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बगैर प्रयोगात्मक कक्षाओं के ही देंगे प्रयोगात्मक परीक्षा
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कोरोना संक्रमण के चलते स्कूल-कॉलेज बंद होने की वजह से विद्यालयों में प्रयोगात्मक कक्षाएं समुचित ढंग से संचालित नहीं हो सकीं। अब यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षाओं की तिथियां घोषित होने के बाद कॉलेजों में आनन-फानन में तैयारियां की जा रही हैं। जिले में दूसरे चरण में 13 से 22 फरवरी तक प्रयोगात्मक परीक्षाएं होंगी।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटर की परीक्षा में इस बार कुल 113772 परीक्षार्थी हैं। इनमें 60647 बालक तथा 53125 बालिकाएं हैं। हाईस्कूल में 57304 तथा इंटरमीडिएट में 56468 परीक्षार्थी हैं। हाईस्कूल की प्रयोगात्मक परीक्षाएं पिछले साल की तरह विद्यालय स्तर पर आंतरिक मूल्यांकन (प्रोजेक्ट कार्य) के आधार पर कराई जाएंगी। हाईस्कूल के व्यक्तिगत परीक्षार्थी अपने अग्रसारण केंद्र के प्रधानाचार्य से संपर्क कर प्रयोगात्मक परीक्षा में सम्मिलित होंगे।
इंटरमीडिएट की खेल एवं शारीरिक शिक्षा के प्राप्तांक विद्यालयों के प्रधानाचार्य के माध्यम से बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे। व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के लिए जो कॉलेज प्रयोगात्मक परीक्षा केंद्र बने हैं, वहां संबंधित विषयों के शिक्षक 50 प्रतिशत अंक आंतरिक मूल्यांकन के तहत देंगे और वाह्य परीक्षक भी इतने ही अंक दे सकेंगे। इंटरमीडिएट परीक्षा में पंजीकृत संस्थागत व व्यक्तिगत परीक्षार्थियों की अनिवार्य विषय खेल व शारीरिक शिक्षा की प्रयोगात्मक परीक्षाएं विद्यालय स्तर पर प्रधानाचार्य कराएंगे।
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दिक्कत यह है कि इंटरमीडिएट विज्ञान वर्ग के परीक्षार्थियों की प्रैक्टिल कक्षाएं नहीं चल पाई हैं। दिसंबर माह में कोरोना संक्रमण की वजह से स्कूल-कॉलेज बंद हो गए। इस वजह से परीक्षार्थी क्लास नहीं कर सके। अब प्रयोगात्मक परीक्षाओं की तिथियां घोषित होने के बाद आननफानन में तैयारियां की जा रही हैं। राजकीय विद्यालयों में लैब बदहाल पड़े हैं।
शहर के राजकीय इंटर कॉलेज व राजकीय बालिका इंटर कॉलेज सहित जिले के अधिकांश राजकीय कॉलेजों में संसाधनों की कमी से प्रयोगात्मक परीक्षाए नहीं कराई जा सकी हैं। डीआईओएस डॉ. सर्वदानंद ने बताया कि प्रयोगात्मक परीक्षा से पहले प्रयोगात्मक कक्षाएं पूर्ण करने का निर्देश दिया गया था। परीक्षा में कोविड-19 से बचाव के सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाएगा।
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यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटर की परीक्षा में इस बार कुल 113772 परीक्षार्थी हैं। इनमें 60647 बालक तथा 53125 बालिकाएं हैं। हाईस्कूल में 57304 तथा इंटरमीडिएट में 56468 परीक्षार्थी हैं। हाईस्कूल की प्रयोगात्मक परीक्षाएं पिछले साल की तरह विद्यालय स्तर पर आंतरिक मूल्यांकन (प्रोजेक्ट कार्य) के आधार पर कराई जाएंगी। हाईस्कूल के व्यक्तिगत परीक्षार्थी अपने अग्रसारण केंद्र के प्रधानाचार्य से संपर्क कर प्रयोगात्मक परीक्षा में सम्मिलित होंगे।
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इंटरमीडिएट की खेल एवं शारीरिक शिक्षा के प्राप्तांक विद्यालयों के प्रधानाचार्य के माध्यम से बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे। व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के लिए जो कॉलेज प्रयोगात्मक परीक्षा केंद्र बने हैं, वहां संबंधित विषयों के शिक्षक 50 प्रतिशत अंक आंतरिक मूल्यांकन के तहत देंगे और वाह्य परीक्षक भी इतने ही अंक दे सकेंगे। इंटरमीडिएट परीक्षा में पंजीकृत संस्थागत व व्यक्तिगत परीक्षार्थियों की अनिवार्य विषय खेल व शारीरिक शिक्षा की प्रयोगात्मक परीक्षाएं विद्यालय स्तर पर प्रधानाचार्य कराएंगे।
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दिक्कत यह है कि इंटरमीडिएट विज्ञान वर्ग के परीक्षार्थियों की प्रैक्टिल कक्षाएं नहीं चल पाई हैं। दिसंबर माह में कोरोना संक्रमण की वजह से स्कूल-कॉलेज बंद हो गए। इस वजह से परीक्षार्थी क्लास नहीं कर सके। अब प्रयोगात्मक परीक्षाओं की तिथियां घोषित होने के बाद आननफानन में तैयारियां की जा रही हैं। राजकीय विद्यालयों में लैब बदहाल पड़े हैं।
शहर के राजकीय इंटर कॉलेज व राजकीय बालिका इंटर कॉलेज सहित जिले के अधिकांश राजकीय कॉलेजों में संसाधनों की कमी से प्रयोगात्मक परीक्षाए नहीं कराई जा सकी हैं। डीआईओएस डॉ. सर्वदानंद ने बताया कि प्रयोगात्मक परीक्षा से पहले प्रयोगात्मक कक्षाएं पूर्ण करने का निर्देश दिया गया था। परीक्षा में कोविड-19 से बचाव के सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाएगा।