फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   Poor care: Mercury left for to rot in mortuary

गजब की लापरवाही : मर्चरी में सडने के लिए छोड़ दिया शव

Sat, 26 Jan 2019 12:53 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़ Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 26 Jan 2019 12:53 AM IST
विज्ञापन
Poor care: Mercury left for to rot in mortuary
पोस्टमार्टम हाउस
 स्वास्थ्य विभाग के अफसर और कर्मचारी पूरी तरह से लापरवाह हो गए हैं। अस्पताल में इलाज के दौरान सात दिनों पहले एक वृद्ध की मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने उसका मर्चरी में रखवा दिया। पोस्टमार्टम तक नहीं कराया गया। इसकी सूचना पुलिस को भी नहीं दी गई। बीते सात दिनों से शव मर्चरी में सड़ रहा है। इस ओर किसी का ध्यान नहीं पड़ रहा है।
विज्ञापन


संग्रामपुर थाना क्षेत्र के भैसौना गांव निवासी बाबा रामलाल (70) गांव मेें स्थित एक मंदिर पर रहकर पूजा पाठ करते थे। गांव के लोग उन्हें खाना खिलाते थे। परिवार के लोगों से उन्होंने नाता तोड़ लिया था। 6 जनवरी को वह बीमार पड़ गए। गांव के कुछ लोग उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराकर घर चले गए। इलाज के दौरान 18 जनवरी की दोपहर रामलाल की हालत बिगड़ गई। मेडिकल वार्ड में उनकी मौत हो गई। नर्स ने कागजी कोरम पूरा करने के बाद रामलाल को अस्पताल में भर्ती कराने वाले लोगों को फोन पर जानकारी दी, मगर वह शव लेने अस्पताल नहीं आए।
विज्ञापन


नर्स ने इसकी सूचना तत्काल इलाज कर रहे डॉक्टर आरपी चौबे और सीएमएस योगेंद्र यति को देते हुए शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिए पुलिस को सूचना देने के लिए लिखापढ़ी की। मगर, स्वास्थ्य विभाग के अफसर और कर्मचारी शव को मर्चरी में रखवाने के बाद भूल गए। सात दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी। स्वास्थ्य विभाग के इस लापरवाही के चलते मंदिर के पुजारी का शव सड़ रहा है। मरने के सात दिन बीत जाने के बाद भी अंतिम संस्कार नहीं हो सका।  
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या है नियम
अज्ञात लोगों की मौत के बाद 36 घंटे तक शव को पहचान के लिए रखा जाता है। 72 घंटे में यदि पहचान नहीं हो रही है तो पंचायतनामा भरकर पुलिस को पोस्टमार्टम कराना होता है। मगर जिला अस्पताल में इलाज के दौरान एक मंदिर के पुजारी की मौत के सात दिन बीत जाने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह लापरवाह बना हुआ है।  

इलाज के दौरान मौत पर पुलिस को देनी पड़ती है सूचना
जिला और महिला अस्पताल में इलाज के दौरान यदि किसी की मौत हो जाती है तो तत्काल स्वास्थ्य विभाग को पुलिस के पास सूचना भेजनी होती है। जिससे पुलिस अपनी कागजी कोरम पूरा करके शव का पोस्टमार्टम करा सके। मगर जिला अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मचारियों की लापरवाही के चलते शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका।  


मामले की जानकारी है। पुलिस पंचायतनामा भरेगी तब पोस्टमार्टम होगा।   
योगेंद्र यति, सीएमएस, जिला अस्पताल।  

अभी तक हमारे पास किसी की मौत की सूचना नहीं आई है। सूचना मिलने के बाद पंचायतनामा भरवाकर पोस्टमार्टम कराया जाएगा। शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा।  
रवींद्र श्रीवास्तव, कोतवाल।

पुजारी की मौत के सात दिन बाद भी पोस्टमार्टम नहीं हुआ है तो यह गलत है। इसकी जांच कराई जाएगी, सीएमएस से स्पष्टीकरण मागा जाएगा। कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ को आदेश दिया गया है कि एएसपी से बात करके तत्काल ताला तोड़वाकर पोस्टमार्टम कराया जाए।  
एके पालीवाल, अपर निदेशक, स्वास्थ्य, प्रयागराज।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed