{"_id":"9fec9b43cae5ed50fc325ceae39ab741","slug":"pratapgarh-news-hindi-news-5","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली की किल्लत शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली की किल्लत शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला प्रतापगढ़
Updated Sun, 19 Apr 2015 11:28 PM IST
विज्ञापन
रात में दो बार की कटौती नगरवासी झेल नहीं पा रहे हैं। नागरिक नींद भर सो भी नहीं पा रहे हैं। ऊपर से निर्धारित समय से अधिक कटौती से नागरिक बेहाल हैं। रात में दो बार नींद टूटने से कई तरह की बीमारियाें के बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। बिजली के मनमाने रवैये से नागरिकों का आक्रोश बढ़ रहा है।
बिजली विभाग ने कटौती का जो रोस्टर बनाया है उसके हिसाब से तीन चरण में तीन-तीन घंटे की कटौती होनी चाहिए। दिन में 12 से 3, रात में 10.30 से 1.30 और 4.30 से सुबह 7.30 तक बिजली कटनी चाहिए। मगर ऐसा हो नहीं रहा है। रात में 10.30 और 4.30, दो बार की जाने वाली कटौती नगरवासियों को सबसे अधिक अखर रही है। जब लोगों के सोने का समय होता है उस समय लाइट नहीं रहती है। रात डेढ़ बजे तक लोग लाइट का इंतजार करते हैं। इसके बाद रात 4.30 बजे वाली कटौती शुरू हो जाती है।
24 घंटे में 15 घंटे की आपूर्ति और 9 घंटे की कटौती का दावा तो बिजली विभाग कर रहा है। मगर सच यह है कि आपूर्ति में भी आगे-पीछे एक-एक घंटे की अतिरिक्त कटौती की जा रही है। इन दिनों रात में 8 बजे ही लाइट काट ली जा रही है। उसके बाद रात वाली कटौती अलग से जारी रहती है। देखा जाए तो मुश्किल से 13 घंटे ही बिजली लोगों को मिल पा रही है। कटौती के लिए निर्धारित किया गया रोस्टर भी पटरी से उतर चुका है। जब से रोस्टर लागू हुआ एक दिन भी सही नहीं चला। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजली विभाग ने कटौती का जो रोस्टर बनाया है उसके हिसाब से तीन चरण में तीन-तीन घंटे की कटौती होनी चाहिए। दिन में 12 से 3, रात में 10.30 से 1.30 और 4.30 से सुबह 7.30 तक बिजली कटनी चाहिए। मगर ऐसा हो नहीं रहा है। रात में 10.30 और 4.30, दो बार की जाने वाली कटौती नगरवासियों को सबसे अधिक अखर रही है। जब लोगों के सोने का समय होता है उस समय लाइट नहीं रहती है। रात डेढ़ बजे तक लोग लाइट का इंतजार करते हैं। इसके बाद रात 4.30 बजे वाली कटौती शुरू हो जाती है।
विज्ञापन
24 घंटे में 15 घंटे की आपूर्ति और 9 घंटे की कटौती का दावा तो बिजली विभाग कर रहा है। मगर सच यह है कि आपूर्ति में भी आगे-पीछे एक-एक घंटे की अतिरिक्त कटौती की जा रही है। इन दिनों रात में 8 बजे ही लाइट काट ली जा रही है। उसके बाद रात वाली कटौती अलग से जारी रहती है। देखा जाए तो मुश्किल से 13 घंटे ही बिजली लोगों को मिल पा रही है। कटौती के लिए निर्धारित किया गया रोस्टर भी पटरी से उतर चुका है। जब से रोस्टर लागू हुआ एक दिन भी सही नहीं चला। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
विज्ञापन