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प्रमोद के गढ़ में सपा ने लगाई सेंध
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Sun, 07 Feb 2016 10:49 PM IST
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राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी के दुर्ग में पहली बार सपा ने सेंध लगाते हुए लालगंज ब्लाक प्रमुख की कुर्सी पर कब्जा जमा लिया है। लालगंज ब्लाक में लंबे समय से कांग्रेस का प्रत्याशी जीतता रहा है। मगर इस वर्ष सपा प्रत्याशी रमेश प्रताप सिंह ने कांग्रेस प्रत्याशी को तगड़ा झटका देते हुए छह मतों से विजय हासिल की है।
रामपुरखास विधान सभा के इतिहास में लालगंज ब्लाक में पहली बार ऐसा देखने को मिला कि गैर कांग्रेसी ने ब्लाक प्रमुख की कुर्सी हथिया ली है। अभी तक राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी जिसके सिर पर हाथ रखते थे, वही व्यक्ति कुर्सी पर बैठता था। रामपुर संग्रामगढ़ और सांगीपुर ब्लाक में निर्विरोध ब्लाक प्रमुख का चयन कराने वाले कांग्रेसियों की लालगंज में दाल नहीं गली। राजनीति के क्षेत्र में पहली बार ब्लाक प्रमुख की कुर्सी पर बैठने वाले रमेश प्रताप सिंह अपने गांव अर्जुनपुर के प्रधान और प्रधान संघ के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उनके छोटे भाई नागेश प्रताप सिंह उर्फ छोटे सरकार ने विधानसभा चुनाव में प्रमोद तिवारी के खिलाफ चुनाव लड़ा था।
मगर जनता ने उनकी एक नहीं सुनी। रविवार को ब्लाक प्रमुख चुने जाने वाले रमेश प्रताप सिंह ने चुनाव में पूरी ताकत लगा दी थी, मगर उन्हें विश्वास नहीं हो रहा था कि वह चुनाव जीत पाएंगे। नामांकन के दो दिन पहले जिलाधिकारी से मिलकर उन्होंने पर्चा निरस्त कराने और नामांकन से रोकने की शिकायत की थी। रविवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ। मतदान प्रारंभ होने के पहले ही डीएम से गड़बड़ी होने की शिकायत की। डीएम मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यालय से निकले और लालगंज ब्लाक पहुंच गए। फिलहाल रमेश प्रताप सिंह की जीत से कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा है।
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रामपुरखास विधान सभा के इतिहास में लालगंज ब्लाक में पहली बार ऐसा देखने को मिला कि गैर कांग्रेसी ने ब्लाक प्रमुख की कुर्सी हथिया ली है। अभी तक राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी जिसके सिर पर हाथ रखते थे, वही व्यक्ति कुर्सी पर बैठता था। रामपुर संग्रामगढ़ और सांगीपुर ब्लाक में निर्विरोध ब्लाक प्रमुख का चयन कराने वाले कांग्रेसियों की लालगंज में दाल नहीं गली। राजनीति के क्षेत्र में पहली बार ब्लाक प्रमुख की कुर्सी पर बैठने वाले रमेश प्रताप सिंह अपने गांव अर्जुनपुर के प्रधान और प्रधान संघ के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उनके छोटे भाई नागेश प्रताप सिंह उर्फ छोटे सरकार ने विधानसभा चुनाव में प्रमोद तिवारी के खिलाफ चुनाव लड़ा था।
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मगर जनता ने उनकी एक नहीं सुनी। रविवार को ब्लाक प्रमुख चुने जाने वाले रमेश प्रताप सिंह ने चुनाव में पूरी ताकत लगा दी थी, मगर उन्हें विश्वास नहीं हो रहा था कि वह चुनाव जीत पाएंगे। नामांकन के दो दिन पहले जिलाधिकारी से मिलकर उन्होंने पर्चा निरस्त कराने और नामांकन से रोकने की शिकायत की थी। रविवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ। मतदान प्रारंभ होने के पहले ही डीएम से गड़बड़ी होने की शिकायत की। डीएम मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यालय से निकले और लालगंज ब्लाक पहुंच गए। फिलहाल रमेश प्रताप सिंह की जीत से कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा है।
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