Railway News : देश के आठ और रेलमार्गों पर दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक इंजन वाली ट्रेनें
कोर प्रयागराज द्वारा वर्तमान में देश के तमाम राज्यों में रेल विद्युतीकरण का काम किया जा रहा है। चालू वित्तीय वर्ष 2022-23 में कोर ने 1564 किलोमीटर के आठ रेल मार्ग के विद्युतीकरण का कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
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प्रयागराज और कानपुर से आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल और राजस्थान के कोटा के लिए एक और विद्युतीकृत रेल रूट मिल जाएगा। प्रयागराज स्थित केंद्रीय रेल विद्युतीकरण संगठन (कोर) इसी वित्तीय वर्ष में इस रूट के साथ देश के कुल आठ रेल मार्ग के विद्युतीकरण का कार्य पूरा कर लेगा। इन रेल मार्ग के विद्युतीकरण से जहां यात्री इलेक्ट्रिक इंजन लगी ट्रेनों से अपने गंतत्व तक जल्दी पहुंचेंगे, वहीं रेलवे की जेब को भी हर वर्ष डीजल पर करोड़ों रुपये खर्च करने से राहत मिलेगी। इससे उसके खजाने में इजाफा होगा।
कोर प्रयागराज द्वारा वर्तमान में देश के तमाम राज्यों में रेल विद्युतीकरण का काम किया जा रहा है। चालू वित्तीय वर्ष 2022-23 में कोर ने 1564 किलोमीटर के आठ रेल मार्ग के विद्युतीकरण का कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा है। ये रेल मार्ग ईशानगर-उदयपुरा, मिर्जा-कामाख्या, चुरू-सीकर, विरधवाल-भीलडी, राजकोट-सोमनाथ-पोरबंदर, कुरनूल-महबूबनगर, वंडाल-होले अलूर एवं धर्मावरण-पकाला हैं। इसमें सर्वाधिक 700 किलोमीटर लंबाई वाला रेल मार्ग विरधवाल-भीलडी है। कोर प्रयागराज के सीपीआरओ एसके मिश्र बताते हैं कि वर्ष 2023 तक देश के सभी रेलमार्ग के विद्युतीकरण का लक्ष्य है।
कोरोना काल में 4277 किमी रूट का हुआ विद्युतीकरण
कोरोना काल में कोर द्वारा पिछले वित्तीय वर्ष में अब तक का सबसे अधिक रेल विद्युतीकरण किया गया है। इस दौरान देश भर में 4277 किलोमीटर रूट का विद्युतीकरण का काम हुआ है। इसमें सुल्तानपुर-अयोध्या कैंट और बाराबंकी-अयोध्या कैंट जैसे महत्वपूर्ण खंड का विद्युतीकरण शामिल है। इससे प्रयागराज और लखनऊ से अयोध्या तक ट्रेनों की गति बढ़ गई है।