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16 अक्तूबर से गंभीर रोगियों को नहीं मिलेगी आधुनिक एंबुलेंस
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pratapgarh ambunlance availability
संचालक कंपनी जीवीके ईएमआरआई ने 16 कर्मचारियों को थमाया सेवा समाप्ति का नोटिस
प्रतापगढ़। गंभीर रोगियों के रेफर होने के बाद जिला अस्पताल से मरीजों को प्रयागराज ले जाने वाली आधुनिक एंबुलेंस का संचालन जीवीके ईएमआरआई कंपनी 16 अक्तूबर से ठप करने जा रही है। इस पर तैनात 16 चालक और ईएमटी को सेवा समाप्ति की नोटिस थमा दिया गया है। इससे कर्मचारी परेशान हैं। वे बीते पांच साल से लगातार एंबुलेंस पर सेवा दे रहे थे।
जीवीके ईएमआरआई कंपनी ने 11 सितंबर को प्रतापगढ़ में संचालित आधा दर्जन आधुनिक एंबुलेंस के 16 चालकों और ईएमटी को नौकरी का अनुबंध समाप्त करने का नोटिस जारी किया है। इसमें कहा गया है कि जीवीके ईएमआरआई का उत्तर प्रदेश के साथ एलएस एंबुलेंस का अनुबंध किसी कारण वश स्थगित किया जा रहा है। सभी चालक और ईएमटी 16 अक्तूबर को संस्था से जुड़े सभी कागजात जमा कर दें। नोटिस मिलने के बाद कर्मचारियों में हड़कंप मचा है। 108 एंबुलेंस के प्रोग्राम मैनेजर सचिनराज श्रीवास्तव ने बताया कि चालक और ईएमटी के पास इस तरह का पत्र आया है। 16 अक्तूबर की रात 12 बजे के बाद एलएस एंबुलेंस की सेवा बंद हो जाएगी।
108 और 102 एंबुलेंस का होगा संचालन
प्रदेश में दुर्घटना या अन्य बीमारी के लिए 108 तो गर्भवती व प्रसव पीड़िताओं के लिए 102 एंबुलेंस का संचालन किया जा रहा है। जिले में दोनों मिलाकर 48 एंबुलेंस हैं। इनमें अधिकतर खटारा हो गई हैं। मरम्मत के नाम पर फूटी कौड़ी नहीं आती है। प्रदेश में अपनी सेवाएं दे रहीं एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस हार्टअटैक सहित अन्य गभीर रोगियों को रेफर होने के बाद मेडिकल कॉलेज छोड़ने के लिए जाती हैं।
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कर्मचारियों ने लगाया मानदेय न देने का आरोप
कोरोना काल में जान की बाजी लगाकर लोगों की सेवा में 24 घंटे लगे रहने वाले एंबुलेंस चालकों एवं इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन को सेवा प्रदाता कंपनी जीवीके ईएमआई ने समय से मानदेय का भुगतान नहीं किया। जीवन दायनी संघ के प्रदेश अध्यक्ष हनुमान पांडे ने कंपनी पर आरोप लगाते हुए कहा कि अगस्त माह की 10 तारीख बीत जाने के बाद कर्मचारियों को वेतन अभी तक कंपनी ने नहीं दिया है।
सैनिटाइज नहीं की जा रहीं 108 एंबुलेंस
-कोरोना संक्रमित मरीजों को ढोने वाली एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाए जा रहे चुटहिल
प्रतापगढ़। कोरोना संक्रमित मरीजों को ढोने वाली एंबुलेंस का सैनिटाइजेशन नहीं कराया जा रहा है। सूचना मिलते ही हादसे में घायल या फिर अन्य किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों को भी उसी से अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। इससे लोगों में दहशत है। जिम्मेदार अंजान बने हैं। जिले को मिली चार एलएस एंबुलेंस के साथ जनपद के सीएचसी-पीएचसी में लगीं 108 एंबुलेंस को कोरोना संक्रमित मरीजों को अस्पताल छोड़ने के लिए आदेश जारी कर दिया गया है। सीएचसी पर लगी एंबुलेंस से मरीज को कोविड अस्पताल भेज दिया जाता है। इसके बाद एंबुलेंस को सैनिटाइज नहीं किया जा रहा है। इससे अन्य मरीज 108 और एलएस एंबुलेंस में बैठने से घबरा रहे हैं। बीमार और हादसे में घायल लोगों के परिजन निजी वाहन से मरीज को लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
आधा दर्जन चालक और ईएमटी हो चुके हैं पाजिटिव
एंबुलेंस में कोरोना मरीजों के संपर्क में आने के कारण तीन चालक और तीन ईएमटी भी संक्रमित हो चुके हैं। इससे चालक और ईएमटी घबराए रहते हैं। अफसर इससे पूरी तरह अनजान बने रहते हैं। उधर, जीवनदायनी संघ के जिलाध्यक्ष मधुकर सिंह ने कहा कि चालकों और ईएमटी ने कई बार इसके लिए अपनी आवाज उठाई, मगर विभाग के लोगों ने नहीं सुना।
