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ट्रेनिंग कर रहा वनरक्षक अचेत
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Thu, 01 Sep 2016 12:35 AM IST
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स्थानीय वन प्रभाग के वानिकी ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण प्राप्त करने आया एक वनरक्षक दौड़ लगाते समय अचेत हो गया। साथियों ने प्रशिक्षक पर मनमानी करने का आरोप लगाते आक्रोश जताया। लालगंज के वानिकी प्रशिक्षण संस्थान में 41 वनरक्षक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। पहली जुलाई से इनका छह माह का प्रशिक्षण होना था, लेकिन पौधरोपण कार्यक्रम में अधिकारियाें के व्यस्त होने के चलते 15 जुलाई से प्रशिक्षण प्रारंभ हुआ।
बुधवार को वनरक्षकों को सुबह दौड़ कराने के लिए ले जाया गया। इस दौरान एक प्रशिक्षण लेने आया एक वनरक्षक सुधीर मिश्रा (28) पुत्र राधेश्याम अचेत होकर सड़क पर गिर गया। उसे आनन-फानन में साथी लालगंज सीएचसी ले गए। जहां कुछ देर उपचार के बाद उसे होश आ गया। यहां पहुंचे वनरक्षकों ने ट्रेनर राजेश निगम पर मनमानी करने का आरोप लगाते हंगामा शुरू कर दिया। इनका कहना था कि दस किलोमीटर दौड़ लगवाने का नियम है, लेकिन ट्रेनर उन्हें प्रतिदिन 15 किलोमीटर की दौड़ लगवाता है। इससे आए दिन कोई न कोई वनरक्षक अचेत हो जाता है। मनमानी का आरोप लगाते हुए प्रशिक्षक के खिलाफ वनरक्षकाें ने हंगामा काटा। उधर, ट्रेनर राजेश निगम का कहना था कि वनरक्षकों को नियमानुसार प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में शासनादेश का पालन किया जा रहा है। प्रशिक्षण कठिन है और वनरक्षक इससे बचने व दबाव बनाने के लिए मनगढ़ंत आरोप लगा रहे हैं।
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बुधवार को वनरक्षकों को सुबह दौड़ कराने के लिए ले जाया गया। इस दौरान एक प्रशिक्षण लेने आया एक वनरक्षक सुधीर मिश्रा (28) पुत्र राधेश्याम अचेत होकर सड़क पर गिर गया। उसे आनन-फानन में साथी लालगंज सीएचसी ले गए। जहां कुछ देर उपचार के बाद उसे होश आ गया। यहां पहुंचे वनरक्षकों ने ट्रेनर राजेश निगम पर मनमानी करने का आरोप लगाते हंगामा शुरू कर दिया। इनका कहना था कि दस किलोमीटर दौड़ लगवाने का नियम है, लेकिन ट्रेनर उन्हें प्रतिदिन 15 किलोमीटर की दौड़ लगवाता है। इससे आए दिन कोई न कोई वनरक्षक अचेत हो जाता है। मनमानी का आरोप लगाते हुए प्रशिक्षक के खिलाफ वनरक्षकाें ने हंगामा काटा। उधर, ट्रेनर राजेश निगम का कहना था कि वनरक्षकों को नियमानुसार प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में शासनादेश का पालन किया जा रहा है। प्रशिक्षण कठिन है और वनरक्षक इससे बचने व दबाव बनाने के लिए मनगढ़ंत आरोप लगा रहे हैं।
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