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संवेदनहीन बनी पुलिस, चाकू के 11 घाव होने के बाद भी नहीं लिखा मुकदमा
Tue, 20 Jul 2021 12:02 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 20 Jul 2021 12:02 AM IST
सार
खेत में काम करने गए युवक के घर में घुसकर दबंग पड़ोसी लाखों रुपये की चोरी कर ले गया। लौटने पर इसकी जानकारी युवक को हुई तो उसने पूछताछ शुरू कर दी।
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विस्तार
खेत में काम करने गए युवक के घर में घुसकर दबंग पड़ोसी लाखों रुपये की चोरी कर ले गया। लौटने पर इसकी जानकारी युवक को हुई तो उसने पूछताछ शुरू कर दी। बातचीत के दौरान पड़ोसी ने उस पर हमला कर दिया। इस दौरान चाकू से उसने उसके शरीर पर 11 वार किए। उसकी पत्नी, भाई और भयाहू को भी पीटा। सूचना पर पुलिस पहुंची और उसे कोतवाली ले आई। मेडिकल कराने के बाद भी उसका मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।
कोतवाली क्षेत्र के पीरानगर गांव निवासी राजेंद्र कुमार (35) शनिवार को अपने पत्नी और बच्चों के साथ खेत में काम करने गया था। लौटा तो उसके घर के सामान बिखरे हुए थे। जेवरात गायब थे। इस पर राजेंद्र ने पड़ोसी से पूछताछ शुरू कर दी। इससे गुस्साए पड़ोसी ने उस पर चाकू से हमला कर दिया। पूरे शरीर में उसने चाकू से 11 घाव किए। इसके साथ ही उसकी पत्नी मीना, भाई दुर्गेश व भयाहू को भी लाठी-डंडे से पीटा।
आसपास के लोगों के हस्तक्षेप पर उसकी जान बची। बाद में पुलिस ने उसका मेडिकल कराया। बावजूद इसके पुलिस उससे रातभर समझौते पर हस्ताक्षर करने को लेकर दबाव बनाती रही। रविवार को उससे कहा गया कि जेल में जगह नहीं है। इसलिए उसका मुकदमा नहीं दर्ज किया जा सकता।
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इसके बाद उसका मेडिकल गायब होने की बात कही गई। काफी देर बैठे रहने के बाद उसे डांटकर भगा दिया गया। शरीर पर चाकुओं के 11 घाव लिए वह इलाज के लिए भटक रहा है। उधर, एसओ का कहना है कि सारे आरोप गलत हैं। पीड़ित का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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कोतवाली क्षेत्र के पीरानगर गांव निवासी राजेंद्र कुमार (35) शनिवार को अपने पत्नी और बच्चों के साथ खेत में काम करने गया था। लौटा तो उसके घर के सामान बिखरे हुए थे। जेवरात गायब थे। इस पर राजेंद्र ने पड़ोसी से पूछताछ शुरू कर दी। इससे गुस्साए पड़ोसी ने उस पर चाकू से हमला कर दिया। पूरे शरीर में उसने चाकू से 11 घाव किए। इसके साथ ही उसकी पत्नी मीना, भाई दुर्गेश व भयाहू को भी लाठी-डंडे से पीटा।
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आसपास के लोगों के हस्तक्षेप पर उसकी जान बची। बाद में पुलिस ने उसका मेडिकल कराया। बावजूद इसके पुलिस उससे रातभर समझौते पर हस्ताक्षर करने को लेकर दबाव बनाती रही। रविवार को उससे कहा गया कि जेल में जगह नहीं है। इसलिए उसका मुकदमा नहीं दर्ज किया जा सकता।
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इसके बाद उसका मेडिकल गायब होने की बात कही गई। काफी देर बैठे रहने के बाद उसे डांटकर भगा दिया गया। शरीर पर चाकुओं के 11 घाव लिए वह इलाज के लिए भटक रहा है। उधर, एसओ का कहना है कि सारे आरोप गलत हैं। पीड़ित का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।