर उठे सवालों पर कहा कि उस समय न तो किसी दल ने और न ही धर्म गुरुओं और न अन्य लोगों ने इस मुद्दे को उठाया।
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पांच लाख कश्मीरी पंडितों का विस्थापन या सबसे अधिक हिंदुओं का वध इसे कहा जा सकता है। इन घटनाओं से हमें सबक लेने की आवश्यकता है। हम अपने तीर्थों, धर्मों के बारे में बच्चों को नहीं बताते। अगर उन्हें इन सब चीजों के प्रति जागरूक किया जाए तो इस तरह की घटनाओं पर विराम लग सकता है। इस दौरान उनके साथ बऊवा तिवारी, आकाश मिश्रा, ऋषभ पांडेय, मंटू सिंह, सुनील सिंह, मुकुर सिंह, ललित मिश्र, बजरंगी शुक्ला, धीरज मिश्र, साजू पांडेय, आदि मौजूद रहे।
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