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दूसरे दिन भी ठप रहा वाराणसी-लखनऊ रेलमार्ग
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Tue, 22 Dec 2015 11:33 PM IST
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सोमवार को दुर्घटनाग्रस्त हुई मालगाड़ी का मलबा न हटने से दूसरे दिन मंगलवार को भी वाराणसी-लखनऊ वाया प्रतापगढ़ रेलमार्ग पर आवागमन ठप रहा। रूट ठप होने से तीन ट्रेनें कैंसिल करनी पड़ीं। कई का रूट बदलना पड़ा। इससे मुसाफिरों को काफी दिक्कतें आईं। लोगों को ट्रेन पकड़ने के लिए लखनऊ और सुल्तानपुर की भागदौड़ करनी पड़ी। अधिकतर यात्रियों को यात्रा कैंसिल करनी पड़ी।
सोमवार सुबह वाराणसी से प्रतापगढ़ की ओर आ रही कोयले से लदी मालगाड़ी मोढ़ रेलवे स्टेशन से आगे बढ़ने के बाद पटरी से उतर गई थी। इस घटना से वाराणसी-लखनऊ वाया प्रतापगढ़ रेलमार्ग ठप हो गया। हालांकि, मशीनों को लगाकर ट्रैक बहाली का प्रयास सोमवार की देर शाम से ही शुरू कर दिया गया था। शाम को डीआरएम के पहुंचने के बाद काम में तेजी आई। मगर, ट्रैक पूरी तरह से बहाल नहीं हो सका।
यही वजह थी कि मंगलवार को भी रूट ठप रहा। प्रतापगढ़ से वाराणसी जाने वाली वीपी और वाराणसी से लखनऊ जाने वाली वीएल पैसेंजर कैंसिल करनी पड़ी। लखनऊ से वाराणसी जाने वाली इंटरसिटी को प्रतापगढ़ में कैंसिल कर दिया गया। इनके यात्रियों का रिफंड टीटीई राजीव बाजपेयी ने इडीआर भराकर कराया। इसके अलावा दोनो दिशाओं की अप और डाउन पंजाब मेल(3005-3006) को प्रतापगढ़-सुल्तानपुर होते हुए वाराणसी और लखनऊ की ओर रवाना किया गया। अप और डाउन साइड की जनता एक्सप्रेस (4265-66) को भी रूट बदलकर भेजा गया।
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वाराणसी से नई दिल्ली जाने वाली काशी विश्वनाथ और नई दिल्ली से पुरी जाने वाली नीलांचल एक्सप्रेस सुल्तानपुर होकर गईं। पटना से जम्मूतवी जाने वाली अर्चना एक्सप्रेस भी प्रतापगढ़ नहीं आई। यह फैजाबाद होकर गई। इन ट्रेनों में आरक्षण कराने वाले यात्रियों को ट्रेन पकड़ने के लिए सुल्तानपुर और फैजाबाद भागना पड़ा। भागदौड़ से बचने के लिए अधिकतर यात्रियों को यात्रा कैंसिल करनी पड़ी। बाद में रेलवे को इनको रिफंड करना पड़ा। एसएम इबरार अहमद ने बताया कि गाड़ियों का रूट डायवर्ट किया गया है। जबकि कई ट्रेनें कैंसिल करनी पड़ीं। उन्होेंने देर शाम तक रूट के बहाल होने की उम्मीद जताई है।
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सोमवार सुबह वाराणसी से प्रतापगढ़ की ओर आ रही कोयले से लदी मालगाड़ी मोढ़ रेलवे स्टेशन से आगे बढ़ने के बाद पटरी से उतर गई थी। इस घटना से वाराणसी-लखनऊ वाया प्रतापगढ़ रेलमार्ग ठप हो गया। हालांकि, मशीनों को लगाकर ट्रैक बहाली का प्रयास सोमवार की देर शाम से ही शुरू कर दिया गया था। शाम को डीआरएम के पहुंचने के बाद काम में तेजी आई। मगर, ट्रैक पूरी तरह से बहाल नहीं हो सका।
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यही वजह थी कि मंगलवार को भी रूट ठप रहा। प्रतापगढ़ से वाराणसी जाने वाली वीपी और वाराणसी से लखनऊ जाने वाली वीएल पैसेंजर कैंसिल करनी पड़ी। लखनऊ से वाराणसी जाने वाली इंटरसिटी को प्रतापगढ़ में कैंसिल कर दिया गया। इनके यात्रियों का रिफंड टीटीई राजीव बाजपेयी ने इडीआर भराकर कराया। इसके अलावा दोनो दिशाओं की अप और डाउन पंजाब मेल(3005-3006) को प्रतापगढ़-सुल्तानपुर होते हुए वाराणसी और लखनऊ की ओर रवाना किया गया। अप और डाउन साइड की जनता एक्सप्रेस (4265-66) को भी रूट बदलकर भेजा गया।
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वाराणसी से नई दिल्ली जाने वाली काशी विश्वनाथ और नई दिल्ली से पुरी जाने वाली नीलांचल एक्सप्रेस सुल्तानपुर होकर गईं। पटना से जम्मूतवी जाने वाली अर्चना एक्सप्रेस भी प्रतापगढ़ नहीं आई। यह फैजाबाद होकर गई। इन ट्रेनों में आरक्षण कराने वाले यात्रियों को ट्रेन पकड़ने के लिए सुल्तानपुर और फैजाबाद भागना पड़ा। भागदौड़ से बचने के लिए अधिकतर यात्रियों को यात्रा कैंसिल करनी पड़ी। बाद में रेलवे को इनको रिफंड करना पड़ा। एसएम इबरार अहमद ने बताया कि गाड़ियों का रूट डायवर्ट किया गया है। जबकि कई ट्रेनें कैंसिल करनी पड़ीं। उन्होेंने देर शाम तक रूट के बहाल होने की उम्मीद जताई है।