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46 हजार खर्च करेंगे, पकड़वा दो 46 जिलाबदर

Mon, 13 Aug 2018 11:18 PM IST
प्रतापगढ़ ब्यूरो
प्रतापगढ़ ब्यूरो Updated Mon, 13 Aug 2018 11:18 PM IST
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पुलिस की मदद कर जिला बदर अपराधियों को पकड़वाने वाले लोगों को एक हजार रुपये इनाम मिलेगा। चाहे वह पुलिसकर्मी हों या फिर आम आदमी। जिला बदर की सूचना देकर गिरफ्तार कराने वाले लोगों को पुलिस अधीक्षक की ओर से एक हजार रुपये इनाम दिया जाएगा।  
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पुलिस अधीक्षक देवरंजन वर्मा ने जिले के 46 जिला बदर अपराधियों को पकड़ने के लिए नई पहल शुरू की है। जिलाबदर घोषित अपराधियों को जिले की सीमा से बाहर रहना चाहिए। अक्सर देखने में आ रहा है कि कार्रवाई का नोटिस मिलने के बाद भी जिला बदर अपराधी अपने घर पर ही बने रहते हैं। क्षेत्र में घटना होने पर वह भूमिगत हो जाते हैं। जैसे ही मामला ठंडा होता है वह फिर अपने ठिकाने पर आकर रहने लगते हैं। जिला बदर अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस अधीक्षक देवरंजन वर्मा ने नई पहल की है। उन्होंने ऐलान किया है कि जो भी व्यक्ति जिला बदर अपराधियों को पकड़वाएगा या पकड़कर पुलिस को सौंपेगा, उसे एक हजार रुपये इनाम मिलेगा। आम जनता अपने इलाके के जिला बदर अपराधियों के बारे में सूचना दे सकती है। उसका नाम गोपनीय रखा जाएगा। जिला बदर अपराधियों की कार्रवाई के दौरान सूचना देने वालों का नाम गुप्त रखा जाएगा। जिला बदर पकड़ने वाले कोतवाली और थाने के पुलिसकर्मियों को भी इनाम मिलेगा।
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सभी थानों में लगेगी जिलाबदर की सूची
जिले के सभी थानों मेें जिला बदर अपराधियों की सूची चस्पा होगी। क्षेत्र के टाप टेन अपराधियों के अलावा हिस्ट्रीशीट और जिलाबदर लोगों की सूची अलग से परिसर में चस्पा कराई जाएगी। ताकि आम लोगों को जिलाबदर व क्षेत्रीय अपराधियों की जानकारी हो सके।
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चौकी प्रभारी व दरोगा को मिलेगा सिम
पुलिस अधीक्षक देवरंजन वर्मा ने चौकी प्रभारी से लेकर पुलिस कार्यालय और कोतवाली, थानों में तैनात निरीक्षक, उपनिरीक्षकों के साथ ही पुलिसकर्मियों को जियो का सिम दिया जाएगा। पुलिस विभाग ने 130 सिम खरीदे हैं। जो जल्द ही वितरित किए जाएंगे। अभी तक सभी दरोगा व चौकी प्रभारी का मोबाइल नंबर जरूरत पडने पर नहीं मिल पाता था। सभी के मोबाइल नंबर पर व्हाटसएप चलता रहेगा। सभी नंबरों को मिलाकर ग्रुप बनाया जाएगा। जिसमें सभी निरीक्षक, चौकी प्रभारी और दरोगा को जोड़ा जाएगा। सूचनाओं काश आदान प्रदान करने के साथ ही अफसर उनका लोकेशन भी जरूरत पड़ने खोज सकेंगे। फिलहाल नए मोबाइल सिम ने पुलिसकर्मियों का सिरदर्द जरूर बढ़ा दिया है।
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