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प्रतापगढ़: शहर को संवारने के लिए खर्च होंगे 46 करोड़
Tue, 04 Jun 2019 12:28 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 04 Jun 2019 12:28 AM IST
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नगर पालिका बोर्ड की बैठक
- फोटो : pratapgarh
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सोमवार को छह महीने बाद हुई नगर पालिका बोर्ड की बैठक शहर के विकास का खाका तैयार किया गया। इस दौरान इस वित्तीय वर्ष में 46 करोड़ 76 लाख रुपये शहर के विकास पर खर्च करने के लिए स्वीकृति प्रदान की गई।
साथ ही तय किया गया कि पाइप लाइन से घर-घर गैस की सप्लाई करने के लिए नगर पालिका कंपनी को स्टोर स्थल के लिए जमीन मुहैया कराएगी। चेयरमैन ने कहा कि एक सप्ताह के भीतर जेई अनुमानित स्टीमेट तैयार कर सड़क, नाला समेत अन्य कार्यों के लिए टेंडर कराएं।
सोमवार अपराह्न 3.15 बजे शुरू हुई नगरपालिका बोर्ड की बैठक शाम 5.45 बजे तक चली। बैठक की अध्यक्षता चेयरमैन प्रेमलता सिंह व संचालन ईओ मुदित सिंह ने किया। शुरुआत में ही करनपुर के सभासद विनय सिंह उर्फ भोला ने एजेंडे के साथ आय-व्यय का ब्योरा उपलब्ध न कराए जाने पर नाराजगी जताई।
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इस पर ईओ मुदित सिंह ने भरोसा दिया कि उनकी बातों के साथ अन्य प्राथमिकता वाले मुद्दों को लिखने के बाद प्रोसिंडिंग बुक में दर्ज किया जाएगा। इसे लेकर करीब 40 मिनट तक हंगामा होता रहा। मकन्द्र्रूगंज के सभासद ज्ञानेश मिश्र कार्रवाई आगे बढ़ाने की बात करते रहे।
करीब 40 मिनट बाद ईओ व सदस्यों के अनुरोध पर चर्चा प्रारंभ हो सकी। जिसमें 2019-2020 में मूल अर्थ संकल्प वर्ष की स्वीकृति को लेकर तकरार हुई। सभासद विनय सिंह, श्रीनाथ यादव, मोहिब्बुल आफरीन उर्फ पप्पू ने कहा कि जब उन लोगों को इस बात की जानकारी ही नहीं हो सकेगी कि कितनी धनराशि किस कार्य पर खर्च हुई तब कैसे आगामी बजट को स्वीकृति दी जाए।
ईओ ने भरोसा दिलाया कि आने वाले दिनों में सभी कमियों को दूर किया जाएगा। आगामी वित्तीय वर्ष मे ं46 करोड़ 76 लाख से शहर का विकास होगा। इस दौरान आउटसोर्सिंग पर कर्मचारियों को रखने की दिशा में अभी तक कोई कदम न उठाए जाने पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा होर्डिँग्स के ठेके का भी मुद्दा उठा।
शहर में दौड़ रहे ई-रिक्शा से जाम की समस्या को देखते हुए आवागमन सुलभ करने के लिए ई-रिक्शा संचालन को लेकर नियमावली बनाए जाने पर विमर्श हुआ। खराब हैंडपंपों की मरम्मत, पथ विक्रेेताओं की सहूलियत के लिए पहले पंजीकरण कराए जाने, डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के कार्य को और बेहतर बनाने का सुझाव स्वीकार किया गया।
चेयरमैन ने कहा कि एक सप्ताह के भीतर जेई अनुमानित स्टीमेट तैयार कर सड़क, नाला समेत अन्य कार्यों के लिए टेंडर कराएं। शहर में गैस पाइप लाइन बिछाने के लिए कंपनी को नगर में स्थान दिया जाएगा। शहर में चलने वाले वाहन स्टैंड को ठेके पर दिया जाएगा।
