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बाईपास निर्माण की तैयारी, किसानों को नहीं मिला मुआवजा
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Preparation for construction of bypass, farmers did not get compensation
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शहर में बाईपास का निर्माण शुरू होने वाला है, मगर जिन किसानों की जमीन अधिग्रहीत की गई है उन्हें अब तक मुआवजा नहीं मिला है। सदर तहसील के सरायदली, रामगढ़ी, बैजलपुर, लोहंगपुर और सिटी के 623 किसान ऐसे हैं, जिन्हें अभी मुआवजा राशि नहीं मिली है। इससे किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
शहर में निर्मित होने वाले 14 किमी बाईपास में जिन किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया है, उन्हें अभी तक मुआवजे की धनराशि नहीं मिली है। अमर उजाला के शुक्रवार के अंक में बाईपास का निर्माण दिसंबर में प्रारंभ होने की खबर प्रकाशित होने पर अलर्ट हुए किसानों ने विभागीय कर्मचारियों की परिक्रमा शुरू कर दी है।
सदर तहसील के बैजलपुर, लोहंगपुर, गड़ई चकदेइया, सरायदली, रामगढ़ी और टाउन एरिया सिटी के 623 किसानों को अभी मुआवजा नहीं मिला है। इन किसानों के खेतों को नापकर पत्थर तो लगा दिए गए हैं, मगर राजस्व विभाग की मिलीभगत की वजह से अभी तक मुआवजे की धनराशि का वितरण नहीं किया गया है। प्रतापगढ़ सिटी के किसानों का नाम ही अभी नहीं फीड किया गया है। जबकि जमीन अधिग्रहण के बाद किसानों को मुआवजा बांटने में भी खेल किया गया है। आश्चर्य की बात तो यह है कि निर्विवाद मामलों में भी विवादित दिखाकर किसानों को भुगतान नहीं किया गया है।
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जबकि उसी गांव के अधिकांश किसानों के खाते में धनराशि भेज दी गई है। इससे जिन किसानों को अभी तक धनराशि नहीं मिली है, वह विभागीय कर्मचारियों के आगे-पीछे चक्कर लगा रहे हैं। किसानों का कहना है कि बगैर मुआवजा लिए खेतों में निर्माण नहीं होने देंगे। रामगढ़ी के हरि नारायण ओझा और कमल नारायण ओझा ने बताया कि मुआवजा वितरण में विभागीय कर्मचारी मनमानी कर रहे हैं। वह जिसका चाहते हैं उसके खाते में रुपये भेजते हैं, बाकी किसानों को आश्वासन देकर लौटा देते हैं।
ऑनलाइन फीडिंग में हो रहा खेल
मुआवजा भुगतान के लिए किसानों का डाटा ऑनलाइन किया जा रहा है। एनआईसी में हो रही फीडिंग में व्यापक स्तर पर खेल हो रहा है। मुआवजा दिलाने में कुछ दलाल सक्रिय हैं जो अफसरों के नाम पर वसूली करके डाटा फीडिंग कराते हैं। जो लोग सुविधा शुल्क देने में आनाकानी करते हैं, उन्हें आज नहीं कल बताकर वापस कर दिया जाता है।
सिटी के एक भी किसान को नहीं मिला मुआवजा
टाउन एरिया प्रतापगढ़ के एक भी किसान को अभी मुआवजे की धनराशि नहीं मिली है। इसकी वजह सिटी के किसानों का डाटा ऑनलाइन नहीं होना बताया जा रहा है। विभागीय लोगों का दावा है कि राजस्व विभाग की साइट पर सिटी के किसानों का डाटा फीड हो गया है। जल्द ही एनएच की साइट पर अपलोड करा दिया जाएगा।
बजट नहीं, अब एनएच सीधे किसानों के खाते में भेजेगा रकम
किसानों को मुआवजा बांटने के लिए अब बजट मिलना बंद हो गया है। किसानों का डाटा ऑनलाइन करके मांगपत्र भेजने पर उतनी धनराशि किसानों के खाते में भेज दी जाएगी।
मगर फीडिंग का कार्य एनआईसी से ही होना है। हालांकि इन दिनों मामला पूरी तरह ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है।
