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मुखबिरों व पुलिस मित्रों ने पुलिस से बनाई दूरी
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Mon, 22 Feb 2016 11:52 PM IST
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पशु तस्करों की मुखबिरी करने के चलते सपा नेता इदरीश उर्फ विधायक अपनी जान गंवा बैठा। उसकी मौत के बाद से मुखबिरों व पुलिस मित्रों के होश उड़ गए ह्रैं। ऐसे लोगों ने लालगंज कोतवाली से किनारा कर लिया है। लाख प्रयास के बाद भी ये पुलिस के नजदीक जाने का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं।
बतादें कि लालगंज कोतवाली के डीहमेंहदी बाबूगंज में 17 फरवरी की शाम सपा नेता मो. इदरीश उर्फ विधायक की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके पीछे परिजनों ने कयास लगाया कि वारदात के दो दिन पहले गांव के ही अंसार समेत छह लोग प्रतिबंधित पशु को काटते रंगे हाथ पकडे़ गए थे। इनमें से गिरफ्त में आए अंसार समेत तीन को पुलिस ने जेल भेजा दिया गया था। आरोपियों को कहीं से पता चला कि पड़ोस के रहने वाले सपा नेता ने पुलिस को मुखबिरी की है। इसी रंजिश में अंसार के पुत्र इमरान ने साथियों के साथ गोली मार कर उनकी हत्या कर दी। पत्नी रजिया ने इमरान समेत दो अज्ञात बदमाशों के खिलाफ हत्या का के स भी दर्ज कराया है।
मुखबिरों के किनारा करने लेने की कीमत भी पुलिस को चुकानी पड़ रही है। सटीक सूचना के आभाव में सपा नेता के हत्यारों को भनक तक पुलिस को नहीं लग रही है। अभी तक घटनाओं का खुलासा और आरोपियों की गिरफ्तारी करने की पीठ थपथपाने वाली लालगंज पुलिस मुखबिरी सूचनाओं के आभाव में साइलेंट मोड में चली गई है। सपा नेता के हत्यारे पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं।
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बतादें कि लालगंज कोतवाली के डीहमेंहदी बाबूगंज में 17 फरवरी की शाम सपा नेता मो. इदरीश उर्फ विधायक की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके पीछे परिजनों ने कयास लगाया कि वारदात के दो दिन पहले गांव के ही अंसार समेत छह लोग प्रतिबंधित पशु को काटते रंगे हाथ पकडे़ गए थे। इनमें से गिरफ्त में आए अंसार समेत तीन को पुलिस ने जेल भेजा दिया गया था। आरोपियों को कहीं से पता चला कि पड़ोस के रहने वाले सपा नेता ने पुलिस को मुखबिरी की है। इसी रंजिश में अंसार के पुत्र इमरान ने साथियों के साथ गोली मार कर उनकी हत्या कर दी। पत्नी रजिया ने इमरान समेत दो अज्ञात बदमाशों के खिलाफ हत्या का के स भी दर्ज कराया है।
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मुखबिरों के किनारा करने लेने की कीमत भी पुलिस को चुकानी पड़ रही है। सटीक सूचना के आभाव में सपा नेता के हत्यारों को भनक तक पुलिस को नहीं लग रही है। अभी तक घटनाओं का खुलासा और आरोपियों की गिरफ्तारी करने की पीठ थपथपाने वाली लालगंज पुलिस मुखबिरी सूचनाओं के आभाव में साइलेंट मोड में चली गई है। सपा नेता के हत्यारे पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं।
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