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प्रतापगढ़ : 210 परीक्षा केंद्रों पर यूपी बोर्ड परीक्षा का आगाज
Thu, 07 Feb 2019 12:47 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 07 Feb 2019 12:47 AM IST
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यूपी बोर्ड परीक्षा
- फोटो : प्रतापगढ़
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यूपी बोर्ड परीक्षा गुरुवार से हो रही है। जिले के 210 परीक्षा केंद्रों पर जिला प्रशासन ने सुपर जोनल, जोनल, सेक्टर, स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की है। बोर्ड परीक्षा के लिए में 10वीं में 71,582 और 12वीं में 62,952 परीक्षार्थियों ने आवेदन किया है। परीक्षा दो मार्च को समाप्त होगी। हाईस्कूल के परीक्षार्थियों की 17 दिन और इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों की 19 दिन में परीक्षा समाप्त होगी। 10वीं में पहले दिन पहली पाली में जिले के 47 केंद्रों पर मात्र 550 परीक्षार्थी शामिल होंगे। दूसरी पाली में 12वीं की परीक्षा 201 केंद्रों पर होगी।
जिला प्रशासन ने यूपी बोर्ड की परीक्षा नकलविहीन कराने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। सीएम ने मंगलवार को दोटूक शब्दों में अफसरों को चेताया है कि अगर परीक्षा में नकल की सूचना मिली, तो उस जिले के डीएम, डीआईओएस और केंद्र व्यवस्थापक को जेल भेजा जाएगा। कार्रवाई के भय से अफसरों ने परीक्षा केंद्रों पर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही बड़ी संख्या में पुलिस की तैनाती की है।
जिले के 210 परीक्षा केंद्रों को दो जोन में बांटा गया है। एडीएम मनोज कुमार सिंह को सदर जोन और डीएफओ डीआर अहिरवार को कुंडा जोन का सुपर जोनल मजिस्ट्रेट बनाया गया है। जिले के सभी एसडीएम को जोनल मजिस्ट्रेट और तहसीलदार, बीडीओ और जनपदस्तरीय अफसरों को सेक्टर मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात किया गया है। सभी केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती के साथ ही नए 60 केंद्रों पर विकास और राजस्व विभाग के कर्मचारियों को वाह्य केंद्र व्यवस्थापक की जिम्मेदारी दी गई है। सात फरवरी से प्रारंभ हो रही परीक्षा दो मार्च को समाप्त होगी।
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पहली पाली में हाईस्कूल के 528 परीक्षार्थी 40 केंद्रों पर संगीत गायन की जबकि सात केंद्रों पर इंटरमीडिएट के 22 परीक्षार्थी काष्ठ शिल्प, ग्रंथ शिल्प, सिलाई की परीक्षा देंगे। दूसरी पाली में 10वीं की परीक्षा नहीं है, जबकि 12वीं के परीक्षार्थी 201 केंद्रों पर शिक्षा शास्त्र की परीक्षा देंगे।
नकल पर नकेल कसते ही घट गए परीक्षार्थी
बढ़ने के बजाए घट गए, इस वर्ष 6,810 परीक्षार्थी
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में नकल पर नकेल कसने की तैयारी देखकर इस वर्ष 6,810 परीक्षार्थी कम हो गए हैं। परीक्षार्थियों की संख्या में सबसे अधिक कमी हाईस्कूल में आई है, जबकि इंटरमीडिएट में मामूली अंतर है। इधर जिला प्रशासन ने नकल रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों के कक्ष में दोनों तरफ से सीसीटीवी कैमरा और वाइस रिकार्डर लगाया गया है।
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में वर्ष 2018 में 1,41,344 परीक्षार्थियों ने आवेदन किया था, जबकि वर्ष 2019 में 1,34,534 ने आवेदन किया है। इससे 2019 में परीक्षार्थियों की संख्या में 6,810 की कमी आई है। वर्ष 2018 में हाईस्कूल में 77,725 परीक्षार्थियों ने आवेदन किया था, जबकि वर्ष 2019 में 71,582 छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया है, जबकि 6,143 आवेदन कम आए हैं। इंटरमीडिएट में वर्ष 2018 में 63,619 परीक्षार्थियों ने आवेदन किया था, जबकि वर्ष 2019 में 62,952 परीक्षार्थियों ने आवेदन किया है, 667 परीक्षार्थी कम हुए हैं।
