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प्रतापगढ़: शहीद स्थल कहला और रूरे से होता था चुनावी आगाज
Fri, 05 Apr 2019 12:18 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 05 Apr 2019 12:18 AM IST
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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी।
- फोटो : amar ujala
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कभी शहीद स्थल कहला व रूरे से सियासत को धार दी जाती थी। 1971 के लोकसभा चुनाव के दौरान शहीद स्थल रूरे में जहां पूर्व प्रधानमंत्री अटलजी ने जनसभा कर कार्यकर्ताओं को एकजुट किया था, वहीं इसी लोकसभा चुनाव के दौरान इंदिरा गांधी ने भी कहला शहीदस्थल से हुंकार भरी थी।
बात 1971 की है। उस दौरान लोकसभा चुनाव की सरगर्मी तेज थी। चुनाव के सिलसिले में बेल्हा में अटलजी का आना हुआ। वह प्रयागराज से सीधे बेल्हा पहुंचे। यहां आरएसएस के प्रचारक लखनलाल चौरसिया के यहां रात्रि विश्राम किया। लखनलाल के करीबी घनश्याम गुप्ता बताते हैं कि दूसरे दिन रूरे में अटलजी की जनसभा थी। यहां से वह लखनलाल की कार से रूरे में पहुंचे। यहां कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ा था।
उन्होंने यहां करीब एक घंटे से अधिक समय तक भाषण दिया। जिसमें कार्यकर्ताओं की महत्ता, देश प्रेम, राजधर्म, जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी सहित विभिन्न विषयों पर उन्होंने अपनी राय रखी। इसी दौरान देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का भी दौरा हुआ। उन्होंने कहला शहीद स्थल में जनसभा की। सर्वोदय संस्थान के अध्यक्ष आचार्य पं. ओमप्रकाश पंाडेय बताते हैं कि रानीगंज तहसील क्षेत्र के कहला गांव में स्थित शहीद स्थल को नमन किया था।
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किसान आंदोलन के दौरान अंग्रेजों की गोली का शिकार हुए रामदास, कालिका प्रसाद, मथुरा प्रसाद सहित अन्य शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किया। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के कारण कहला गांव छावनी में तब्दील हो गया था।
भीड़ देख अटलजी ने ली थी चुटकी
रूरे में आयोजित जनसभा मेें कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ थी। चहुंओर जिंदाबाद के नारे लगे रहे थे। यह देख अटलजी से रहा नहीं गया। वह लखनलाल से पूछ बैठे..यह किराए की भीड़ तो नहीं। लखनलाल मुस्कराए और कहा- नहीं जी, यह कर्मठ कार्यकर्ताओं और आपके समर्थकों की भीड़ है।
कहला में बुआ विजयलक्ष्मी पंडित संग आई थीं इंदिरा
सर्वोदय सद्भावना संस्थान के अध्यक्ष पं. ओमप्रकाश पांडेय बताते हैं कि 16 फरवरी 1931 को कहला में आयेाजित किसान आंदोनल के दौरानकालिका प्रसाद, मथुरा प्रसाद व रामदास अंग्रेजों की गोली के शिकार हो गए। इसकी सूचना मिलने पर 17 फरवरी को पं. जवाहर लाल नेहरू कहला आए थे। उसके दूसरे दिन 18 फरवरी को इंदिराजी अपनी बुआ विजय लक्ष्मी पंडित के साथ कहला आई थीं।
आकाशवाणी के पंचायत घर कार्यक्रम में रामसूरत का चयन
प्रतापगढ़। आकाशवाणी प्रयागराज द्वारा आयोजित पंचायत घर कार्यक्रम में वार्ता के लिए सृजना साहित्यिक संस्था के संगठन मंत्री रामसूरत पांडेय का चयन हुआ है। बुधवार को सृजना साहित्य संस्था कार्यालय पर आयोजित बैठक में पदाधिकारियों ने हर्ष जताया है। इस अवसर पर महेश नारायन तिवारी, दिनेश पांडेय, अतुल कुमार पांडेय, दीपक पांडेय, शिवानी पांडेय, लक्ष्मी, राजकुमारी, ओमप्रकाश पांडेय आदि मौजूद रहे।
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बात 1971 की है। उस दौरान लोकसभा चुनाव की सरगर्मी तेज थी। चुनाव के सिलसिले में बेल्हा में अटलजी का आना हुआ। वह प्रयागराज से सीधे बेल्हा पहुंचे। यहां आरएसएस के प्रचारक लखनलाल चौरसिया के यहां रात्रि विश्राम किया। लखनलाल के करीबी घनश्याम गुप्ता बताते हैं कि दूसरे दिन रूरे में अटलजी की जनसभा थी। यहां से वह लखनलाल की कार से रूरे में पहुंचे। यहां कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ा था।
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उन्होंने यहां करीब एक घंटे से अधिक समय तक भाषण दिया। जिसमें कार्यकर्ताओं की महत्ता, देश प्रेम, राजधर्म, जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी सहित विभिन्न विषयों पर उन्होंने अपनी राय रखी। इसी दौरान देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का भी दौरा हुआ। उन्होंने कहला शहीद स्थल में जनसभा की। सर्वोदय संस्थान के अध्यक्ष आचार्य पं. ओमप्रकाश पंाडेय बताते हैं कि रानीगंज तहसील क्षेत्र के कहला गांव में स्थित शहीद स्थल को नमन किया था।
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किसान आंदोलन के दौरान अंग्रेजों की गोली का शिकार हुए रामदास, कालिका प्रसाद, मथुरा प्रसाद सहित अन्य शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किया। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के कारण कहला गांव छावनी में तब्दील हो गया था।
भीड़ देख अटलजी ने ली थी चुटकी
रूरे में आयोजित जनसभा मेें कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ थी। चहुंओर जिंदाबाद के नारे लगे रहे थे। यह देख अटलजी से रहा नहीं गया। वह लखनलाल से पूछ बैठे..यह किराए की भीड़ तो नहीं। लखनलाल मुस्कराए और कहा- नहीं जी, यह कर्मठ कार्यकर्ताओं और आपके समर्थकों की भीड़ है।
कहला में बुआ विजयलक्ष्मी पंडित संग आई थीं इंदिरा
सर्वोदय सद्भावना संस्थान के अध्यक्ष पं. ओमप्रकाश पांडेय बताते हैं कि 16 फरवरी 1931 को कहला में आयेाजित किसान आंदोनल के दौरानकालिका प्रसाद, मथुरा प्रसाद व रामदास अंग्रेजों की गोली के शिकार हो गए। इसकी सूचना मिलने पर 17 फरवरी को पं. जवाहर लाल नेहरू कहला आए थे। उसके दूसरे दिन 18 फरवरी को इंदिराजी अपनी बुआ विजय लक्ष्मी पंडित के साथ कहला आई थीं।
आकाशवाणी के पंचायत घर कार्यक्रम में रामसूरत का चयन
प्रतापगढ़। आकाशवाणी प्रयागराज द्वारा आयोजित पंचायत घर कार्यक्रम में वार्ता के लिए सृजना साहित्यिक संस्था के संगठन मंत्री रामसूरत पांडेय का चयन हुआ है। बुधवार को सृजना साहित्य संस्था कार्यालय पर आयोजित बैठक में पदाधिकारियों ने हर्ष जताया है। इस अवसर पर महेश नारायन तिवारी, दिनेश पांडेय, अतुल कुमार पांडेय, दीपक पांडेय, शिवानी पांडेय, लक्ष्मी, राजकुमारी, ओमप्रकाश पांडेय आदि मौजूद रहे।