{"_id":"a606878df4233ce4c9751aeb3e393bc7","slug":"pratapgarh-news-hindi-news-448","type":"story","status":"publish","title_hn":"चालीस पासबुक कब्जे में ले गए एसडीआई ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चालीस पासबुक कब्जे में ले गए एसडीआई
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Fri, 04 Dec 2015 11:26 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उप डाकघर पट्टी में एजेंटों द्वारा आरडी के खाताधारकों की लाखों की रकम अपने पास रखने का मामला विभाग ने भी संज्ञान लिया है। मामले की जांच प्रवर डाक अधीक्षक ने एसडीआई को सौंपी। उनकी जांच में गड़बड़ी पाई गई। उन्हाेंने जांच के दौरान गड़बड़ पाई गईं चालीस पासबुक को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। विभाग की इस कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है।
उपडाक घर पट्टी की शाखा सीबीएस होने पर आरडी के खाताधारकों के लगभग पच्चीस-तीस लाख रुपये एजेंटों द्वारा अपने पास रखने तथा उसे विभाग में न जमा करने का मामला तूल पकड़ रहा है। मामले की खबर छपते ही प्रवर डाक अधीक्षक ने एसडीआई को जांच के लिए पट्टी भेज दिया। इस दौरान उन्होंने खाताधारकों से मुलाकात कर पूरी जानकारी ली। चालीस पासबुक मेें प्रथम दृष्टया गड़बड़ी सामने आई है।
उसे अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। खाताधारकों की शिकायत व मामले की जांच ने एजेंटों के भी होश उड़ा रखे हैं। इस पूरे प्रकरण को लेकर विभाग के लोग मुंह खोलने को तैयार नहीं हो रहे हैं। उपभोक्ताओं के पैसे का निजी इस्तेमाल एजेंटों द्वारा किया जाना गलत है। शुक्रवार को भी खाताधारक अपनी जमा रकम को लेकर डाक घर पर इधर उधर पूछताछ करते नजर आए। इस बाबत पूछे जाने पर उप डाकपाल संतोष कुमार सरोज ने बताया कि शाखा के सीबीएस होने पर यह गड़बड़ी सामने आई है। पास बुक फीडिंग के दौरान यह मामला पकड़ में आया तो विभाग मामले की छानबीन में जुट गया है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
उपडाक घर पट्टी की शाखा सीबीएस होने पर आरडी के खाताधारकों के लगभग पच्चीस-तीस लाख रुपये एजेंटों द्वारा अपने पास रखने तथा उसे विभाग में न जमा करने का मामला तूल पकड़ रहा है। मामले की खबर छपते ही प्रवर डाक अधीक्षक ने एसडीआई को जांच के लिए पट्टी भेज दिया। इस दौरान उन्होंने खाताधारकों से मुलाकात कर पूरी जानकारी ली। चालीस पासबुक मेें प्रथम दृष्टया गड़बड़ी सामने आई है।
विज्ञापन
उसे अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। खाताधारकों की शिकायत व मामले की जांच ने एजेंटों के भी होश उड़ा रखे हैं। इस पूरे प्रकरण को लेकर विभाग के लोग मुंह खोलने को तैयार नहीं हो रहे हैं। उपभोक्ताओं के पैसे का निजी इस्तेमाल एजेंटों द्वारा किया जाना गलत है। शुक्रवार को भी खाताधारक अपनी जमा रकम को लेकर डाक घर पर इधर उधर पूछताछ करते नजर आए। इस बाबत पूछे जाने पर उप डाकपाल संतोष कुमार सरोज ने बताया कि शाखा के सीबीएस होने पर यह गड़बड़ी सामने आई है। पास बुक फीडिंग के दौरान यह मामला पकड़ में आया तो विभाग मामले की छानबीन में जुट गया है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन