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बेल्हा में भी शुरू हुआ रेललाइन दोहरीकरण का कार्य

Tue, 17 Mar 2020 01:54 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 17 Mar 2020 01:54 AM IST
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railway stsrt double track in belha
रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के इंतजार में रही यात्रियों की भीड़। - फोटो : PRATAPGARH
प्रतापगढ़। लखनऊ-वाराणसी रेलमार्ग पर जंघई से अमेठी के बीच रेल लाइन के दोहरीकरण का काम जल्दी ही रफ्तार पकड़ेगा। सई और मालती नदी पर नए रेल पुल का निर्माण शुरू हो गया है। रेल ट्रैक का दोहरीकरण हो जाने से दिल्ली और कोलकाता का सफर आसान हो जाएगा।
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सिंगल रेलवे ट्रैक पर गाड़ियों की संख्या अधिक होने से ट्रेनें काफी लेट चलती हैं। इसे लेतलतीफी से यात्रियों को परेशान होना पड़ता है। लखनऊ से वाराणसी रेलमार्ग पर गाड़ियों की संख्या अधिक है। सिंगल ट्रैक होने के चलते समय पर ट्रेनों का परिचालन नहीं हो पाता। इस समस्या को दूर करने के लिए रेल विभाग अमेठी से जंघई के बीच 88 किलोमीटर रेलमार्ग का दोहरीकरण तेजी से करवा रहा है। इसके लिए केंद्र सरकार ने 800 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। पहले चरण में 150 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया था।
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इस बजट में गिट्टी और पुलिया का काम कराया जा रहा है। दूसरे टेंडर में गार्डर, रेलवे ट्रैक, प्लेटफार्म के साथ ही रास्ते में आने वाली छोटी नदियों पर पुल बनाया जाना है। 88 किलोमीटर के मार्ग में अमेठी जिले के ठेंगहा के पास स्थित मालती नदी और प्रतापगढ़ के सई नदी पर रेल पुल बनाया जाना है। पूर्व में मंजूर बजट का दूसरा टेंडर होने के बाद कार्यदायी संस्था ने दोनों नदियों पर पुल का निर्माण शुरू करवा दिया है। दोनों पुलों के निर्माण पर रेलवे का नौ करोड़ रुपये का खर्च आ रहा है। पुल बनने और डबल लाइन होने के बाद ट्रेनों की लेटलतीफी खत्म हो जाएगी। इससे कोलकाता, मुंबई, जम्मू, दिल्ली जाने वाले मुसाफिरों को ट्रेनों की लेटलतीफी के चलते परेशान नहीं होना पड़ेगा। गाड़ियां समय से चलेंगी। इसके अलावा इनकी रफ्तार भी बढ़ाई जाएगी।
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अमेठी से जंघई के बीच 88 किलोमीटर के रेलट्रैक के दोहरीकरण के लिए केंद्र सरकार ने आठ सौ करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी थी। इसी बजट से रेलवे ट्रैक बिछाए जाने के साथ रास्ते में पड़ने वाले नदियों पर पुलों का निर्माण भी होना है। वर्ष 2020-2021 तक ट्रैक दोहरीकरण का कार्य पूरा हो जाएगा। इससे ट्रेनों की लेटलतीफी खत्म हो जाएगी।
त्रिभुवन मिश्र, स्टेशन अधीक्षक।
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