वर्ष 2018 में हुई बोर्ड परीक्षा में अधिकांश केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरा नहीं लगाया गया था। जिस केंद्र पर लगाया था, उसमें एक कक्ष में एक ही कैमरा लगाया था। इससे नकल कराने वाले उस स्थान पर खड़े होकर बोल देते थे, जहां कैमरे की नजर पहुंचती थी, मगर इस वर्ष परीक्षा कक्ष में दोनों ओर से सीसीटीवी कैमरा और वाइस रिकार्डर लगवाया गया है। परीक्षा के आवेदन पत्र भरने के पहले ही यह अभियान प्रारंभ कर दिया गया था। इसलिए अधिकांश परीक्षार्थियों ने नकल नहीं होने की जानकारी होने के कारण इस वर्ष आवेदन ही नहीं किया है। इससे परीक्षार्थियों की संख्या घट गई है।
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जिला प्रशासन ने यूपी बोर्ड की परीक्षा नकलविहीन कराने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। सीएम ने मंगलवार को दोटूक शब्दों में अफसरों को चेताया है कि अगर परीक्षा में नकल की सूचना मिली, तो उस जिले के डीएम, डीआईओएस और केंद्र व्यवस्थापक को जेल भेजा जाएगा। कार्रवाई के भय से अफसरों ने परीक्षा केंद्रों पर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही बड़ी संख्या में पुलिस की तैनाती की है।
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जिले के 210 परीक्षा केंद्रों को दो जोन में बांटा गया है। एडीएम मनोज कुमार सिंह को सदर जोन और डीएफओ डीआर अहिरवार को कुंडा जोन का सुपर जोनल मजिस्ट्रेट बनाया गया है। जिले के सभी एसडीएम को जोनल मजिस्ट्रेट और तहसीलदार, बीडीओ और जनपदस्तरीय अफसरों को सेक्टर मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात किया गया है। सभी केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती के साथ ही नए 60 केंद्रों पर विकास और राजस्व विभाग के कर्मचारियों को वाह्य केंद्र व्यवस्थापक की जिम्मेदारी दी गई है। सात फरवरी से प्रारंभ हो रही परीक्षा दो मार्च को समाप्त होगी।
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पहली पाली में हाईस्कूल के 528 परीक्षार्थी 40 केंद्रों पर संगीत गायन की जबकि सात केंद्रों पर इंटरमीडिएट के 22 परीक्षार्थी काष्ठ शिल्प, ग्रंथ शिल्प, सिलाई की परीक्षा देंगे। दूसरी पाली में 10वीं की परीक्षा नहीं है, जबकि 12वीं के परीक्षार्थी 201 केंद्रों पर शिक्षा शास्त्र की परीक्षा देंगे।
नकल पर नकेल कसते ही घट गए परीक्षार्थी
बढ़ने के बजाए घट गए, इस वर्ष 6,810 परीक्षार्थी
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में नकल पर नकेल कसने की तैयारी देखकर इस वर्ष 6,810 परीक्षार्थी कम हो गए हैं। परीक्षार्थियों की संख्या में सबसे अधिक कमी हाईस्कूल में आई है, जबकि इंटरमीडिएट में मामूली अंतर है। इधर जिला प्रशासन ने नकल रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों के कक्ष में दोनों तरफ से सीसीटीवी कैमरा और वाइस रिकार्डर लगाया गया है।
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में वर्ष 2018 में 1,41,344 परीक्षार्थियों ने आवेदन किया था, जबकि वर्ष 2019 में 1,34,534 ने आवेदन किया है। इससे 2019 में परीक्षार्थियों की संख्या में 6,810 की कमी आई है। वर्ष 2018 में हाईस्कूल में 77,725 परीक्षार्थियों ने आवेदन किया था, जबकि वर्ष 2019 में 71,582 छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया है, जबकि 6,143 आवेदन कम आए हैं। इंटरमीडिएट में वर्ष 2018 में 63,619 परीक्षार्थियों ने आवेदन किया था, जबकि वर्ष 2019 में 62,952 परीक्षार्थियों ने आवेदन किया है, 667 परीक्षार्थी कम हुए हैं।
वर्ष 2018 में हुई बोर्ड परीक्षा में अधिकांश केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरा नहीं लगाया गया था। जिस केंद्र पर लगाया था, उसमें एक कक्ष में एक ही कैमरा लगाया था। इससे नकल कराने वाले उस स्थान पर खड़े होकर बोल देते थे, जहां कैमरे की नजर पहुंचती थी, मगर इस वर्ष परीक्षा कक्ष में दोनों ओर से सीसीटीवी कैमरा और वाइस रिकार्डर लगवाया गया है। परीक्षा के आवेदन पत्र भरने के पहले ही यह अभियान प्रारंभ कर दिया गया था। इसलिए अधिकांश परीक्षार्थियों ने नकल नहीं होने की जानकारी होने के कारण इस वर्ष आवेदन ही नहीं किया है। इससे परीक्षार्थियों की संख्या घट गई है।