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नोएडा में मिला प्रतापगढ़ का अपहृत कपड़ा व्यापारी, पुलिस की चार टीमें कर रही थीं तलाश
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नोएडा में प्रतापगढ़ के सांगीपुर का व्यापारी सुनील।
- फोटो : PRATAPGARH
कपड़े की दुकान बंदकर घर जा रहे व्यापारी को अगवा करने की खबर ने पुलिस प्रशासन में हडक़ंप मचा दिया। व्यापारी को बरामद करने के लिए सीओ क्राइम के नेतृत्व में चार टीमें गठित कर दी गईं। पुलिस ने दिल्ली जा रहे व्यापारी को नोएडा से बरामद कर लिया। देर रात तक उसे लेकर लौटने की संभावना जताई जा रही है।
सांगीपुर थाना क्षेत्र के मुरैनी पूरे भूसू निवासी सुनील सिंह पुत्र राम सिंह ने सांगीपुर बाजार में रेडीमेड कपड़े की दुकान खोल रखी है। रविवार की रात लगभग नौ बजे वह अपनी दुकान बंदकर घर लौट रहा था। इस बीच उसने अपने पिता को फोन कर बताया कि दो बाइक सवार चार लोगों ने उसे रोक लिया है। अनहोनी की आशंका जताते हुए पिता राम सिंह बेटे की तलाश में भागे थे। लखहरा स्थित ईंट भट्ठे के पास उसकी चाभी लगी बाइक भी मिल गई। अनहोनी की आशंका जताते हुए राम सिंह ने पुलिस को बेटे को अगवा करने की जानकारी दी।
बाद में उदयपुर के रहने वाले अनुज सिंह समेत चार अज्ञात के खिलाफ मारपीट व अपहरण का मुकदमा भी दर्ज कराया। पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह के आदेश पर सीओ क्राइम आलोक सिंह ने मामले की छानबीन करने के बाद टीमों को लगाया। पुलिस की एक टीम दिल्ली व दूसरी टीम प्रयागराज भेजी गई। घर से लेकर बाहर तक के मामले खंगाले जाते रहे।
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सुनील को अगवा करने का मामला पुलिस दूसरे दिन से खारिज करने लगी। उसके गायब होने की बात तक पुलिस पहुंच गई। मंगलवार को सांगीपुर पुलिस ने उसे नोएडा से बरामद कर लिया। देर रात उसे लेकर लौटने की उम्मीद जताई जा रही है। सीओ क्राइम आलोक सिंह ने बताया कि कुछ पारिवारिक कारणों के चलते सुनील दिल्ली जा रहा था। हालांकि उसे रास्ते में ही रोक लिया गया। अपहरण की बात गलत है।
घर पर रिश्तेदारों का लगा रहा जमघट
सुनील को अगवा करने की खबर मिलने के बाद उसके रिश्तेदार घर पहुंचने लगे। हर कोई अनहोनी की आशंका से परेशान था। परिवार के लोग भी सुनील के अपहरण को लेकर हैरत में थे। हालांकि उसके मिलने के बाद पुलिस ने परिजनों को जानकारी भी दे दी। फिर भी परिवार के लोग उसे सामने देखने के बाद ही भरोसा करने की बात कहते रहे।
पति-पत्नी के बीच चल रही है अनबन
पुलिस के अनुसार कुछ दिनों से सुनील की पत्नी से अनबन चल रही है। दोनों के फोन पर अंजान नंबरों से फोन भी आते थे। जिसकी जानकारी पुलिस को हो गई। मोबाइल नंबरों को खंगालने के बाद पुलिस असलियत तक पहुंच गई। कुछ जानकारी लेने के बाद पुलिस सुनील तक पहुंचने में कामयाब रही।
घटना की हकीकत जानने को परेशान रहे व्यापारी
कपड़ा व्यापारी सुनील के अपहरण की कहानी बाजार के व्यापारियों के गले नहीं उतर रही थी। ऐसी कोई वजह भी सामने नहीं आ रही थी। हर कोई घटना की हकीकत का पता करना चाहता था। सुनील के साथ उठने बैठने वाले लोगों से भी पुलिस पूछताछ कर चुकी थी।
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सांगीपुर थाना क्षेत्र के मुरैनी पूरे भूसू निवासी सुनील सिंह पुत्र राम सिंह ने सांगीपुर बाजार में रेडीमेड कपड़े की दुकान खोल रखी है। रविवार की रात लगभग नौ बजे वह अपनी दुकान बंदकर घर लौट रहा था। इस बीच उसने अपने पिता को फोन कर बताया कि दो बाइक सवार चार लोगों ने उसे रोक लिया है। अनहोनी की आशंका जताते हुए पिता राम सिंह बेटे की तलाश में भागे थे। लखहरा स्थित ईंट भट्ठे के पास उसकी चाभी लगी बाइक भी मिल गई। अनहोनी की आशंका जताते हुए राम सिंह ने पुलिस को बेटे को अगवा करने की जानकारी दी।
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बाद में उदयपुर के रहने वाले अनुज सिंह समेत चार अज्ञात के खिलाफ मारपीट व अपहरण का मुकदमा भी दर्ज कराया। पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह के आदेश पर सीओ क्राइम आलोक सिंह ने मामले की छानबीन करने के बाद टीमों को लगाया। पुलिस की एक टीम दिल्ली व दूसरी टीम प्रयागराज भेजी गई। घर से लेकर बाहर तक के मामले खंगाले जाते रहे।
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सुनील को अगवा करने का मामला पुलिस दूसरे दिन से खारिज करने लगी। उसके गायब होने की बात तक पुलिस पहुंच गई। मंगलवार को सांगीपुर पुलिस ने उसे नोएडा से बरामद कर लिया। देर रात उसे लेकर लौटने की उम्मीद जताई जा रही है। सीओ क्राइम आलोक सिंह ने बताया कि कुछ पारिवारिक कारणों के चलते सुनील दिल्ली जा रहा था। हालांकि उसे रास्ते में ही रोक लिया गया। अपहरण की बात गलत है।
घर पर रिश्तेदारों का लगा रहा जमघट
सुनील को अगवा करने की खबर मिलने के बाद उसके रिश्तेदार घर पहुंचने लगे। हर कोई अनहोनी की आशंका से परेशान था। परिवार के लोग भी सुनील के अपहरण को लेकर हैरत में थे। हालांकि उसके मिलने के बाद पुलिस ने परिजनों को जानकारी भी दे दी। फिर भी परिवार के लोग उसे सामने देखने के बाद ही भरोसा करने की बात कहते रहे।
पति-पत्नी के बीच चल रही है अनबन
पुलिस के अनुसार कुछ दिनों से सुनील की पत्नी से अनबन चल रही है। दोनों के फोन पर अंजान नंबरों से फोन भी आते थे। जिसकी जानकारी पुलिस को हो गई। मोबाइल नंबरों को खंगालने के बाद पुलिस असलियत तक पहुंच गई। कुछ जानकारी लेने के बाद पुलिस सुनील तक पहुंचने में कामयाब रही।
घटना की हकीकत जानने को परेशान रहे व्यापारी
कपड़ा व्यापारी सुनील के अपहरण की कहानी बाजार के व्यापारियों के गले नहीं उतर रही थी। ऐसी कोई वजह भी सामने नहीं आ रही थी। हर कोई घटना की हकीकत का पता करना चाहता था। सुनील के साथ उठने बैठने वाले लोगों से भी पुलिस पूछताछ कर चुकी थी।