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प्रतापगढ़ : रिश्वतखोरी में गिरफ्तार रेलवे अफसर के घर सीबीआई का छापा

Thu, 16 Jun 2022 09:16 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़ Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 16 Jun 2022 09:16 PM IST
सार

लालगंज कोतवाली के पूरे मातादीन जेंवई निवासी आलोक मिश्रा उत्तर रेलवे लखनऊ में डिप्टी सीएमएम के पद पर कार्यरत हैं। उन पर आरोप लगा था कि अपने नौकर व दो अन्य लोगों के जरिए ठेका देने व बकाया बिलों के भुगतान के लिए रिश्वत लेते थे।

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Pratapgarh: CBI raids the house of railway officer arrested in bribery
प्रतापगढ़ में सीबीआई ने रेलवे कर्मचारी के यहां मारा छापा। - फोटो : प्रतापगढ़

विस्तार

रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार उत्तर रेलवे लखनऊ के उप मुख्य सामाग्री प्रबंधक (डिप्टी सीएमएम) आलोक मिश्र के पैतृक आवास पूरे मातादीन जेंवई में बृहस्पतिवार की सुबह सीबीआई ने छापा मारा।  पांच सदस्यीय सीबीआई की टीम दिनभर उनके पिता व भाई समेत परिवार के सदस्यों से बंद कमरे में पूछताछ करती रही। टीम ने परिवार की संपत्ति की जांच करने के साथ ही बैंक खातों की भी पड़ताल की। सीबीआई ने मकान के हर कमरे के कोने -कोने को खंगाला और अभिलेखों की जांच की। खबर लिखे जाने तक टीम छानबीन कर रही थी।

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लालगंज कोतवाली के पूरे मातादीन जेंवई निवासी आलोक मिश्रा उत्तर रेलवे लखनऊ में डिप्टी सीएमएम के पद पर कार्यरत हैं। उन पर आरोप लगा था कि अपने नौकर व दो अन्य लोगों के जरिए ठेका देने व बकाया बिलों के भुगतान के लिए रिश्वत लेते थे। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने तीन जून को  रेलवे अफसर आलोक मिश्रा के ठिकानों पर छापा मारकर 32 लाख रुपये कैश और रेलवे में ठेका देने संबंधी कागजात बरामद किए थे।
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रुपये व अभिलेेख बरामद होने के बाद सीबीआई ने रेलवे अफसर को आवास से गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी। बृहस्पतिवार को सीबीआई की पांच सदस्यीय टीम निरीक्षक विपिन गुप्ता के नेतृत्व में सुबह दस बजे आलोक मिश्रा के पैतृक आवास लालगंज के पूरे मातादीन जेवईं पहुंची। स्थानीय पुलिस के साथ पहुंची सीबीआई टीम सीधे आलोक के पैतृक आवास में दाखिल हुई और गेट को बंद करा दिया। इसके बाद घर में मौजूद परिजनों से पूछताछ शुरू कर दी। 

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आलोक के पिता पोस्टमैन रामनरेश मिश्रा से टीम ने लंबी पूछताछ की। सीबीआई की एक टीम रेलवे अफसर के भाई रायबरेली में परिषदीय विद्यालय में तैनात शिक्षक अनिल मिश्रा को भी स्कूल से लेकर घर आई। रेलवे अफसर के पिता व भाई से टीम लगातार रुपये और संपत्ति के बारे में पूछताछ करती रही। टीम ने रेलवे अफसर के परिवार के सभी सदस्यों के बैंक खातों की जानकारी जुटाई। इसके बाद टीम के दो सदस्य अनिल मिश्र को लेकर रानीगंज कैथौला स्थित यूको बैंक व इंडियन बैंक पहुंचे। यहां घर में मिले रेलवे अफसर समेत परिजनों के खातों के लेनदेन की गहनता से छानबीन की।