जिले के कुछ किसानों को अभी मुआवजे की रकम नहीं मिली है। अगर कर्मचारी गड़बड़ी कर रहे हैं, तो इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल डाटा फीडिंग का कार्य चल रहा है, जल्द ही बचे हुए किसानों के खाते में धनराशि पहुंच जाएगी।
इंद्रभूषण वर्मा, मुख्य राजस्व अधिकारी
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शहर में निर्मित होने वाले 14 किमी बाईपास में जिन किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया है, उन्हें अभी तक मुआवजे की धनराशि नहीं मिली है। अमर उजाला के शुक्रवार के अंक में बाईपास का निर्माण दिसंबर में प्रारंभ होने की खबर प्रकाशित होने पर अलर्ट हुए किसानों ने विभागीय कर्मचारियों की परिक्रमा शुरू कर दी है।
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सदर तहसील के बैजलपुर, लोहंगपुर, गड़ई चकदेइया, सरायदली, रामगढ़ी और टाउन एरिया सिटी के 623 किसानों को अभी मुआवजा नहीं मिला है। इन किसानों के खेतों को नापकर पत्थर तो लगा दिए गए हैं, मगर राजस्व विभाग की मिलीभगत की वजह से अभी तक मुआवजे की धनराशि का वितरण नहीं किया गया है। प्रतापगढ़ सिटी के किसानों का नाम ही अभी नहीं फीड किया गया है। जबकि जमीन अधिग्रहण के बाद किसानों को मुआवजा बांटने में भी खेल किया गया है। आश्चर्य की बात तो यह है कि निर्विवाद मामलों में भी विवादित दिखाकर किसानों को भुगतान नहीं किया गया है।
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जबकि उसी गांव के अधिकांश किसानों के खाते में धनराशि भेज दी गई है। इससे जिन किसानों को अभी तक धनराशि नहीं मिली है, वह विभागीय कर्मचारियों के आगे-पीछे चक्कर लगा रहे हैं। किसानों का कहना है कि बगैर मुआवजा लिए खेतों में निर्माण नहीं होने देंगे। रामगढ़ी के हरि नारायण ओझा और कमल नारायण ओझा ने बताया कि मुआवजा वितरण में विभागीय कर्मचारी मनमानी कर रहे हैं। वह जिसका चाहते हैं उसके खाते में रुपये भेजते हैं, बाकी किसानों को आश्वासन देकर लौटा देते हैं।
ऑनलाइन फीडिंग में हो रहा खेल
मुआवजा भुगतान के लिए किसानों का डाटा ऑनलाइन किया जा रहा है। एनआईसी में हो रही फीडिंग में व्यापक स्तर पर खेल हो रहा है। मुआवजा दिलाने में कुछ दलाल सक्रिय हैं जो अफसरों के नाम पर वसूली करके डाटा फीडिंग कराते हैं। जो लोग सुविधा शुल्क देने में आनाकानी करते हैं, उन्हें आज नहीं कल बताकर वापस कर दिया जाता है।
सिटी के एक भी किसान को नहीं मिला मुआवजा
टाउन एरिया प्रतापगढ़ के एक भी किसान को अभी मुआवजे की धनराशि नहीं मिली है। इसकी वजह सिटी के किसानों का डाटा ऑनलाइन नहीं होना बताया जा रहा है। विभागीय लोगों का दावा है कि राजस्व विभाग की साइट पर सिटी के किसानों का डाटा फीड हो गया है। जल्द ही एनएच की साइट पर अपलोड करा दिया जाएगा।
बजट नहीं, अब एनएच सीधे किसानों के खाते में भेजेगा रकम
किसानों को मुआवजा बांटने के लिए अब बजट मिलना बंद हो गया है। किसानों का डाटा ऑनलाइन करके मांगपत्र भेजने पर उतनी धनराशि किसानों के खाते में भेज दी जाएगी।
मगर फीडिंग का कार्य एनआईसी से ही होना है। हालांकि इन दिनों मामला पूरी तरह ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है।
जिले के कुछ किसानों को अभी मुआवजे की रकम नहीं मिली है। अगर कर्मचारी गड़बड़ी कर रहे हैं, तो इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल डाटा फीडिंग का कार्य चल रहा है, जल्द ही बचे हुए किसानों के खाते में धनराशि पहुंच जाएगी।
इंद्रभूषण वर्मा, मुख्य राजस्व अधिकारी