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प्लंबर, मैकेनिक, इलेक्ट्रिशियन को मिली छूट, मरम्मत के लिए नहीं मिल रहे सामान
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कोरोना महामारी से बचाव के लिए लाकडाउन के बीच किराना, दूध, दवा और फल और सब्जी की दुकानें खोलने के लिए शासन ने छूट दी है। लोगों के घरों के जरूरी उपकरणों की मरम्मत और मोटर मैकेनिकों को भी रियायत दी गई है, लेकिन अब इनके पार्ट्स की दुकानें नहीं खुलने के कारण मैकेनिक मरम्मत नहीं कर पा रहे हैं। इससे लोगों को कोई फायदा होता नहीं दिख रहा है। दूसरी तरफ मैकेनिक भी परेशान हैं।
शासन ने 20 अप्रैल से फल, सब्जी, किराना, दूध की दुकानों के साथ ही बाइक पंक्चर, कृषि कार्य में प्रयोग होने वाली दुकानों, इलेक्ट्रानिक उपकरणों की मरम्मत और भारी वाहनों की मरम्मत करने वालों को दुकान खोलने की छूट दे रखी है। जबकि उन दुकानों को नहीं खोला गया है जहां आटो पार्ट्स और इलेक्ट्रानिक्स सामानों के उपकरण मिलते हैं। मंगलवार को डरते हुए कुछ मैकेनिकों ने दुकानें खोलीं, लेकिन दोपहर में ही बंद कर घर चले गए। उनका कहना था कि वह मरम्मत तो कर रहे हैं, लेकिन जो पार्ट्स खराब हैं उसे कहां से लाएं।
दुकान तो बंद हैं। इसका जवाब किसी भी जिम्मेदार अधिकारी के पास भी नहीं है। वाहनों का पंक्चर बनाने वालों को भी जरूरत के सामान नहीं मिल रहे। कोषागार चौराहे पर पंक्चर बनाने वाले पप्पू का कहना है कि उसके पास पंचर टायर जोड़ने के लिए सुलेशन तक नहीं है। एयरकंडीशन व फ्रिज बनाने वाले शाहिद ने बताया कि इलेक्ट्रानिक्स उपकरण की दुकानें बंद हैं। लाकडाउन के चलते कोई बाहर भी नहीं निकल रहा। छूट के बाद भी पुलिस लोगों पर कार्रवाई कर रही है। कोरोना संक्रमण का खतरा अलग से है। ऐसी दशा में दुकान बंद करना ही ठीक है।
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शासन ने 20 अप्रैल से फल, सब्जी, किराना, दूध की दुकानों के साथ ही बाइक पंक्चर, कृषि कार्य में प्रयोग होने वाली दुकानों, इलेक्ट्रानिक उपकरणों की मरम्मत और भारी वाहनों की मरम्मत करने वालों को दुकान खोलने की छूट दे रखी है। जबकि उन दुकानों को नहीं खोला गया है जहां आटो पार्ट्स और इलेक्ट्रानिक्स सामानों के उपकरण मिलते हैं। मंगलवार को डरते हुए कुछ मैकेनिकों ने दुकानें खोलीं, लेकिन दोपहर में ही बंद कर घर चले गए। उनका कहना था कि वह मरम्मत तो कर रहे हैं, लेकिन जो पार्ट्स खराब हैं उसे कहां से लाएं।
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दुकान तो बंद हैं। इसका जवाब किसी भी जिम्मेदार अधिकारी के पास भी नहीं है। वाहनों का पंक्चर बनाने वालों को भी जरूरत के सामान नहीं मिल रहे। कोषागार चौराहे पर पंक्चर बनाने वाले पप्पू का कहना है कि उसके पास पंचर टायर जोड़ने के लिए सुलेशन तक नहीं है। एयरकंडीशन व फ्रिज बनाने वाले शाहिद ने बताया कि इलेक्ट्रानिक्स उपकरण की दुकानें बंद हैं। लाकडाउन के चलते कोई बाहर भी नहीं निकल रहा। छूट के बाद भी पुलिस लोगों पर कार्रवाई कर रही है। कोरोना संक्रमण का खतरा अलग से है। ऐसी दशा में दुकान बंद करना ही ठीक है।
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