आरओ वाटर सभी मोहल्लों में उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। इस मौके पर अभय कुमार, आरती सरोज, इमरान, उदयशंकर, धर्मशील शुक्ला, मेहरुन निशा, सुशीला मिश्रा, दीपक कुमार, प्रदीप जायसवाल, शहनाज बानो समेत अन्य सदस्य व कर्मचारी मौजूद रहे।
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साथ ही तय किया गया कि पाइप लाइन से घर-घर गैस की सप्लाई करने के लिए नगर पालिका कंपनी को स्टोर स्थल के लिए जमीन मुहैया कराएगी। चेयरमैन ने कहा कि एक सप्ताह के भीतर जेई अनुमानित स्टीमेट तैयार कर सड़क, नाला समेत अन्य कार्यों के लिए टेंडर कराएं।
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सोमवार अपराह्न 3.15 बजे शुरू हुई नगरपालिका बोर्ड की बैठक शाम 5.45 बजे तक चली। बैठक की अध्यक्षता चेयरमैन प्रेमलता सिंह व संचालन ईओ मुदित सिंह ने किया। शुरुआत में ही करनपुर के सभासद विनय सिंह उर्फ भोला ने एजेंडे के साथ आय-व्यय का ब्योरा उपलब्ध न कराए जाने पर नाराजगी जताई।
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इस पर ईओ मुदित सिंह ने भरोसा दिया कि उनकी बातों के साथ अन्य प्राथमिकता वाले मुद्दों को लिखने के बाद प्रोसिंडिंग बुक में दर्ज किया जाएगा। इसे लेकर करीब 40 मिनट तक हंगामा होता रहा। मकन्द्र्रूगंज के सभासद ज्ञानेश मिश्र कार्रवाई आगे बढ़ाने की बात करते रहे।
करीब 40 मिनट बाद ईओ व सदस्यों के अनुरोध पर चर्चा प्रारंभ हो सकी। जिसमें 2019-2020 में मूल अर्थ संकल्प वर्ष की स्वीकृति को लेकर तकरार हुई। सभासद विनय सिंह, श्रीनाथ यादव, मोहिब्बुल आफरीन उर्फ पप्पू ने कहा कि जब उन लोगों को इस बात की जानकारी ही नहीं हो सकेगी कि कितनी धनराशि किस कार्य पर खर्च हुई तब कैसे आगामी बजट को स्वीकृति दी जाए।
ईओ ने भरोसा दिलाया कि आने वाले दिनों में सभी कमियों को दूर किया जाएगा। आगामी वित्तीय वर्ष मे ं46 करोड़ 76 लाख से शहर का विकास होगा। इस दौरान आउटसोर्सिंग पर कर्मचारियों को रखने की दिशा में अभी तक कोई कदम न उठाए जाने पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा होर्डिँग्स के ठेके का भी मुद्दा उठा।
शहर में दौड़ रहे ई-रिक्शा से जाम की समस्या को देखते हुए आवागमन सुलभ करने के लिए ई-रिक्शा संचालन को लेकर नियमावली बनाए जाने पर विमर्श हुआ। खराब हैंडपंपों की मरम्मत, पथ विक्रेेताओं की सहूलियत के लिए पहले पंजीकरण कराए जाने, डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के कार्य को और बेहतर बनाने का सुझाव स्वीकार किया गया।
चेयरमैन ने कहा कि एक सप्ताह के भीतर जेई अनुमानित स्टीमेट तैयार कर सड़क, नाला समेत अन्य कार्यों के लिए टेंडर कराएं। शहर में गैस पाइप लाइन बिछाने के लिए कंपनी को नगर में स्थान दिया जाएगा। शहर में चलने वाले वाहन स्टैंड को ठेके पर दिया जाएगा।
आरओ वाटर सभी मोहल्लों में उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। इस मौके पर अभय कुमार, आरती सरोज, इमरान, उदयशंकर, धर्मशील शुक्ला, मेहरुन निशा, सुशीला मिश्रा, दीपक कुमार, प्रदीप जायसवाल, शहनाज बानो समेत अन्य सदस्य व कर्मचारी मौजूद रहे।