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Pratapgarh News : मुकदमा दर्ज न करने पर भड़का आक्रोश, बवाल में बदला, पुलिस से होती रही झड़प

Sat, 29 Mar 2025 05:33 AM IST
विनोद सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़ Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 29 Mar 2025 05:33 AM IST
सार

रानीगंज पुलिस मुकदमा दर्ज कर बवाल टाल सकती थी। तहरीर मिलने के बाद भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही केस दर्ज करना बवाल की वजह बन गया। यहां तक कि विधायक से भी थानाध्यक्ष आदित्य सिंह ने यही बात कही। जिससे ग्रामीण आक्रोशित हो उठे।

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Pratapgarh News : Anger flared up due to not filing the case, turned into riot, clashes with police continued
इसी अस्पताल में काम करती थी कोमल। - फोटो : संवाद।

विस्तार

रानीगंज पुलिस मुकदमा दर्ज कर बवाल टाल सकती थी। तहरीर मिलने के बाद भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही केस दर्ज करना बवाल की वजह बन गया। यहां तक कि विधायक से भी थानाध्यक्ष आदित्य सिंह ने यही बात कही। जिससे ग्रामीण आक्रोशित हो उठे।

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रानीगंज थाना क्षेत्र के बांसी अधारगंज की रहने वाली कोमल की बृहस्पतिवार को प्राइवेट अस्पताल में ड्यूटी के दौरान संदिग्ध हालत में मौत हो गई। अस्पताल कर्मचारियों ने उसकी मां हीरावती को बुलाने के बाद शव को एंबुलेंस से घर भेजा। कर्मचारियों को बंधक बनाने पर पुलिस भी पहुंची लेकिन पहले पोस्टमार्टम कराने व रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की बात करती रही।

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ग्रामीणों का आरोप है कि शुक्रवार सुबह तहरीर देने के बाद थानाध्यक्ष आदित्य सिंह ने कहा कि यहां से जाओ पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट आएगी, इसके बाद मुकदमा दर्ज किया जाएगा। विधायक रानीगंज डॉ. आरके वर्मा से भी एसओ ने यही बात कही। जिसके बाद लोग आक्रोशित हो उठे। करीब आठ बजे शव लेकर घर से पैदल ही अस्पताल की ओर निकल पड़े।

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इस बीच पुलिसकर्मी रास्ते में ग्रामीणों को रोकने के लिए भी प्रयास किए। जिसे लेकर पुलिस से ग्रामीणों की तीखी झड़प भी होती रही, लेकिन लोग शव लेकर अस्पताल के सामने पहुंच गए। लोगों का कहना था कि थाने से लेकर बाजार तक पुलिस अस्पताल के लोगों पर मेहरबान दिखी। जिससे लोगों का आक्रोश बढ़ता ही गया।

दुर्गागंज बाजार में कर्फ्यू सा नजारा, बंद रही दुकानें

दुर्गागंज बाजार की सड़क पर अस्पतालकर्मी का शव रखकर जाम लगाते हुए प्रदर्शन करते हुए बवाल हो गया। पथराव व लाठीचार्ज के बाद अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। देखते ही देखते दुकानों के शटर बंद होने लगे। कुछ ही देर में बाजार में सन्नाटा पसर गया। शाम तक आधे बाजार में सन्नाटा रहा तो आधे बाजार की कुछ दुकानों में खरीदारी करने लोग पहुंचे।

सोशल मीडिया पर जस्टिस फाॅर कोमल की उठी मांग

सोशल मीडिया के फेसबुक व व्हाटसएप पर बांसी अधारगंज के लोगों की ओर से जस्टिस फाॅर कोमल की मांग को लेकर संदेश वायरल होता रहा। उसके साथ क्रूरता का भी लोग जिक्र करते रहे। हालांकि पुलिस सोशल मीडिया पर नजर रखने का दावा कर रही है।

रात होती तो दोहराई जा सकती थी बलीपुर की घटना

अस्पताल में काम करने वाली महिलाकर्मी की मौत से लोगों में गुस्सा था। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने में हो रहे विलंब को देखते हुए ग्रामीणों व रिश्तेदारों का धैर्य जवाब दे गया। वे युवती के साथ हुई घटना की आवाज बुलंद करने व अधिकारियों तक मामला पहुंचाने के लिए ही दुर्गागंज बाजार की ओर निकले। जहां दिन में ही पुलिस पर ईंट व पत्थर से पथराव किया गया। लोगों का कहना था कि यदि रात होती तो वर्ष 2013 में हथिगवां के बलीपुर की घटना दोहराई जा सकती है।

बाहरी बवालियों से बिगड़ी बात, सीसीटीवी से खोज रही पुलिस

युवती की मौत को लेकर प्रदर्शन करने पहुंचे ग्रामीणों के साथ बाहरी लोग भी शामिल थे। पुलिस के अनुसार बाहरी लोगों ने ही सीओ पर ईंट फेंका और पथराव किया। उनके चलते ही प्रदर्शन के दौरान बात बिगड़ी। घटना के समय पुलिस परिजनों से बातचीत कर रही थी। ऐसे बवालियों को सीसीटीवी फुटेज के जरिए चिह्नित किया जा रहा है।

लाठीचार्ज व थानाध्यक्ष के रवैये से भड़के रानीगंज विधायक

रानीगंज विधायक डॉ. आरके वर्मा दुर्गागंज बाजार पहुंचे। जहां मृतका की मां व गांव की महिलाएं ही थीं। लोगों से बातचीत के बाद एएसपी पूर्वी दुर्गेश सिंह व सीओ रानीगंज की मौजूदगी में पीड़ितों पर लाठीचार्ज पर नाराजगी जताने लगे। बोले कि एसओ उन्हें गुमराह करता रहा। पहले पोस्टमार्टम फिर मुकदमा दर्ज करने की बात कही। वह उन्हें सिखाने की कोशिश कर रहा है। पहले मुकदमा दर्ज होता है। पोस्टमार्टम दर्ज मुकदमे की विवेचना का हिस्सा होता है।

इसे लेकर थानाध्यक्ष को विधायक ने खरीखोटी सुनाई। इस बीच शव सड़क पर रखकर जाम लगाने व बवाल के चलते आसपास के घरों में तोड़फोड़ करने की आशंका बन जाने की सीओ रानीगंज ने जानकारी दी। प्रधान से भी पुलिस अफसर हकीकत बताने की बात करते रहे। विधायक ने एसपी से भी थानाध्यक्ष के रवैये को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिले और दोषियों पर सख्त कार्रवाई उनकी प्राथमिकता है।

बोली सहेली, डॉक्टर अस्पताल में बुलाता था लड़कियां

निजी अस्पताल में पहले काम करने वाली मृतक युवती की सहेली अमिता पटेल ने बताया कि प्रयागराज से आने वाला डॉक्टर रात में अस्पताल में लड़कियां बुलाता था। जब सहेली ने संचालक से शिकायत किया तो उस पर ही उल्टा आरोप लगाया जाने लगा। सहेली कोमल ने उसे पूरी बात बताई थी। अमिता ने सहेली को अस्पताल की नौकरी छोड़कर सिलाई सीखने को बोला था, लेकिन परिवार का खर्च चलाने के लिए वह नौकरी मजबूरी में कर रही थी। मृतका की छोटी बहन भी अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की जिद करती रही।

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