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खुले में 45 रुपये किलो पहुंचे भाव, शीतगृहों में 2000 मिट्रिक टन डंप है आलू
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लगातार बढ़ रही कीमतों को नियंत्रित करने के लिए शासन ने शीतगृहों में रखे आलू को निकालने का निर्देश दिया है, लेकिन व्यापारी इसके लिए तैयार नहीं हैं। इससे जिले में खुले बाजार में आलू के भाव 45 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं। कोल्ड स्टोरेज में जमा आलू व्यापारी अपनी शर्तों पर ही निकाल रहे हैं। इसके चलते जिले में बाहर से आलू मंगाना पड़ रहा है। जिले के शीतगृहों में व्यापारियों ने करीब 2000 मिट्रिक टन आलू डंप कर रखा है। शासन की सख्त के बाद उद्यान विभाग ने 31 अक्तूबर तक आलू बाहर निकालने का निर्देश जारी किया है।
जिले में कुल नौ कोल्ड स्टोरेज हैं। इनकी भंडारण क्षमता 57958 मिट्रिक टन है। इस बार सीजन में यहां के शीतगृहों में 31587 एमटी आलू का भंडारण हुआ था। कोल्ड स्टोरेज में किसानों के अलावा बड़ी संख्या में व्यापारियों ने भी आलू खरीदकर रखा था।
जरूरत के अनुसार किसान अपना आलू निकालते रहे, लेकिन व्यापारी अपना आलू निकालने के लिए तैयार नहीं हैं। वह अपनी शर्तों पर ही आलू शीतगृह से बाहर निकाल रहे हैं। यही वजह है कि जिले में बाहर से आलू मंगाना पड़ रहा है। अभी जिले के कोल्ड स्टोरेज में व्यापारियों का दो हजार मीट्रिक टन आलू रखा हुआ है।
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जमाखोरी के चलते आलू के भाव आसमान पर पहुंच गए हैं। इससे जहां आम आदमी को दिक्कत हो रही है, वहीं किसानों को भी आलू की बुवाई करने में दोगुनी लागत लगानी पड़ रही है। शासन ने बढ़ते दामों पर अंकुश लगाने के लिए शीतगृहों से आलू की निकासी का आदेश दिया है, लेकिन इसके बाद भी व्यापारी मनमानी कर रहे हैं। हालांकि शासन क सख्ती के बाद अब उद्यान विभाग ने शीतगृहों के संचालकों को 31 अक्तूबर तक आलू की निकासी करने का निर्देश दिया है।
संचालकों से साठगांठ कर कमाई के फेर में हैं व्यापारी
आलू के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में शीतगृह संचालकों से साठगांठ कर व्यापारी आलू से मोटी कमाई करने के चक्कर में हैं। यही वजह है कि अब तक आलू की निकासी नहीं हो सकी है।
शीतगृहों से आलू की निकासी कराने के लिए 31 अक्तूबर तक का समय दिया गया है। आदेश का पालन नहीं करने पर संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अनिल दूबे, जिला उद्यान अधिकारी
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जिले में कुल नौ कोल्ड स्टोरेज हैं। इनकी भंडारण क्षमता 57958 मिट्रिक टन है। इस बार सीजन में यहां के शीतगृहों में 31587 एमटी आलू का भंडारण हुआ था। कोल्ड स्टोरेज में किसानों के अलावा बड़ी संख्या में व्यापारियों ने भी आलू खरीदकर रखा था।
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जरूरत के अनुसार किसान अपना आलू निकालते रहे, लेकिन व्यापारी अपना आलू निकालने के लिए तैयार नहीं हैं। वह अपनी शर्तों पर ही आलू शीतगृह से बाहर निकाल रहे हैं। यही वजह है कि जिले में बाहर से आलू मंगाना पड़ रहा है। अभी जिले के कोल्ड स्टोरेज में व्यापारियों का दो हजार मीट्रिक टन आलू रखा हुआ है।
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जमाखोरी के चलते आलू के भाव आसमान पर पहुंच गए हैं। इससे जहां आम आदमी को दिक्कत हो रही है, वहीं किसानों को भी आलू की बुवाई करने में दोगुनी लागत लगानी पड़ रही है। शासन ने बढ़ते दामों पर अंकुश लगाने के लिए शीतगृहों से आलू की निकासी का आदेश दिया है, लेकिन इसके बाद भी व्यापारी मनमानी कर रहे हैं। हालांकि शासन क सख्ती के बाद अब उद्यान विभाग ने शीतगृहों के संचालकों को 31 अक्तूबर तक आलू की निकासी करने का निर्देश दिया है।
संचालकों से साठगांठ कर कमाई के फेर में हैं व्यापारी
आलू के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में शीतगृह संचालकों से साठगांठ कर व्यापारी आलू से मोटी कमाई करने के चक्कर में हैं। यही वजह है कि अब तक आलू की निकासी नहीं हो सकी है।
शीतगृहों से आलू की निकासी कराने के लिए 31 अक्तूबर तक का समय दिया गया है। आदेश का पालन नहीं करने पर संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अनिल दूबे, जिला उद्यान अधिकारी