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नोटिस के बाद कार्रवाई का साहस नहीं कर सका प्रशासन
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Sun, 06 Dec 2015 11:29 PM IST
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शहर में बिना मानक संचालित होटल, लाज और मार्ट को नोटिस भेजने के बाद कार्रवाई का साहस अधिकारी नहीं जुटा सके। गोयल रेजीडेंसी को ध्वस्त कराने का आदेश दिया गया, लेकिन पालन नहीं कराया जा सका। रसूखवालों के सामने अफसरों ने घुटने टेके दिए।
नगर के बाबागंज स्थित होटल गोयल रेजीडेंसी में 19 जून 2015 को आग लग गई थी। आग लगने से दस लोगों की मौत हो गई थी और दर्जन भर से अधिक लोग झुलसने के साथ ही घायल हुए थे। घटना के बाद आनन-फानन में अधिकारियों ने शहर के सभी होटलों, लाजों, मार्ट समेत दूसरे संस्थानों की जांच कराई। अधिकांश होटल, लाज बिना मानक के मिले थे। कई को नोटिस भेजने के साथ कई संस्थानों को बंद करने का आदेश जारी किया गया। नोटिस तामील भी करा दिया गया था। यहां तक कि एसडीएम ने होटल गोयल रेजीडेंसी के ध्वस्तीकरण का आदेश भी दिया था। कई संस्थान तो कुछ दिनों के लिए बंद भी कर दिए गए थे।
कुछ दिनों बाद रसूखदारों का दबाव प्रशासन पर दिखने लगा। एसडीएम के आदेश को रौंदते हुए लोगों ने अपने संस्थान खोल दिए। अचानक संस्थान में फिर से रौनक लौटी। रसूखदारों के प्रभाव के कारण अफसर भी अपनी आंखें बंद किए रहे। इधर दुस्साहस का परिचय देते हुए गत दिनों होटल गोयल का ताला खोलकर साफ- सफाई शुरू कराई गई। मीडिया में खबरें आने के बाद आनन- फानन में अपर जिलाधिकारी पुनीत शुक्ल ने कोतवाली पुलिस को मौके पर भेजकर होटल बंद करा दिया। एसडीएम के आदेश का अनुपालन कोई भी संस्थान नहीं करा रहा है। ऐसे में दूसरों की जान पर हमेशा खतरा मंडराता रहता है।
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नगर के बाबागंज स्थित होटल गोयल रेजीडेंसी में 19 जून 2015 को आग लग गई थी। आग लगने से दस लोगों की मौत हो गई थी और दर्जन भर से अधिक लोग झुलसने के साथ ही घायल हुए थे। घटना के बाद आनन-फानन में अधिकारियों ने शहर के सभी होटलों, लाजों, मार्ट समेत दूसरे संस्थानों की जांच कराई। अधिकांश होटल, लाज बिना मानक के मिले थे। कई को नोटिस भेजने के साथ कई संस्थानों को बंद करने का आदेश जारी किया गया। नोटिस तामील भी करा दिया गया था। यहां तक कि एसडीएम ने होटल गोयल रेजीडेंसी के ध्वस्तीकरण का आदेश भी दिया था। कई संस्थान तो कुछ दिनों के लिए बंद भी कर दिए गए थे।
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कुछ दिनों बाद रसूखदारों का दबाव प्रशासन पर दिखने लगा। एसडीएम के आदेश को रौंदते हुए लोगों ने अपने संस्थान खोल दिए। अचानक संस्थान में फिर से रौनक लौटी। रसूखदारों के प्रभाव के कारण अफसर भी अपनी आंखें बंद किए रहे। इधर दुस्साहस का परिचय देते हुए गत दिनों होटल गोयल का ताला खोलकर साफ- सफाई शुरू कराई गई। मीडिया में खबरें आने के बाद आनन- फानन में अपर जिलाधिकारी पुनीत शुक्ल ने कोतवाली पुलिस को मौके पर भेजकर होटल बंद करा दिया। एसडीएम के आदेश का अनुपालन कोई भी संस्थान नहीं करा रहा है। ऐसे में दूसरों की जान पर हमेशा खतरा मंडराता रहता है।
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