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प्रतापगढ़। गंभीर रोगियों के रेफर होने के बाद जिला अस्पताल से मरीजों को प्रयागराज ले जाने वाली आधुनिक एंबुलेंस का संचालन जीवीके ईएमआरआई कंपनी 16 अक्तूबर से ठप करने जा रही है। इस पर तैनात 16 चालक और ईएमटी को सेवा समाप्ति की नोटिस थमा दिया गया है। इससे कर्मचारी परेशान हैं। वे बीते पांच साल से लगातार एंबुलेंस पर सेवा दे रहे थे।
जीवीके ईएमआरआई कंपनी ने 11 सितंबर को प्रतापगढ़ में संचालित आधा दर्जन आधुनिक एंबुलेंस के 16 चालकों और ईएमटी को नौकरी का अनुबंध समाप्त करने का नोटिस जारी किया है। इसमें कहा गया है कि जीवीके ईएमआरआई का उत्तर प्रदेश के साथ एलएस एंबुलेंस का अनुबंध किसी कारण वश स्थगित किया जा रहा है। सभी चालक और ईएमटी 16 अक्तूबर को संस्था से जुड़े सभी कागजात जमा कर दें। नोटिस मिलने के बाद कर्मचारियों में हड़कंप मचा है। 108 एंबुलेंस के प्रोग्राम मैनेजर सचिनराज श्रीवास्तव ने बताया कि चालक और ईएमटी के पास इस तरह का पत्र आया है। 16 अक्तूबर की रात 12 बजे के बाद एलएस एंबुलेंस की सेवा बंद हो जाएगी।
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108 और 102 एंबुलेंस का होगा संचालन
प्रदेश में दुर्घटना या अन्य बीमारी के लिए 108 तो गर्भवती व प्रसव पीड़िताओं के लिए 102 एंबुलेंस का संचालन किया जा रहा है। जिले में दोनों मिलाकर 48 एंबुलेंस हैं। इनमें अधिकतर खटारा हो गई हैं। मरम्मत के नाम पर फूटी कौड़ी नहीं आती है। प्रदेश में अपनी सेवाएं दे रहीं एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस हार्टअटैक सहित अन्य गभीर रोगियों को रेफर होने के बाद मेडिकल कॉलेज छोड़ने के लिए जाती हैं।
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कर्मचारियों ने लगाया मानदेय न देने का आरोप
कोरोना काल में जान की बाजी लगाकर लोगों की सेवा में 24 घंटे लगे रहने वाले एंबुलेंस चालकों एवं इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन को सेवा प्रदाता कंपनी जीवीके ईएमआई ने समय से मानदेय का भुगतान नहीं किया। जीवन दायनी संघ के प्रदेश अध्यक्ष हनुमान पांडे ने कंपनी पर आरोप लगाते हुए कहा कि अगस्त माह की 10 तारीख बीत जाने के बाद कर्मचारियों को वेतन अभी तक कंपनी ने नहीं दिया है।
सैनिटाइज नहीं की जा रहीं 108 एंबुलेंस
-कोरोना संक्रमित मरीजों को ढोने वाली एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाए जा रहे चुटहिल
प्रतापगढ़। कोरोना संक्रमित मरीजों को ढोने वाली एंबुलेंस का सैनिटाइजेशन नहीं कराया जा रहा है। सूचना मिलते ही हादसे में घायल या फिर अन्य किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों को भी उसी से अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। इससे लोगों में दहशत है। जिम्मेदार अंजान बने हैं। जिले को मिली चार एलएस एंबुलेंस के साथ जनपद के सीएचसी-पीएचसी में लगीं 108 एंबुलेंस को कोरोना संक्रमित मरीजों को अस्पताल छोड़ने के लिए आदेश जारी कर दिया गया है। सीएचसी पर लगी एंबुलेंस से मरीज को कोविड अस्पताल भेज दिया जाता है। इसके बाद एंबुलेंस को सैनिटाइज नहीं किया जा रहा है। इससे अन्य मरीज 108 और एलएस एंबुलेंस में बैठने से घबरा रहे हैं। बीमार और हादसे में घायल लोगों के परिजन निजी वाहन से मरीज को लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
आधा दर्जन चालक और ईएमटी हो चुके हैं पाजिटिव
एंबुलेंस में कोरोना मरीजों के संपर्क में आने के कारण तीन चालक और तीन ईएमटी भी संक्रमित हो चुके हैं। इससे चालक और ईएमटी घबराए रहते हैं। अफसर इससे पूरी तरह अनजान बने रहते हैं। उधर, जीवनदायनी संघ के जिलाध्यक्ष मधुकर सिंह ने कहा कि चालकों और ईएमटी ने कई बार इसके लिए अपनी आवाज उठाई, मगर विभाग के लोगों ने नहीं सुना।