बैंक से सीबीआई के अफसर फिर घर लौटे और कोने-कोने की तलाशी ली। सूत्रों के अनुसार, ऑलमारी में रेलवे अफसर आलोक मिश्र द्वारा प्रापर्टी खरीदने समेत अन्य अभिलेख भी सीबीआई टीम के हाथ लगे। खबर लिखे जाने तक सीबीआई की टीम परिवार के लोगों से पूछताछ कर रही थी। सुरक्षा के लिहाज से रानीगंज कैथौना पुलिस चौकी के दो सिपाही लगाए गए थे। जिन्हें गेट पर ही मुस्तैद रहने के लिए कहा गया था।


उन्हें घर के भीतर प्रवेश की अनुमित नहीं थी। रेलवे अफसर आलोक मिश्रा का तीसरा भाई अजय मिश्र सीतापुर में परिषदीय विद्यालय मे शिक्षक है। उससे भी फोन पर सीबीआई के अफसरों ने पूछताछ की। सीओ लालगंज रामसूरत ने बताया कि सीबीआई की टीम रेलवे अफसर आलोक के घर पर जांच करने आई है। सुरक्षा के लिए पुलिस तैनाती की गई है। 

बैंक खातों में जमा रुपयों का जुटाया ब्यौरा
रानीगंज कैथौला में स्थित रेलवे अफसर आलोक मिश्रा के परिजनों के बैंक आफ इंडिया और यूको बैंक के खातों की गहनता से छानबीन करने के बाद टीम ने लेनदेन का ब्यौरा जुटाया। कब-कब कितने रुपये निकाले गए, इसका बैंक प्रबंधकों से स्टेटमेंट लिया। ताकि यह पता लग सके कि उनके खातों में रुपये कहां से आए थे और कब रुपये निकाले गए। बैंक स्टेटमेंट लेने के बाद टीम के सदस्य परिवार के लोगों से पूछताछ कर रुपये के लेनदेन की जानकारी जुटाने की कोशिश करते रहे।


गांव में खरीदी है कई बीघा जमीन
रेलवे के अफसर आलोक मिश्रा ने कुछ साल पहले ही अपने पैतृक गांव में कई बीघा जमीन खरीदी थी। अपने परिवार के सदस्यों के नाम से जमीन क्रय की है। यदि गांव में कोई भी जमीन बेचता तो आलोक मिश्रा के परिवार से जरूर जिक्र करता। चूंकि लोगों को मुंहमांगी कीमत मिल जाती थी। आलोक रेल विभाग के बड़े अधिकारी थे, इसलिए कोई उन पर उंगली नहीं उठा पाता था। बृहस्पतिवार को सीबीआई टीम के छापा मारने के बाद उनके करीबी भी भयभीत नजर आए।

सीबीआई की दस्तक के बाद सहमे रेल अफसर के करीबी 

रेलवे के अफसर आलोक मिश्र के पैतृक घर पर सीबीआई के छापे के बाद उनके करीबी सहमे रहे। कल तक बिना वजह के घर पर आने-जाने वाले लोगों ने कार्रवाई की खबर मिलने के बाद दूरी बना ली। उनके घर के आसपास सन्नाटा पसरा रहा। 


रेल विभाग के बड़े अफसर आलोक मिश्र का पैतृक गांव के अलावा आसपास के गांवों में खासा प्रभाव है। वह जब गांव आते तो उनसे मिलने के लिए लोगों की भीड़ एकत्र हो जाती थी। इसमें रिश्तेदार से लेकर आसपास के गांवों के लोग भी शामिल होते थे। हर कोई उनसे मिलने के लिए बेताब रहता था। चर्चाओं के अनुसार, लोग उनसे अपने परिवार के सदस्य को कहीं भी नौकरी दिलाने या किसी काम में लगाने के लिए अनुरोध किया करते थे।


सरल स्वभाव के बताए जा रहे आलोक मिश्रा के घर अचानक बृहस्पतिवार को सीबीआई टीम के छापा मारने के बाद हड़कंप मच गया। कार्रवाई की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई। जिसके बाद सन्नाटा पसर गया। लोगों ने देखते ही देखते दूरी बना ली। हालांकि सीबीआई के आने और कार्रवाई की जानकारी के लिए लोग उत्सुक रहे।

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