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प्रतापगढ़ : उपचार के अभाव में एसएनसीयू के गेट पर नवजात बच्ची ने तोड़ा दम
Wed, 14 Jul 2021 09:21 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 14 Jul 2021 09:21 PM IST
सार
- परिजनों ने किया हंगामा, मामले की होगी जांच
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उपचार न मिलने के कारण स्वशासी मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू गेट के बाहर एक नवजात बच्ची ने दम तोड़ दिया। एसएनसीयू में तैनात चिकित्सक को बच्ची की हालत गंभीर देखने के बाद भी रहम नहीं आया और बच्ची के परिजनों को वार्ड में प्रवेश नहीं मिला। बच्ची की मौत से आक्रोशित परिजन हंगामा करने लगे। सीएमएस ने जब कार्रवाई का भरोसा दिया, तब जाकर वे शांत हुए।
अंतू थाना क्षेत्र के बाबूगंज धौरहरा की रहने वाली राधा देवी को प्रसव पीड़ा होने पर बुधवार को मेडिकल कॉलेज की महिला विंग में ले जाया गया। वहां डाक्टरों ने मरीज को प्रयागराज के लिए रेफर कर दिया। यह देख परिजन उसे शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में ले गए, जहां उसने बच्ची को जन्म दिया। बच्ची की हालत नाजुक देख डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज स्थित एसएनसीयू भेजा। परिजन नवजात बच्ची को लेकर एसएनसीयू (स्पेशल न्यू बॉर्न केयर यूनिट) पहुंचे। आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने नवजात का इलाज करना तो दूर उसे देखना तक मुनासिब नहीं समझा।
लगभग एक घंटे तक परिजन नवजात बच्ची को लेकर गेट के बाहर खड़े रहे। वे उसे बचाने की गुहार लगातार लगाते रहे। काफी अनुनय-विनय के बाद नवजात को भीतर ले जाया गया, लेकिन तब तक बच्ची की सांसें थम चुकी थीं। इसकी जानकारी होने पर परिजन एसएनसीयू में हंगामा करने लगे। सीएमएस रीना प्रसाद मौके पर पहुंचीं और परिवार के लोगों को आश्वासन दिया कि जांच कराकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। तब जाकर लोग शांत हुए। सीएमएस ने बताया कि नवजात की मौत के मामले में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ जांच कराकर कार्रवाई होगी।
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अंतू थाना क्षेत्र के बाबूगंज धौरहरा की रहने वाली राधा देवी को प्रसव पीड़ा होने पर बुधवार को मेडिकल कॉलेज की महिला विंग में ले जाया गया। वहां डाक्टरों ने मरीज को प्रयागराज के लिए रेफर कर दिया। यह देख परिजन उसे शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में ले गए, जहां उसने बच्ची को जन्म दिया। बच्ची की हालत नाजुक देख डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज स्थित एसएनसीयू भेजा। परिजन नवजात बच्ची को लेकर एसएनसीयू (स्पेशल न्यू बॉर्न केयर यूनिट) पहुंचे। आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने नवजात का इलाज करना तो दूर उसे देखना तक मुनासिब नहीं समझा।
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लगभग एक घंटे तक परिजन नवजात बच्ची को लेकर गेट के बाहर खड़े रहे। वे उसे बचाने की गुहार लगातार लगाते रहे। काफी अनुनय-विनय के बाद नवजात को भीतर ले जाया गया, लेकिन तब तक बच्ची की सांसें थम चुकी थीं। इसकी जानकारी होने पर परिजन एसएनसीयू में हंगामा करने लगे। सीएमएस रीना प्रसाद मौके पर पहुंचीं और परिवार के लोगों को आश्वासन दिया कि जांच कराकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। तब जाकर लोग शांत हुए। सीएमएस ने बताया कि नवजात की मौत के मामले में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ जांच कराकर कार्रवाई होगी।
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