फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   pratapgarh news

जर्जर कस्तूरबा विद्यालय में बदहाली का दंश झेल रहीं बालिकाएं

Thu, 21 Jan 2016 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़ Updated Thu, 21 Jan 2016 11:24 PM IST
विज्ञापन
कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राएं बदहाली का दंश झेल रही हैं। विद्यालय में व्यवस्थाओं के साथ ही खाने-पीने में भी कटौती की जा रही है। यही नहीं शिक्षक और शिक्षिकाओं के साथ ही बाबू भी विद्यालय से गायब रहते हैं। ऐसे में बालिकाओं की शिक्षा के साथ ही उनका जीवन भी बदहाली में बीत रहा है।
विज्ञापन


कालाकांकर विकास क्षेत्र के जनवामऊ स्थित कस्तूरबा आरासीय बालिका विद्यालय में 100 बालिकाएं रजिस्टर्ड हैं। इसमें वार्डन समेत 7 अध्यापक व तीन तीन लिपिक तैनात हैं। बालिकाओ से पता चला कि मेन्यू के हिसाब से सुबह दूध नहीं मिलता। एक ही बिस्तर में तीन बालिकाओं को सोना पड़ता है। रसोइयां होने के बाद भी बच्चे ही अपनी थाली धोते हैं। अध्यापकों में महज तीन ही मौजूद रहे। वार्डन के बारे मे पता चला कि वह आए दिन जिला कार्यालय ही रहती हैें। शिक्षकों ने बताया कि विद्यालय में महज तीन कुर्सी है।
विज्ञापन


क्लास में डेस्क पर ही बैठना पड़ता है। शौचालय की छतों से पानी टपकता है। फ र्श टूटी है और क्लास रूम के प्लास्टर उखड़कर गिरते रहते हैं। विद्यालय परिसर में आए दिन नहर का पानी भर जाता है। इससे आने जाने में भी भारी दिक्कतें आती हैं। विद्यालय की वार्डेन मधूलिका ने फोन पर बताया कि दूध दिया जाता है। इस संदर्भ में डीपीसी सरोज सिंह ने बताया कि विद्यालय के भवन की हालत बेहद दयनीय है। आवासीय कमरों में खिड़की दरवाजे टूटे पड़े हैं। इसकी जानकारी बीएसए को दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन




विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed