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करोड़ाें के बकाएदार सरकारी विभागों में लगेगा प्रीपेड मीटर

Mon, 03 Jul 2017 02:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़ Updated Mon, 03 Jul 2017 02:10 AM IST
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Prepaid meters will be seen in outstanding government departments of crores
बिजली परियोजना - फोटो : अमर उजाला
जिले में करोड़ों के बकाएदार सरकारी विभागों में अब बिजली विभाग प्रीपेड मीटर लगाने जा रहा है। तमाम प्रयास के बाद भी बिल न जमा होने से परेशान बिजली विभाग ने बकाएदार विभागों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। जल्द ही बेसिक शिक्षा विभाग, माध्यमिक शिक्षा, स्वास्थ विभाग सहित अन्य सरकारी विभागों में प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे। इसके बाद सरकारी विभाग जितने रुपये जमा करेंगे, उतनी ही बिजली उन्हें मिल सकेगी। इससे बिजली विभाग को खासी राहत मिलेगी।
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विद्युत पारेषण खंड प्रथम व द्वितीय के तहत 3 लाख उपभोक्ता हैं। इसमें से करीब 50 हजार बड़े बकाएदार थे, जिनसे विभाग को करोड़ों की चपत लग रही थी। बकाएदारों से बिल वसूली के लिए विद्युत विभाग ने सरचार्ज माफी योजना की पहल की। जिसमें ब्याज माफी की सहूलियत प्रदान कर काफी अनुपात में बिल की वसूली की। इसके अलावा रजिस्ट्रेशन के बाद बिल न जमा करने वालों को नोटिस भी थमाया जा रहा है। मगर करोड़ाें के बकाएदार सरकारी विभाग बिल जमा करने के लिए आगे नहीं आए। इसके लिए विद्युत विभाग द्वारा कई बार पहल की गई। विभाग की मानें तो बेसिक शिक्षा विभाग का 10 वर्षों का बिल करीब 5-6 करोड़ है।
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सभी सरकारी विभागों में यह विभाग सबसे बड़ा बकाएदार है। इसके अलावा न्याय विभाग 12 लाख, परिवहन विभाग 7 लाख, माध्यमिक शिक्षा 7 लाख, पुलिस विभाग 25 लाख रुपये के विद्युत बकाएदार हैं। वहीं अन्य विभागों में भी बिजली विभाग ने कई बार वसूली को लेकर अभियान चलाया,  लेकिन इसका कोई असर नहीं दिखा। ऐसे में विद्युत विभाग ने सरकारी विभागों में प्रीपेड मीटर लगाने की योजना शुरू कर दी है। प्रीपेड मीटर की पहल से विद्युत विभाग को काफी फायदा होगा। इससे विभाग जितने रुपये जमा करेगा उतनी बिजली मिलेगी। धनराशि खत्म होते ही आपूर्ति ठप हो जाएगी। इसके बाद जब पुन: आपूर्ति के हिसाब से रुपये खर्च करेंगे तो उनकी आपूर्ति शुरू होगी। एक्सईएन प्रथम सत्यप्रकाश मिश्र व एक्सईएन द्वितीय ओपी मिश्र ने बताया कि  प्रीपेड मीटर की पहल से विद्युत विभाग को बिल वसूलने के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी। इस पहल से विभाग लाभान्वित हेागा।
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