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मानव विहीन रेलवे क्रासिंग को बंद करने का एडीआरएम ने दिया निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Thu, 15 Oct 2015 11:19 PM IST
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प्रतापगढ़-सुल्तानपुर रेल खंड पर गोड़ें और खुन्डौर रेलवे स्टेशन के बीच सूर्यगढ़ और नरहरपुर गांव में जाने के लिए बनाई गई मानव विहीन रेलवे क्रासिंग को एडीआरएम लखनऊ एमएन ओझा ने बंद करने का निदेश मातहतों को दिया है। एडीआरएम गुुरुवार को निरीक्षण पर फाफामऊ जा रहे थे। उस समय उनकी नजर अनाधिकृत रेलवे क्रासिंग पर पड़ी। लोगों की आवाजाही देखकर वे भड़क उठे और संबंधित अधिकारियों की जमकर क्लास ली।
दरअसल, सूर्यगढ़ और नरहरपुर समेत करीब 25 गांव को जाने के लिए कोई रास्ता नहीं है। रास्ते की सबसे बड़ी अड़चन रेलवे लाइन है। बहुत पहले यहां पर क्रासिंग बनाई गई थी। बाद में पता नहीं किन कारणों से रेलवे ने उस रास्ते को बंद कर दिया। रास्ता बंद होने से ग्रामीणों को आने-जाने में काफी दिक्कतें होने लगी। उन्होंने मिट्टी डालकर कच्चा रास्ता बना लिया। रास्ते को बंद करने के लिए रेल प्रशासन ने बीच में अभियान चलाया था। लोहे का एंगल गाड़कर रास्ते को बंद कर दिया। इससे खफा ग्रामीणों ने आंदोलन किया था।
तत्कालीन सांसद रत्ना सिंह और डीआरएम जयदीप राय मौके पर पहुंचे थे। मगर समस्या बरकरार रही। बाद में एंगल निकाल दिया गया। दोबारा लगाने गए रेलवे के अधिकारियों का ग्रामीणों से विवाद भी हुआ था। गुस्साएं ग्रामीणों ने लोगों को खदेड़ दिया था। तब से रास्ता बंद करवाने कोई वहां पर गया नहीं। गुरुवार को फैजाबाद-इलाहाबाद रेल मार्ग का निरीक्षण करने स्पेशल ट्रेन से निकले एडीआरएम एमएन ओझा ने गांव के पास अनाधिकृत रास्ता देखा तो भड़क उठे। बोले इससे ट्रेन दुर्घटना होने की अधिक संभावना है। उन्होंने इसको फौरन बंद किए जाने का निर्देश दिया। प्रयाग के एडीईएन राकेश सैनी, अवधेश पाल आदि निरीक्षण के दौरान उपस्थित रहे।
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दरअसल, सूर्यगढ़ और नरहरपुर समेत करीब 25 गांव को जाने के लिए कोई रास्ता नहीं है। रास्ते की सबसे बड़ी अड़चन रेलवे लाइन है। बहुत पहले यहां पर क्रासिंग बनाई गई थी। बाद में पता नहीं किन कारणों से रेलवे ने उस रास्ते को बंद कर दिया। रास्ता बंद होने से ग्रामीणों को आने-जाने में काफी दिक्कतें होने लगी। उन्होंने मिट्टी डालकर कच्चा रास्ता बना लिया। रास्ते को बंद करने के लिए रेल प्रशासन ने बीच में अभियान चलाया था। लोहे का एंगल गाड़कर रास्ते को बंद कर दिया। इससे खफा ग्रामीणों ने आंदोलन किया था।
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तत्कालीन सांसद रत्ना सिंह और डीआरएम जयदीप राय मौके पर पहुंचे थे। मगर समस्या बरकरार रही। बाद में एंगल निकाल दिया गया। दोबारा लगाने गए रेलवे के अधिकारियों का ग्रामीणों से विवाद भी हुआ था। गुस्साएं ग्रामीणों ने लोगों को खदेड़ दिया था। तब से रास्ता बंद करवाने कोई वहां पर गया नहीं। गुरुवार को फैजाबाद-इलाहाबाद रेल मार्ग का निरीक्षण करने स्पेशल ट्रेन से निकले एडीआरएम एमएन ओझा ने गांव के पास अनाधिकृत रास्ता देखा तो भड़क उठे। बोले इससे ट्रेन दुर्घटना होने की अधिक संभावना है। उन्होंने इसको फौरन बंद किए जाने का निर्देश दिया। प्रयाग के एडीईएन राकेश सैनी, अवधेश पाल आदि निरीक्षण के दौरान उपस्थित रहे।
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