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पहली बार सियासी मंच पर साथ आए राजाभैया, प्रमोद
प्रतापगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 22 Feb 2017 12:01 AM IST
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political news
बेल्हा की सियासत में कभी धुर-विरोधी माने जाने वाले दिग्गज कांग्रेसी नेता प्रमोद तिवारी और राजाभैया मंगलवार को पहली बार सियासी मंच पर एक साथ नजर आए। केपी कालेज ग्राउंड पर आयोजित मुख्यमंत्री की चुनावी जनसभा में दोनों आसपास बैठे तो राजनीतिक दूरी खत्म होती नजर आई। इसी मंच पर पूर्व सांसद राजकुमारी रत्ना सिंह भी मौजूद थीं। सीएम की सभा में जब जो दिग्गज साथ बैठे तो बातें भी हुईं और गुफ्तगु भी। दोनों के बीच बातचीत और अंदाज देखकर लगा ही नहीं कि कभी ये एक-दूसरे के कट्टर के विरोधी थे।
लोकसभा और विधानसभा चुनाव तो छोड़ दीजिए, जिला पंचायत और ब्लाक प्रमुख जैसे पदों पर होने वाले चुनाव के लिए भी बीते दो दशक से एक दूसरे को सियासी पटकनी देने के लिए कांग्रेस के सियासी दिग्गज प्रमोद तिवारी और बाहुबली विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया भले ही एक दूसरे के आमने-सामने कभी न आए हों, लेकिन जनसभाओं और चुनाव जीतने के लिए बनने वाली रणनीति में शाह मात का खेल लगातार चलता रहा। सभाओं में शब्दबाण भी चलते रहे। दोनों सियासी दिग्गज एक दूसरे पर मौका मिलने पर पलटवार करते भाी दिखे। कुछ वर्षों पहले लोकसभा चुनाव के दौरान हुए विवाद को लेकर दोनों के बीच कड़वाहट और बढ़ गई थी, लेकिन वक्त ने ऐसी करवट बदली कि दोनों के बीच की खाई अब पटती दिख रही है।
पहले जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में राजाभैया व सपा समर्थित प्रत्याशी उमाशंकर यादव को कांग्रेसी दिग्गजाें का मौन समर्थन मिला और अब कांग्रेस-सपा के बीच गठबंधन होने के बाद दोनों एक-दूसरे के लिए समर्थन भी मांगते नजर आ रहे हैं। मंगलवार को प्रतापगढ़ में आयोजित मुख्यमंत्री की जनसभा में दोनों पहली बार एक साथ सियासी मंच पर नजर आए। मंच पर पहले से ही कांग्रेसी दिग्गज प्रमोद तिवारी व पूर्व सांसद राजकुमारी रत्ना सिंह मौजूद थीं। अखिलेश के साथ राजाभैया भी चुनावी मंच पर बैठे। लोगों का अभिवादन करने के बाद सीएम अखिलेश ने भाषण शुरू किया। जिसके बाद कांग्रेसी नेता प्रमोद तिवारी और राजा भैया अगल-बगल कुर्सी पर बैठ गए।
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लोकसभा और विधानसभा चुनाव तो छोड़ दीजिए, जिला पंचायत और ब्लाक प्रमुख जैसे पदों पर होने वाले चुनाव के लिए भी बीते दो दशक से एक दूसरे को सियासी पटकनी देने के लिए कांग्रेस के सियासी दिग्गज प्रमोद तिवारी और बाहुबली विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया भले ही एक दूसरे के आमने-सामने कभी न आए हों, लेकिन जनसभाओं और चुनाव जीतने के लिए बनने वाली रणनीति में शाह मात का खेल लगातार चलता रहा। सभाओं में शब्दबाण भी चलते रहे। दोनों सियासी दिग्गज एक दूसरे पर मौका मिलने पर पलटवार करते भाी दिखे। कुछ वर्षों पहले लोकसभा चुनाव के दौरान हुए विवाद को लेकर दोनों के बीच कड़वाहट और बढ़ गई थी, लेकिन वक्त ने ऐसी करवट बदली कि दोनों के बीच की खाई अब पटती दिख रही है।
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पहले जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में राजाभैया व सपा समर्थित प्रत्याशी उमाशंकर यादव को कांग्रेसी दिग्गजाें का मौन समर्थन मिला और अब कांग्रेस-सपा के बीच गठबंधन होने के बाद दोनों एक-दूसरे के लिए समर्थन भी मांगते नजर आ रहे हैं। मंगलवार को प्रतापगढ़ में आयोजित मुख्यमंत्री की जनसभा में दोनों पहली बार एक साथ सियासी मंच पर नजर आए। मंच पर पहले से ही कांग्रेसी दिग्गज प्रमोद तिवारी व पूर्व सांसद राजकुमारी रत्ना सिंह मौजूद थीं। अखिलेश के साथ राजाभैया भी चुनावी मंच पर बैठे। लोगों का अभिवादन करने के बाद सीएम अखिलेश ने भाषण शुरू किया। जिसके बाद कांग्रेसी नेता प्रमोद तिवारी और राजा भैया अगल-बगल कुर्सी पर बैठ गए।
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