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जर्जर आवास का बहाना नहीं बना सकेंगे डॉक्टर
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Thu, 07 Sep 2017 12:19 AM IST
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प्रतापगढ़
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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प्रतापगढ़। सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर जर्जर आवास का बहाना बनाकर गायब नहीं हो सकेेंगे। शासन ने क्षतिग्रस्त आवासों की मरम्मत कराने का निर्णय लिया है। इसके बाद आवास छोड़कर गायब रहने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने सीएमओ से जर्जर आवासों की सूची मांगी है।
जिला अस्पतालों के साथ सीएचसी व पीएचसी में डाक्टरों के लिए आवास बने हैं। समय-समय पर मरम्मत न होने के कारण इन दिनों आवास जर्जर हो गए हैं। ऐसे में ज्यादातर डॉक्टर आवासों में नहीं रहते हैं। जिला अस्पताल में कुछ चिकित्सक खुद से आवासों की मरम्मत कराकर रह रहे हैं, लेकिन हर समय वे सहमे रहते हैं। वहीं कुछ आवास कंडम हो चुके हैं। इसका फायदा उठाकर डॉक्टर अपने निजी आवास या फिर गैरजनपदों में रहते हैं। बताया जाता है कि आवासों की हालत को लेकर विभाग ने कई बार शासन को पत्र भेजा, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। अब योगी सरकार ने डाक्टरों के जर्जर आवासों की सुध ली है। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने सीएमओ को पत्र लिखकर जर्जर आवासों का ब्यौरा मांगा है। इसके साथ ही पीडब्ल्यूडी को पत्र भेजकर इन आवासों की मरम्मत या फिर कंडम घोषित करने का निर्देश दिया है। शासन ने धनराशि भी स्वीकृत कर दी है। वहीं सीएमआे डा. राजकुमार नैय्यर का कहना है कि क्षतिग्रस्त आवासों की सूची तैयार करके पीडब्ल्यूडी विभाग का भेज दी गई है। जांच के बाद यदि पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर कॉलोनी को कंडम घोषित कर देते हैं तो तुड़वाकर नया बनवाया जाएगा। क्षतिग्रस्त आवासों की मरम्मत करवाई जाएगी।
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जिला अस्पतालों के साथ सीएचसी व पीएचसी में डाक्टरों के लिए आवास बने हैं। समय-समय पर मरम्मत न होने के कारण इन दिनों आवास जर्जर हो गए हैं। ऐसे में ज्यादातर डॉक्टर आवासों में नहीं रहते हैं। जिला अस्पताल में कुछ चिकित्सक खुद से आवासों की मरम्मत कराकर रह रहे हैं, लेकिन हर समय वे सहमे रहते हैं। वहीं कुछ आवास कंडम हो चुके हैं। इसका फायदा उठाकर डॉक्टर अपने निजी आवास या फिर गैरजनपदों में रहते हैं। बताया जाता है कि आवासों की हालत को लेकर विभाग ने कई बार शासन को पत्र भेजा, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। अब योगी सरकार ने डाक्टरों के जर्जर आवासों की सुध ली है। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने सीएमओ को पत्र लिखकर जर्जर आवासों का ब्यौरा मांगा है। इसके साथ ही पीडब्ल्यूडी को पत्र भेजकर इन आवासों की मरम्मत या फिर कंडम घोषित करने का निर्देश दिया है। शासन ने धनराशि भी स्वीकृत कर दी है। वहीं सीएमआे डा. राजकुमार नैय्यर का कहना है कि क्षतिग्रस्त आवासों की सूची तैयार करके पीडब्ल्यूडी विभाग का भेज दी गई है। जांच के बाद यदि पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर कॉलोनी को कंडम घोषित कर देते हैं तो तुड़वाकर नया बनवाया जाएगा। क्षतिग्रस्त आवासों की मरम्मत करवाई जाएगी।
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