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प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का टूटा दम
pratapgarh
Updated Mon, 10 Dec 2018 11:55 PM IST
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गांव को शहर से जोड़ने के लिए प्रारंभ की गई प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का दम टूट गया है। चालू वित्तीय वर्ष में सिर्फ 13 किमी की दो सड़कों को बनाने की जिम्मेदारी मिली है। ऐसा दो वर्षों से हो रहा है, जबकि इसके पहले इस योजना के तहत विभाग को इतनी धनराशि मिलती थी, वह खर्च नहीं कर पाता था।
गांवों को शहरों से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना लागू की है। इस योजना के तहत अभी तक 142 सड़कों को निर्माण कराया जा चुका है। केंद्र सरकार की योजना होने के कारण सड़कों की गुणवत्ता का परीक्षण करने के लिए दिल्ली से टीमें आती थीं। मगर पिछले दो वर्षों से विभाग को न तो कोई लक्ष्य मिल रहा है और न ही धनराशि मिल रही है। चालू वित्तीय वर्ष में जिले की मात्र दो सड़कों को बनाने की मंजूरी मिली है।
शहर से खजुरनी गांव को जोड़ने वाली पांच किमी सड़क का निर्माण करने के लिए 275.71 लाख और जगेशरगंज, आममऊ वाया बेरुआ मार्ग आठ किमी को मंजूरी मिली है। इस सड़क के निर्माण के लिए 582.54 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं, जबकि विभाग में सैकड़ों प्रस्ताव डंप हैं।
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विभाग में काम नहीं होने से विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रयागराज से संबद्ध किया जा रहा है। अधिशासी अभियंता को भी प्रयागराज का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है। फिलहाल दो साल से विभाग को सिर्फ जिंदा रखा गया है, जिस विभाग में रात-दिन काम होता था, उसमें अब सन्नाटा पसरा हुआ है।
जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत जो सडक़ें बनी हुई थीं, वह अब लोक निर्माण विभाग के अधीन कर दी गई हैं। इससे सड़कों की मरम्मत का अधिकार भी विभाग से छिन जा रहा है। अभी तक सड़कों का निर्माण करने वाला विभाग ही देखरेख करता था।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़कों की हालत बहुत खराब है। संडवा चंद्रिका विकास खंड के छतरपुर शिवाला से-गौराडांड मार्ग, कांपा मोड से बंडाखुटार मार्ग, गंगापुत्री मार्ग, विश्वनाथगंज से मानधाता मार्ग की दशा इतनी खराब है कि बाइक सवारों का भी चलना मुश्किल हो गया है। दरअसल में मरम्मत के लिए बजट नहीं मिलने से सड़कों को ठीक करने की पहल नहीं हो रही है।
सड़कों के निर्माण का प्रस्ताव तो तैयार किया गया है, मगर धनराशि नहीं मिलने के कारण निर्माण नहीं हो पा रहा है। विभाग ने कई बार मांगपत्र मुख्यालय भेजा, मगर अभी तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। इस वर्ष मात्र दो सड़कों के लिए धनराशि मिली हुई है।
पीबी सिंह, सहायक अभियंता, प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना
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गांवों को शहरों से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना लागू की है। इस योजना के तहत अभी तक 142 सड़कों को निर्माण कराया जा चुका है। केंद्र सरकार की योजना होने के कारण सड़कों की गुणवत्ता का परीक्षण करने के लिए दिल्ली से टीमें आती थीं। मगर पिछले दो वर्षों से विभाग को न तो कोई लक्ष्य मिल रहा है और न ही धनराशि मिल रही है। चालू वित्तीय वर्ष में जिले की मात्र दो सड़कों को बनाने की मंजूरी मिली है।
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शहर से खजुरनी गांव को जोड़ने वाली पांच किमी सड़क का निर्माण करने के लिए 275.71 लाख और जगेशरगंज, आममऊ वाया बेरुआ मार्ग आठ किमी को मंजूरी मिली है। इस सड़क के निर्माण के लिए 582.54 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं, जबकि विभाग में सैकड़ों प्रस्ताव डंप हैं।
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विभाग में काम नहीं होने से विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रयागराज से संबद्ध किया जा रहा है। अधिशासी अभियंता को भी प्रयागराज का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है। फिलहाल दो साल से विभाग को सिर्फ जिंदा रखा गया है, जिस विभाग में रात-दिन काम होता था, उसमें अब सन्नाटा पसरा हुआ है।
जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत जो सडक़ें बनी हुई थीं, वह अब लोक निर्माण विभाग के अधीन कर दी गई हैं। इससे सड़कों की मरम्मत का अधिकार भी विभाग से छिन जा रहा है। अभी तक सड़कों का निर्माण करने वाला विभाग ही देखरेख करता था।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़कों की हालत बहुत खराब है। संडवा चंद्रिका विकास खंड के छतरपुर शिवाला से-गौराडांड मार्ग, कांपा मोड से बंडाखुटार मार्ग, गंगापुत्री मार्ग, विश्वनाथगंज से मानधाता मार्ग की दशा इतनी खराब है कि बाइक सवारों का भी चलना मुश्किल हो गया है। दरअसल में मरम्मत के लिए बजट नहीं मिलने से सड़कों को ठीक करने की पहल नहीं हो रही है।
सड़कों के निर्माण का प्रस्ताव तो तैयार किया गया है, मगर धनराशि नहीं मिलने के कारण निर्माण नहीं हो पा रहा है। विभाग ने कई बार मांगपत्र मुख्यालय भेजा, मगर अभी तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। इस वर्ष मात्र दो सड़कों के लिए धनराशि मिली हुई है।
पीबी सिंह, सहायक अभियंता, प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना