प्रतापगढ़ : मवेशी को बचाने में बेकाबू ट्रैक्टर पलटने से चालक समेत दो की मौत
राहाटीकर भगवानदीन का पुरवा गांव के पास मवेशी सड़क से गुजर रहे थे। जिन्हें बचाने के लिए लवकुश ने ब्रेक लगा दिया। जिससे ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे पलट गया। जिसके नीचे वीरेंद्र और लवकुश दब गए।
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उदयपुर इलाके के राहाटीकर भगवानदीन का पुरवा गांव के पास सड़क पार कर रहे मवेशी को बचाने में अनियंत्रित होकर ट्रैक्टर पलटने से चालक समेत दो लोगों की मौत हो गई। वे खेत की जोताई कर घर लौट रहे थे। मौत की खबर उनके घर पहुंची तो कोहराम मच गया। उदयपुर थाना क्षेत्र के राहाटीकर कुड़वाड़ा गांव निवासी चंद्रिका यादव का बेटा लवकुश यादव (22) शुक्रवार की रात बेनदीदीन उछापुर के रहने वाले दोस्त वीरेंद्र कुमार यादव (20) के ननिहाल कुसौली खेत की जोताई करने के लिए गया था। रात करीब दस बजे ननिहाल के लोग वीरेंद्र व लवकुश को रोक रहे थे मगर वे घर जाने की जिद करते हुए निकल पड़े।
राहाटीकर भगवानदीन का पुरवा गांव के पास मवेशी सड़क से गुजर रहे थे। जिन्हें बचाने के लिए लवकुश ने ब्रेक लगा दिया। जिससे ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे पलट गया। जिसके नीचे वीरेंद्र और लवकुश दब गए। हादसे की जानकारी के बाद स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने जेसीबी से ट्रैक्टर के नीचे से दबे लोगों को बाहर निकाला गया। हालांकि तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। यह देख परिजन रोने बिलखने लगे। देर शाम पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर परिजन घर पहुंचे। यह देख परिजन रोने बिलखने लगे। दोनों दोस्तों के शवों का अंतिम संस्कार अब रविवार को होगा।
चार माह पहले ही लवकुश के लिए खरीदा था ट्रैक्टर
मृतक लवकुश यादव दो भाइयों में सबसे छोटा था। पांच बहनें भी उससे बड़ी थीं। तीन बड़ी बहनों की शादी के बाद पिता की सलाह पर वह घर पर रहकर काम-काज करता था। बड़े भाई व पिता ने चार माह पहले उसे नया ट्रैक्टर खरीदकर दिया। घटना की जानकारी से लवकुश के परिजन सहित उसकी मां देवमती बदहवास नजर आईं। इधर, मृतक वीरेंद्र चार भाइयों मे सबसे छोटा था, चार बहनों मे से दो बहनों की शादी हो चुकी है। वीरेंद्र की मां निर्मला देवी का रो रो कर हाल खराब है। मृतक लवकुश व वीरेंद्र के बीच गहरी दोस्ती की चर्चा कर करते हुए ग्रामीण भी गमगीन नजर आए।
दोनों को खींच लाई मौत
वीरेंद्र के ननिहाल कुसौली में खेत की जुताई के बाद दोनों ने खाना खाया। उसके मामा दोनों को रोकते रहे मगर वे घर जाने की जिद पर अड़े रहे। उनकी जिद को देखते हुए मामा ने जाने की अनुमति दे दी। हादसे के बाद खबर कुसौली पहुंची तो कोहराम मच गया। हर कोई उन्हें रोकने की बात करता रहा। मगर साथ यह भी कहते रहे दोनों की मौत उन्हें खींच ले गई।