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नहीं हुई थी पोस्टल मतों की गिनती

Sat, 13 Aug 2016 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़ Updated Sat, 13 Aug 2016 12:08 AM IST
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2012 के विधानसभा चुनाव में मतगणना के दौरान जिले की किसी भी विधानसभा क्षेत्र के पोस्टल बैलेट की गिनती नहीं की गई। चुनाव आयोग के निर्देशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गईं। तत्कालीन आरओ ने इन वोटों की गिनती में दिलचस्पी ही नहीं दिखाई। पट्टी विधानसभा में पोस्ट बैलेट की गिनती न होने और जीत का अंतर पोस्टल बैलेट से कम होने के कारण विधायक राम सिंह का निर्वाचन रद्द कर दिया गया। जबकि अन्य विधानसभाओं में जीते प्रत्याशियों के वोटों की संख्या पोस्टल बैलेट मतों से अधिक होने के कारण किसी ने भी आवाज नहीं उठाई। पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह उर्फ मोती सिंह की याचिका पर पट्टी विधानसभा से राम सिंह का निर्वाचन रद्द होने के बाद इस मामले का खुलासा हुआ है। चुनाव आयोग ने पोस्टल मतों की गिनती न कराए जाने को लेकर जिला प्रशासन से रिपोर्ट तलब किया था। जिस पर जिला प्रशासन ने मामले से संबंधित सारी सूचना निर्वाचन आयोग को भेजा है।
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2012 के विधानसभा चुनाव में पट्टी को छोड़कर अन्य विधानसभाओं में विजयी और हारने वाले प्रत्याशियों के बीच मतों का अंतर काफी ज्यादा था। यही कारण था कि हारने वाले किसी भी प्रत्याशी ने पोस्टल बैलेट न गिने जाने को लेकर आवाज नहीं उठाई। अगर, कोई प्रत्याशी इस दिशा पहल भी करता और पोस्टल बैलेट गिने जाते तो केवल हार  का अंतर कम हो सकता था। पट्टी में सिर्फ 156 मतों से सपा प्रत्याशी राम सिंह ने पूर्व मंत्री मोती सिंह को शिकस्त दी थी। जबकि न गिने जाने वाले पोस्टल बैलेट की संख्या 955 थी। इसी को आधार बनाते हुए मोती सिंह ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी। जिस पर कोर्ट ने राम सिंह का निर्वाचन रद्द कर दिया। यह मामला सुर्खियों में आने के बाद चुनाव आयोग ने अन्य विधानसभाओं के पोस्टल बैलेट के बारे में जानकारी मांगी तो नया खुलासा हुआ। पता चला है कि रामपुरखास, सदर, रानीगंज, बाबागंज, कुंडा, विश्वनाथगंज विधानसभा में भी आरओ ने पोस्टल मतों की गिनती नहीं कराई थी।
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चुनाव आयोग के सवाल पर जिला प्रशासन ने अपनी रिपोर्ट भेज दी है। सूत्रों के मुताबिक, मतदान अधिकारियों ने ऐन वक्त पर यह कहकर पोस्टल बैलेट की गणना पर रोक लगा दी थी कि इसके साथ शपथपत्र नहीं है। मगर, हाईकोर्ट का निर्णय आने के बाद चुनाव आयोग सक्रिय हो गया है। जिला प्रशासन को नोटिस जारी कर पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है। अगर चुनाव आयोग ने सख्ती दिखाई तो सभी विधानसभाओं के आरओ पर गाज गिर सकती है। जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह का कहना है िक  पोस्टल बैलेट की गणना के बाबत चुनाव आयोग ने जिला प्रशासन से सूचना मांगी थी, जिसकी रिपोर्ट भेज दी गई है। यह मामला चुनाव आयोग से जुड़ा है। ऐसे में बिना उसकी अनुमति के मैं कुछ टिप्पणी नहीं कर सकता।
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