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प्रतापगढ़: राहुल गांधी का भाषण लिखने वाले संदीप को अंतू पुलिस का नोटिस
Wed, 03 Apr 2019 06:56 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 03 Apr 2019 06:56 PM IST
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संदीप सिंह
- फोटो : प्रतापगढ़
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दिल्ली में राहुल गांधी का भाषण लिखने वाले जिले के बझान गांव निवासी संदीप सिंह को अंतू पुलिस ने चुनाव में शांतिभंग के अंदेशे में नोटिस जारी किया है। मंगलवार को संदीप सिंह को नोटिस थमाने के लिए पुलिस उन्हें ढूंढती रही।
अंतू इलाके के बझान गांव निवासी संदीप सिंह पुत्र शिवकुमार सिंह दिल्ली स्थित जेएनयू के छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुके हैं। वर्तमान में वह कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के विश्वासपात्रों में एक हैं और उनके भाषण भी वही लिखते हैं। संदीप साल या फिर दो साल में एक बार ही गांव आते हैं। चुनावी समर में राहुल और प्रियंका के साथ रहने वाले संदीप सिंह लगभग छह माह से गांव नहीं आए हैं। मगर अंतू पुलिस को 12 मई को होने वाले मतदान में उनसे शांतिभंग की आशंका है।
शांतिभंग के अंदेशे में उन्हें पाबंद करने वाली अंतू पुलिस मंगलवार को नोटिस लेकर गांव पहुंची और संदीप सिंह को खोजने लगी। संदीप के घर ताला लटकते देख पुलिस गांव के लोगों से पूछती रही कि इस नाम का कोई दूसरा व्यक्ति तो नहीं है। कोई जानकारी न मिलने पर पुलिस लौट गई। यहीं नहीं पुलिस ने चुनाव में मतदान अधिकारी प्रथम बनाए गए शिक्षक आजाद सिंह को भी नोटिस थमाया है। आश्चर्य की बात तो यह है कि पुलिस अपनी गलती स्वीकार नहीं कर रही है, बल्कि उसका कहना है कि कभी इन लोगों ने लड़ाई-झगड़ा किया होगा, तभी उनका नाम आया है।
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अंतू इलाके के बझान गांव निवासी संदीप सिंह पुत्र शिवकुमार सिंह दिल्ली स्थित जेएनयू के छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुके हैं। वर्तमान में वह कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के विश्वासपात्रों में एक हैं और उनके भाषण भी वही लिखते हैं। संदीप साल या फिर दो साल में एक बार ही गांव आते हैं। चुनावी समर में राहुल और प्रियंका के साथ रहने वाले संदीप सिंह लगभग छह माह से गांव नहीं आए हैं। मगर अंतू पुलिस को 12 मई को होने वाले मतदान में उनसे शांतिभंग की आशंका है।
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शांतिभंग के अंदेशे में उन्हें पाबंद करने वाली अंतू पुलिस मंगलवार को नोटिस लेकर गांव पहुंची और संदीप सिंह को खोजने लगी। संदीप के घर ताला लटकते देख पुलिस गांव के लोगों से पूछती रही कि इस नाम का कोई दूसरा व्यक्ति तो नहीं है। कोई जानकारी न मिलने पर पुलिस लौट गई। यहीं नहीं पुलिस ने चुनाव में मतदान अधिकारी प्रथम बनाए गए शिक्षक आजाद सिंह को भी नोटिस थमाया है। आश्चर्य की बात तो यह है कि पुलिस अपनी गलती स्वीकार नहीं कर रही है, बल्कि उसका कहना है कि कभी इन लोगों ने लड़ाई-झगड़ा किया होगा, तभी उनका नाम आया है।
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