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धन मिलने के बाद भी अलग नहीं किया गया अस्पतालों का फीडर
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Sun, 02 Aug 2015 11:48 PM IST
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जिला और महिला अस्पताल में चौबीस घंटे बिजली आपूर्ति की व्यवस्था बिजली विभाग की लापरवाही के चलते नहीं हो पा रही है। अस्पतालों में फीडर लगाकर अलग से लाइन चालू करने के लिए शासन तीन साल पहले 98 लाख का बजट बिजली विभाग को दे चुका है। उसके बावजूद अभी तक अस्पतालों को अलग से लाइन नहीं मिल पाई है। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
सरकारी अस्पतालों में चौबीस घंटे बिजली की आपूर्ति रहे इसके लिए शासनादेश जारी है। महिला और पुरुष अस्पताल के लिए शासन ने 98 लाख रुपये रिलीज कर दिए थे। मगर तीन साल बीतने के बाद भी बिजली विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। अगर अस्पताल में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था में सुधार आ जाता है तो मरीजों को बड़ी राहत होगी। इसके साथ ही आपरेशन, जांच आदि का कार्य भी प्रभावित नहीं होगा। इससे डीजल का बोझ भी कम हो जाएगा। सरकारी कोष पर इसका सीधा असर पड़ेगा। इस बारे में जिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएस डॉक्टर आरडी द्विवेदी ने बताया कि अस्पताल का फीडर अलग करने के लिए बिजली विभाग को कई बार पत्र लिखा गया, मगर अभी तक कार्रवाई नहीं हो सकी है। यह मामला डीएम के भी संज्ञान में हैं।
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सरकारी अस्पतालों में चौबीस घंटे बिजली की आपूर्ति रहे इसके लिए शासनादेश जारी है। महिला और पुरुष अस्पताल के लिए शासन ने 98 लाख रुपये रिलीज कर दिए थे। मगर तीन साल बीतने के बाद भी बिजली विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। अगर अस्पताल में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था में सुधार आ जाता है तो मरीजों को बड़ी राहत होगी। इसके साथ ही आपरेशन, जांच आदि का कार्य भी प्रभावित नहीं होगा। इससे डीजल का बोझ भी कम हो जाएगा। सरकारी कोष पर इसका सीधा असर पड़ेगा। इस बारे में जिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएस डॉक्टर आरडी द्विवेदी ने बताया कि अस्पताल का फीडर अलग करने के लिए बिजली विभाग को कई बार पत्र लिखा गया, मगर अभी तक कार्रवाई नहीं हो सकी है। यह मामला डीएम के भी संज्ञान में हैं।
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