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प्रतापगढ़: आबादी बढ़ते ही नगर पालिका में होगा सिटी बोर्ड का गठन

Sun, 05 Jan 2020 11:52 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 05 Jan 2020 11:52 PM IST
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Pratapgarh: City board will be formed as soon as population increases
pratapgarh city - फोटो : PRATAPGARH
शहर का दायरा बढने के बाद भले ही अभी आबादी 1.19,750 है, लेकिन यह संख्या नई जनगणना के बाद डेढ़ लाख से अधिक होने की संभावना है। जिसके बाद नगर पालिका में सिटी बोर्ड का गठन होगा। शहरियों को विकास योजनाओं का अधिक लाभ मिलेगा।
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नगर पालिका की आबादी वर्ष 2011 की जनगणना के हिसाब से 76750 है। शहर के सीमा विस्तार के बाद जुड़े गांवों की आबादी लगभग 43 हजार है। दोनों को मिलाकर शहर की आबादी 1,19,750 के करीब पहुंच गई है। 2020 में फिर से जनगणना शुरू हो गई है। शहर से लेकर ग्रामीण अंचल में जनगणना होगी। जिसमें शहर के साथ ही सीमा विस्तार में शामिल गांवों की भी अलग-अलग होगी। नई जनगणना के बाद शहर की आबादी बढ़ जाएगी। सीमा विस्तार में शामिल गांव भी तब तक शहर का हिस्सा बन चुके होंगे।
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नगर निकाय से जुड़ेे अफसरों के अनुसार नई जनगणना के बाद नगर पालिका की आबादी डेढ़ लाख से अधिक हो जाएगी। जिसके बाद नगर पालिका में सिटी बोर्ड का गठन करना होगा। इस बोर्ड का गठन होने के बाद शहरियों की सुविधाओं में इजाफा होगा। शहर को सुव्यवस्थित तरीके से बसाया जाएगा। ताकि शहरियों को जलनिकासी, पानी समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए भटकना न पड़े। नगर पालिका को ए ग्रेड का दर्जा मिल जाएगा। जिसके बाद राज्यवित्त, चौदहवां वित्त और स्टांप शुल्क के मद में बढ़ोतरी हो जाएगी। इसका लाभ शहरियों को मिलेगा।
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जल निगम के जिम्मे होगा सीवर लाइन बिछाने का काम
नगर पालिका का दायरा बढने के बाद नए सिरे से सीवर लाइन बिछाने व पेयजल की आपूर्ति के लिए पानी की टंकी निर्माण का जिम्मा जलनिगम के हवाले होगा। इसके लिए लखनऊ से ही कार्ययोजना मांगी जाएगी। वहां से ही निर्माण के लिए आगे की कार्रवाई होगी।
शहर में शामिल गांवों को सुव्यवस्थित करना होगा चुनौती
सीमा विस्तार के बाद शहर में शामिल गांवों को सुव्यवस्थित करना नगर पालिका प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगी। अभी तक सई नदी के उस पर केवल चिलबिला व महुली ही दो वार्ड थे। जहां होने वाले विकास कार्यों के साथ ही साफ-सफाई की व्यवस्था की देखरेख करना नगर पालिका के जिम्मेदारों के वश से बाहर होता था।

नए गांवों में विकास कार्य सुव्यस्थित तरीके से कराना नगर पालिका के लिए चुनौती से कम नहीं होगा। जहरगौ, करौंदी, पूरे केशवराय के करीब से सई नदी गुजरी है। बस्तियों तक पहुंचने में लोगों को पगडंडियों का सहारा लेना पड़ता है। जलनिकासी की व्यवस्था सुचारु तरीके से नहीं है।
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